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UP पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती 2018: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने खारिज कीं सरकार की अपीलें, सैकड़ों अभ्यर्थियों के चयन का रास्ता साफ

By Jagran NewsEdited By: Shiv Govind Mishraa
Published: Thu, 29 Oct 2026 05:09 AM (IST)Updated: Thu, 29 Oct 2026 06:56 AM (IST)

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2018 में आरक्षण विवाद पर राज्य सरकार की चार अपीलें खारिज ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

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HighLights

  1. हाई कोर्ट ने सरकार की अपीलें खारिज कीं।

  2. सैकड़ों अभ्यर्थियों के चयन का रास्ता साफ।

  3. वित्तीय लाभ नियुक्ति की तारीख से मिलेगा।

विधि संवाददाता, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2018 में आरक्षण संबंधी विवाद पर राज्य सरकार की चार विशेष अपीलें खारिज कर दी हैं। न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह और न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ के इस फैसले से सैकड़ों अभ्यर्थियों के चयन का रास्ता साफ हुआ है। 14 जनवरी 2018 को सिविल पुलिस के 23,520 और पीएसी के 18,000 कांस्टेबल पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी हुआ था।

अंतिम चयन सूची 18 फरवरी 2019 को प्रकाशित की गई थी। याचिकाकर्ता अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के अभ्यर्थी थे। उन्होंने ओबीसी महिला, ओबीसी पूर्व सैनिक और ओबीसी स्वतंत्रता सेनानी आश्रित श्रेणियों में आरक्षण का दावा किया था। याचियों का कहना था कि उनके अंक संबंधित अनारक्षित महिला, पूर्व सैनिक और स्वतंत्रता सेनानी आश्रित श्रेणियों के अंतिम चयनित अभ्यर्थियों के कटआफ से अधिक थे।

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इसके बावजूद उन्हें केवल ओबीसी उपश्रेणी में गिनकर चयन से बाहर कर दिया गया। कुछ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों ने भी ऐसी ही राहत मांगी थी। हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सफल याचियों को वित्तीय लाभ नियुक्ति की तारीख से ही मिलेगा। उन्हें पिछली तारीख से वेतन या वरिष्ठता का लाभ नहीं दिया जाएगा।