12 साल से नहीं मिला जवाबी हलफनामा, संतकबीर नगर के कलेक्टर-एसएलएओ हाई कोर्ट में तलब
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 2014 से लंबित याचिका में जवाबी हलफनामा दाखिल न करने पर संतकबीरनगर के कलेक्टर और विशेष भूमि अधिग्रहण अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से ...और पढ़ें

इलाहाबाद हाई कोर्ट।

समय कम है?
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विधि संवाददाता, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने वर्ष 2014 से लंबित याचिका में राज्य सरकार की ओर से जवाबी हलफनामा दाखिल न करने पर कड़ा रुख अपनाया है।
कोर्ट के दो बार आदेश के बावजूद जवाबी हलफनामा दाखिल नहीं हुआ। इस पर कोर्ट ने संतकबीरनगर के कलेक्टर और विशेष भूमि अधिग्रहण अधिकारी (एसएलएओ) को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है। दोनों अधिकारियों को 12 अगस्त की दोपहर दो बजे कोर्ट में उपस्थित होकर जवाब देना होगा।
यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ल की खंडपीठ ने शोएब अली व अन्य की याचिका पर पारित किया।हाई कोर्ट ने दो अप्रैल 2014 को नोटिस जारी किया था। राज्य की ओर से जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए स्थायी अधिवक्ता को चार सप्ताह का समय दिया था।
इसके बावजूद जवाब दाखिल नहीं हुआ तो कोर्ट ने एक अक्टूबर 2021 को राज्य सरकार को दो सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया।
कोर्ट ने उस समय साफ चेतावनी दी थी कि यदि निर्धारित अवधि में जवाबी हलफनामा दाखिल नहीं किया गया तो प्रतिवादी संख्या चार और पांच को न्यायालय के समक्ष तलब करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इसके बावजूद करीब पांच वर्ष गुजर गए, लेकिन जवाबी हलफनामा दाखिल नहीं किया गया।
इस पर हाई कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अब संबंधित अधिकारियों की व्यक्तिगत उपस्थिति सुनिश्चित करने का आदेश दिया है।
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