UP MLC Election : प्रयागराज में हंगामे के बीच स्नातक एमएलसी चुनाव में 32.86 प्रतिशत मतदान, लगे आरोप-प्रत्यारोप
प्रयागराज में स्नातक एमएलसी चुनाव के लिए शुक्रवार सुबह से मतदान शुरू हुआ, जिसमें दोपहर 12 बजे तक 9.54% मतदान ...और पढ़ें

UP स्नातक एमएलसी चुनाव के तहत प्रयागराज में मतदान करने के बाद उत्साही वोटर। प्रयागराज
HighLights
सपा प्रत्याशी ने लगाया सेक्टर मजिस्ट्रेट पर भाजपा प्रत्याशी के नाम की पर्ची रखने का आरोप
जिन मतदाताओं के नामों में त्रुटियां थीं, उनका मतदान वोटर आइडी कार्ड देखकर कराया गया
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। UP MLC Election इलाहाबाद-झांसी खंड विधान परिषद सदस्य के मतदान के दौरान शुक्रवार को कई मतदान केंद्रों पर हंगामा हुआ। कहीं पर नामों में गड़बड़ी तो किसी केंद्र पर गड़बड़ी का आरोप लगाकर नोकझोंक हुई। हंगामे के बीच जनपद में 32.86 प्रतिशत मतदान हुआ।
सपा प्रत्याशी व समर्थकों ने लगाया आरोप
मोतीलाल नेहरू इंजीनियरिंग कॉलेज में मतदान के दौरान पहुंचे सपा प्रत्याशी डॉ. मान सिंह यादव और समर्थकों ने यहां सेक्टर मजिस्ट्रेट डॉ. एसएन यादव पर भाजपा प्रत्याशी के नाम की पर्ची रखने का आरोप लगाया। डॉ. मान सिंह ने आरोप लगाया कि पीठासीन अधिकारी द्वारा मतपत्र पर खड़ी पाई के बगल में जीरो लगाने की सलाह मतदाताओं को दी जा रही थी।
अधिकारियों ने कानूनी कार्रवाई का दिया आश्वासन
जानकारी मिलने पर वहां पहुंचे कार्यकर्ताओं ने इसे गलत तरीका बताते हुए जब सेक्टर मजिस्ट्रेट से शिकायत की तो उन्होंने भी पीठासीन अधिकारी के तरीके का समर्थन किया। यह भी आरोप लगाया कि सेक्टर मजिस्ट्रेट के हाथ में एक पर्ची भी मिली जो भाजपा प्रत्याशी के नाम की थी। मौजूद एसडीएम, एसीपी से मजिस्ट्रेट के ऊपर इस कृत्य के लिए कानूनी कार्रवाई की बात कही गई। वहीं, रणजीत पंडित इंटर कालेज नैनी में पीठासीन अधिकारी द्वारा मतदाताओं पर भाजपा प्रत्याशी को वोट देने का दबाव बनाने के साथ ही सेंट अंथोनी, शिव इंटर कालेज कटहरा में चुनाव कर्मियों द्वारा ही मतदान करने की शिकायत डॉ. मान सिंह यादव ने जिलाधिकारी से फोन पर की।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने क्या कहा?
UP MLC Election उप जिला निर्वाचन अधिकारी उपमा पांडेय ने बताया कि स्नातक एमएलसी चुनाव की मतदाता सूची में जिन मतदाताओं के नामों में गड़बड़ी थी, उनका मतदान कराने के लिए पहले ही निर्देश जारी कर दिए गए थे। जनपद में 30-32 मतदाताओं के नामों में कुछ लिपिकीय त्रुटि थीं। मतदाता सूची में लगी फोटो, दर्ज पिता के नाम व अन्य विवरण के आधार पर ऐसे मतदाताओं का मतदान कराने के निर्देश निर्वाचन आयोग ने दिए थे। इसी के तहत इन मतदाताओं से मतदान कराया गया है।
दोपहर दो बजे तक वोटिंग प्रतिशत
शुरुआती दौर में मतदान की रफ्तार काफी धीमी नजर रही। आठ बजे से लेकर 10 बजे के बीच महज 2.85 प्रतिशत ही मतदान हुआ था। वहीं इसके बाद कुछ रफ्तार बढ़ी और दोपहर 12 बजे तक 9.54 प्रतिशत मतदान हुआ। वहीं दोपहर दो बजे तक 19.86 प्रतिशत वोटिंग हुई।
वोटर लिस्ट में नाम न होने या खामियां भी
बूथों के आसपास राजनैतिक दलों के नेता, पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने अपने शिविर लगाए हैं। मतदाताओं को बुला-बुलाकर सूची में उनके नाम तलाशे गए। मतदान की पर्ची भी दी गई। वोटर लिस्ट में नाम न होने या खामियाें की समस्याएं सामने आईं। इसके लिए कई मतदाताओं ने कंट्रोल रूम में शिकायत भी दर्ज कराई। जोनल और सेक्टर के साथ प्रशासन के अन्य अधिकारी भी बूथों का निरीक्षण करते रहे।
आज विशेष अवकाश
मतदाताओं के लिए शुक्रवार को विशेष आकस्मिक अवकाश घोषित किया गया है। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि स्नातक एमएलसी चुनाव के मतदाताओं के लिए 23 अक्टूबर विशेष आकस्मिक अवकाश घोषित किया गया है, ताकि कोई मतदाता अपना कर्तव्य निभाने से वंचित न रहे। डीएम ने सभी मतदाताओं से बूथ पर पहुंच कर मतदान करने की अपील की है। पहचान पत्र को लेकर किसी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए 10 विकल्प दिए गए हैं। प्रशासन ने जनपद स्तर पर कंट्रोल रूम भी बनाया है।
26 कार्मिकों ने छुड़ाया पीछा
चुनाव ड्यूटी में लगाए गए 26 कार्मिक पोलिंग पार्टी के रवानगी वाले स्थल पर 22 अक्टूबर को नहीं पहुंचे। इनमें आठ पीठासीन अधिकारी, नौ प्रथम मतदान अधिकारी, आठ द्वितीय मतदान अधिकारी और एक तृतीय मतदान अधिकारी शामिल हैं। एडीएम प्रशासन उपमा पांडेय ने बताया कि रिजर्व टीम से कार्मिकों को चुनाव के लिए भेजा गया है। कार्मिकों की अनुपस्थिति के जायज कारण थे। इसलिए कार्रवाई नहीं होगी।
मतदाता पहचान पत्र के यह हैं विकल्प
- आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेन्स, पैन कार्ड, भारतीय पासपोर्ट
- राज्य/केंद्र सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, स्थानीय निकायों से जारी पहचान-पत्र
- सांसदों, विधायकों, पार्षदों को जारी किए गए सरकारी पहचान-पत्र
- शैक्षिक संस्थाओं से जारी किया गया सेवा पहचान पत्र
- विश्वविद्यालय से जारी डिग्री-डिप्लोमा का मूल प्रमाण-पत्र
- सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता संबंधित मूल प्रमाण-पत्र
- यूनिक डिसएबिलिटी आइडी कार्ड, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार
लगाई गई टीम
50 - सेक्टर मजिस्ट्रेट की लगाई गई ड्यूटी
12 - जोनल मजिस्ट्रेट करेंगे निगरानी
152 - एक पीठासीन अधिकारी व तीन कार्मिक वाली पोलिंग पार्टी
152 - माइक्रो आब्जर्वर लगाए गए
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