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माघ का महीना बीता, कल्पवास खत्म फिर भी मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं का लगा है तांता, मन में संगम स्नान की लालसा

By Gyanendra Singh Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Tue, 03 Feb 2026 05:04 PM (IST)

माघ पूर्णिमा के बाद भी प्रयागराज में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। संगम में डुबकी लगाने के लिए लाखों ...और पढ़ें

प्रयागराज संगम में आस्था की डुबकी लगाने वाले श्रद्धालुओं की मेला क्षेत्र में जुटी भीड़। जागरण

प्रयागराज संगम में आस्था की डुबकी लगाने वाले श्रद्धालुओं की मेला क्षेत्र में जुटी भीड़। जागरण 

HighLights

  1. मेला में पुलिस बैरियर हटते ही उमड़ा श्रद्धालुओं का रेला, आज व कल त्रिजटा स्नान

  2. माघी पूर्णिमा बीतने के बाद भी लाखों श्रद्धालुओं की संगम में दिख रही आस्था

  3. महाशिवरात्रि पर्व तक इसी तरह स्नानार्थियों के मेला क्षेत्र में आने की उम्मीद

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। माघी पूर्णिमा के साथ ही माघ महीना और कल्पवास समाप्त हो चुका है। हालांकि मेला में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगा रहे। मेला प्रशासन ने दावा किया कि सोमवार को लगभग 24.5 लाख श्रद्धालुओं ने स्नान किया। त्रिजटा स्नान पर्व पर आज मंगलवार और बुधवार को भी भारी भीड़ उमड़ने का अनुमान है। इस स्नान पर्व पर डुबकी लगाने के लिए काफी संख्या में संत और गृहस्थ कल्पवासी मेला में रुके हैं।

महाशिवरात्रि तक भीड़ बनी रहने की संभावना

मेला में 15 फरवरी महाशिवरात्रि के प्रमुख स्नान पर्व तक भीड़ आने की संभावना जताई गई है। जिस तरह से वसंत पंचमी स्नान पर्व के बाद प्रत्येक दिन श्रद्धालुओं का मेला में उमड़ रहा है, उससे तो यही उम्मीद जताई जा रही है। अचला सप्तमी और माघी पूर्णिमा पर स्नानार्थियों के आने के पिछले सभी रिकार्ड टूट चुके हैं। माघी पूर्णिमा तक लगभग 22 करोड़ श्रद्धालु संगम और गंगा में डुबकी लगा चुके हैं।

खास-बातें

- 22 करोड़ श्रद्धालु माघी पूर्णिमा तक संगम में लगा चुके हैं डुबकी
- 24 लाख श्रद्धालुओं के पूर्णिमा के दूसरे दिन डुबकी लगाने का दावा

कल भी जुटेंगे श्रद्धालु 

काली मार्ग, त्रिवेणी मार्ग, संगम अपर मार्ग, संगम लोअर मार्ग पर श्रद्धालुओं की कतार लग रही है। मंगलवार और बुधवार को त्रिजटा स्नान पर्व का मुहूर्त है। मंगलवार शाम से त्रिजटा स्नान का मुहूर्त शुरू हो जाएगा। दो दिनों में 45 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान मेला प्रशासन ने लगाया है जिसके मुताबिक ही सभी प्रबंध भी किए जा रहे हैं।

त्रिजटा स्नान पर्व पर सुरक्षा 

संगम समेत गंगा के विभिन्न घाटों पर अतिरिक्त फोर्स के साथ मजिस्ट्रेटों की तैनाती कराई जा रही है। जो संत व कल्पवासी माघ मेला क्षेत्र में रुके हैं, वह संगम व गंगा में त्रिजटा स्नान करके लौटेंगे। उप मेलाधिकारी विवेक शुक्ला ने बताया कि त्रिजटा स्नान पर्व को लेकर भी प्रशासनिक व्यवस्था की गई है। स्नान घाटों के साथ ही पांटून पुलों और सभी प्रमुख मार्गों पर मजिस्ट्रेटों की तैनाती की जा रही है।

माघी पूर्णिमा के बाद बचे कल्पवासी कल होंगे रवाना

संगम तट पर महाशिवरात्रि तक मेला चलता है लेकिन कल्पवास का विधान पौष पूर्णिमा से माघी पूर्णिमा तक माना जाता है। यही कारण है कि अधिकतर संत व कल्पवासी माघी पूर्णिमा का स्नान करके लौट गए हैं। जो रुके हैं वे त्रिजटा स्नान कर बुधवार को घर लौटेंगे। माघी पूर्णिमा के तीसरे दिन फाल्गुन कृष्णपक्ष की तृतीया तिथि पड़ती है। जो संत व कल्पवासी माघी पूर्णिमा पर मेला क्षेत्र नहीं छोड़ते वो त्रिजटा का स्नान करके गंतव्य को जाते हैं।

तीन सेक्टर वीरान, संगम व परेड अब भी गुलजार

इस बार माघ मेला सात सेक्टरों में बसाया गया था। सेक्टर पांच, छह व सात अब वीरान हो चुके हैं। इन सेक्टरों में अब पुलिस, प्रशासन व विभिन्न विभागों के ही शिविर बचे हैं। वहीं सेक्टर एक, दो तथा सेक्टर तीन परेड क्षेत्र गुलजार है। सेक्टर चार में भी कुछ संत बचे हैं।

क्या कहते हैं मेलाधिकारी

मेलाधिकारी ऋषिराज का कहना है कि माघी पूर्णिमा स्नान पर्व के दूसरे दिन भी काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई। लगभग 24.5 लाख श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई है। त्रिजटा स्नान पर्व भी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है, जिसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

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