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    12 अंकों का ‘यूनिक कोड’ बनेगा रेलकर्मियों की नई पहचान, रेलवे बोर्ड ने Uniform Identity Card अनिवार्य किया

    By Jagran News Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Sun, 21 Dec 2025 04:48 PM (IST)

    भारतीय रेलवे एक देश, एक रेलवे, एक पहचान पत्र की दिशा में आगे बढ़ रहा है। रेलवे बोर्ड ने सभी रेल कर्मचारियों के लिए यूनिफार्म पहचान पत्र अनिवार्य कर दि ...और पढ़ें

    रेलवे कर्मचारियों के लिए 12 अंकों का यूनिक पहचान पत्र अनिवार्य तो फर्जी आइकार्ड पर लगाम लगेगी।

    रेलवे कर्मचारियों के लिए 12 अंकों का यूनिक पहचान पत्र अनिवार्य तो फर्जी आइकार्ड पर लगाम लगेगी।

    HighLights

    1. भारतीय रेलवे की 'एक देश, एक रेलवे, एक पहचान पत्र' व्यवस्था लागू करने की योजना

    2. फर्जी आइडी कार्डों पर लगेगी लगाम

    अमरीश मनीष शुक्ल, प्रयागराज। भारतीय रेलवे 'एक देश, एक रेलवे, एक पहचान पत्र' के सपने को साकार करने जा रहा है। रेलवे बोर्ड ने सभी रेल अधिकारियों, कर्मचारियों और कांट्रैक्ट सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए यूनिफार्म आइडेंटिटी कार्ड अनिवार्य कर दिया है। इस नई पहल की सबसे अहम कड़ी कार्ड पर अंकित होने वाला 12 अंकों का यूनिक आइडेंटिटी नंबर है, जो कर्मचारी की पूरी प्रोफाइल का एक व्यवस्थित डिजिटल आधार होगा।

    जारी होने वाले कार्डों की शुरुआत '25' नंबर से होगी

    इस कोडिंग सिस्टम को बहुत ही वैज्ञानिक तरीके से तैयार किया गया है। इसमें पहले दो अंक कार्ड जारी होने वाले वर्ष को दर्शाएंगे, जैसे वर्ष 2025 में जारी होने वाले कार्डों की शुरुआत '25' नंबर से होगी। इसके बाद के दो अंक संबंधित रेलवे जोन या यूनिट के विशिष्ट कोड के लिए आरक्षित होंगे। उदाहरण के तौर पर उत्तर मध्य रेलवे के लिए 09 और दक्षिण रेलवे के लिए 10 जैसे कोड निर्धारित किए गए हैं।

    कोडिंग व्यवस्था से फर्जी आइकार्ड पर लगेगा लगाम 

    पांचवें और छठें स्थान पर आने वाले अंक कर्मचारी के विशिष्ट डिवीजन, वर्कशाप या मुख्यालय की जानकारी देंगे, जबकि अंतिम छह अंक कर्मचारी का व्यक्तिगत सीरियल नंबर होंगे। यह पारदर्शी कोडिंग व्यवस्था न केवल फर्जी आइडी कार्डों पर लगाम लगाएगी, बल्कि सुरक्षा जांच के दौरान केवल नंबर देखकर ही कर्मचारी की तैनाती का सटीक पता लगाया जा सकेगा।

    रेलवे बोर्ड ने जारी की गाइडलाइन 

    रेलवे बोर्ड ने उत्तर मध्य रेलवे सहित सभी जोनल रेलवे, प्रोडक्शन यूनिट्स और संस्थानों के महाप्रबंधकों को पत्र भेजकर नई गाइडलाइन जारी कर दी गई है। इस नई व्यवस्था के लागू होने से अब देशभर के रेल कर्मचारियों के पहचान पत्र एक जैसे नजर आएंगे और अलग-अलग रंग व डिजाइन का पुराना झंझट पूरी तरह खत्म हो जाएगा।

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    आइडी कार्ड एक ही डिजाइन और एक ही रंग का होगा

    वर्तमान में भारतीय रेलवे के विभिन्न जोन अपनी सुविधा के अनुसार अलग-अलग रंग, साइज और डिजाइन के आईडी कार्ड जारी करते हैं, जिससे अक्सर पहचान सुनिश्चित करने में एकरूपता की कमी दिखती थी। इसी विसंगति को दूर करने के लिए अब पूरे भारतीय रेलवे में सभी रेल कर्मियों का आइडी कार्ड एक ही डिजाइन और एक ही रंग का होगा। रेलवे बोर्ड ने इसके लिए आधिकारिक डिजाइन और भौतिक नमूने भी जारी कर दिए हैं, ताकि पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक रेलकर्मियों की पहचान में समानता और मानक सुनिश्चित किए जा सकें।

    ठेका कर्मियों पर भी लागू होगा यह नियम 

    रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह नियम स्थायी रेल कर्मियों के साथ ही रेलवे में अपनी सेवाएं दे रहे ठेका कर्मचारियों पर भी समान रूप से लागू होगा। उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि बोर्ड के निर्देशानुसार नए 'स्मार्ट' पहचान पत्र को लागू किया जाएगा।

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