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    Akshaya Tritiya 2026 : अक्षय तृतीया पर ऐसा क्या करें कि घर में लक्ष्मी और वैभव का वास हो? बता रहे ज्योतिषर्विद

    By Digital Desk Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Thu, 16 Apr 2026 08:16 PM (IST)

    Akshaya Tritiya 2026 अक्षय तृतीया 20 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी, जो गृह प्रवेश, नए व्यवसाय और विवाह जैसे शुभ कार्यों के लिए अत्यंत उत्तम है। इस दिन सौभ ...और पढ़ें

    Akshaya Tritiya 2026 सूर्य-चंद्रमा के उच्च स्थिति में होने से पर्व का प्रभाव 100 गुना अधिक माना जा रहा है।

     Akshaya Tritiya 2026 सूर्य-चंद्रमा के उच्च स्थिति में होने से पर्व का प्रभाव 100 गुना अधिक माना जा रहा है।

    HighLights

    1. सौभाग्य योग में 'अक्षय' पुण्य दिलाएगी अक्षय तृतीया तिथि

    2. गृह प्रवेश, नए व्यवसाय शुभारंभ व विवाह की सबसे उत्तम तिथि

    3. 19 अप्रैल की दोपहर 1.01 से 20 की सुबह 10.38 तक पर्व का मान

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। Akshaya Tritiya 2026 वैशाख शुक्लपक्ष की तृतीया तिथि अर्थात अक्षय तृतीया का पर्व 20 अप्रैल को मनाया जाएगा। इसके साथ सनातन धर्मावलंबियों के पुण्य कार्यों का शुभारंभ हो जाएगा। अक्षय तृतीया गृह प्रवेश, नींव पूजा, नए व्यवसाय का शुभारंभ, नई नौकरी की शुरुआत, नई वस्तुएं खरीदने व विवाह की सबसे उत्तम तिथि है। सुख-समृद्धि की प्रतीक उक्त तिथि पर भगवान परशुराम का जन्मोत्सव मनाया जाएगा।

    सौभाग्य योग, रोहिणी नक्षत्र का संयोग : आचार्य देवेंद्र 

    Akshaya Tritiya 2026 ज्याेतिर्विद आचार्य देवेंद्र प्रसाद त्रिपाठी के अनुसार तृतीया तिथि की शुरुआत 19 अप्रैल की दोपहर 1.01 बजे से हो जाएगी, जो 20 अप्रैल को सुबह 10:38 बजे तक रहेगी। उदया तिथि होने के कारण पर्व 20 अप्रैल को मनाया जाएगा। सौभाग्य योग, रोहिणी नक्षत्र का अद्भुत संयोग रहेगा। इसके अलावा चंद्रमा अपनी उच्च राशि कर्क और सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में विराजमान रहेंगे। सूर्य और चंद्रमा के इस उच्च स्थिति में होने से पर्व का प्रभाव सामान्य से 100 गुना अधिक माना जा रहा है। 

    नई वस्तु, कपड़ा खरीदने से घर में लक्ष्मी व वैभव का वास

    Akshaya Tritiya 2026 पाराशर ज्योतिष संस्थान के निदेशक आचार्य विद्याकांत पांडेय के अनुसार भविष्य पुराण, मत्स्य पुराण, पद्म पुराण, स्कंद पुराण में अक्षय तृतीया उल्लेख है। अक्षय तृतीया पर भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी के पूजन का विधान है। सुबह गंगा, यमुना, संगम अथवा किसी पवित्र नदी में स्नान करके भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी का पूजन करना चाहिए। नई वस्तु व कपड़ा खरीदने से घर में लक्ष्मी व वैभव का वास होता है।

    दान का है विशेष महत्व 

    अक्षय तृतीया पर दान करने का विशेष महत्व है। दान ब्राह्मणों अथवा किसी जरूरतमंद व्यक्ति को देने का विधान है। उन्हें भोजन कराकर यथासंभव दान करने से उसका पुण्य कई गुना बढ़ा जाता है। इस दिन अच्छे मन से देशी घी, शक्कर, अनाज, फल-सब्जी, कपड़े, इलेक्ट्रानिक सामान और सोने-चांदी का दान करना चाहिए।

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