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    अयोध्या-चित्रकूट एक्सप्रेसवे से जगी विकास की आस, पौराणिक मोक्षदा ताल के कायाकल्प की उठी मांग

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 11:48 AM (IST)

    प्रतापगढ़ में अयोध्या-चित्रकूट एक्सप्रेसवे के पास स्थित पौराणिक मोक्षदा ताल उपेक्षित है, जबकि स्थानीय लोग इसे राम वन गमन मार्ग से जोड़कर पर्यटन स्थल क ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, प्रतापगढ़। सदर तहसील के कमास एवं सूर्यगढ़ जगन्नाथ के बीच से निकलने अयोध्या-चित्रकूट एक्सप्रेसवे से विकास की नई उम्मीद हुई है।

    इस मार्ग का उद्देश्य यह है कि इसी रास्ते से भगवान राम, मां सीता एवं लक्ष्मण वन के लिए गुजरे थे। इसी भगवान राम के वन गमन मार्ग को जीवंत करने के लिए सरकार की यह एक्सप्रेसवे सड़क योजना जो सिक्स लेन की बनाई जा रही है, लेकिन इसमें अब तक कमास एवं सूर्यगढ़ जगन्नाथ के बीच में स्थित मोक्षदा ताल उपेक्षित रह जा रहा है।

    मार्ग का डीपीआर फाइनल होने के करीब है। अमृत काल योजना में भारतीय संस्कृति की धरोहर स्थल, स्वतंत्रता से जुड़े हुए स्थल एवं पौराणिक धार्मिक स्थलों को उजागर करने एवं लोगों के संज्ञान में लाने का पूरा प्रयास भी सरकार द्वारा किया गया, लेकिन इस ताल को इससे कनेक्ट करने का प्रस्ताव नहीं बन सका है। लोग इसे जोड़ने की मांग कर रहे हैं।

    माना जाता है कि भगवान श्रीराम मां सीता के साथ लक्ष्मण ने न केवल यहां विश्राम किया था, बल्कि मुंह धोया था, जिस कारण यहां आज भी शुद्ध साफ जल सैकड़ों एकड़ में सदैव झरने के रूप में अनवरत निकलता रहता है। इस मुद्दे को लेकर सदर विधायक राजेंद्र मौर्य ने पत्र भी कई बार लिखे।

    सीएम योगी आदित्यनाथ से लेकर पर्यटन विभाग के संज्ञान में दिया। हालांकि, अभी तक कुछ भी धरातल पर नहीं आ सका। सूर्यगढ़ जगन्नाथ गांव में जहां से यह सिक्स लेन एक्सप्रेसवे प्रस्तावित है, उसी से लगा हुआ कमास का यह भूभाग भगवान राम से जुड़ा हुआ स्थल, एकदम लगा हुआ है।

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    इस स्थल को नजरअंदाज किया जा रहा है। यहां पर स्थानीय लोगों की मांग है कि एक्सप्रेसवे से लगे हुए इस स्थल पर भगवान राम, मां सीता एवं लक्ष्मण से जुड़े इस पौराणिक स्थल को एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाए।

    इस स्थल तक जाने के लिए सड़क उतारी जाए, ताकि लोग चित्रकूट से अयोध्या या अयोध्या के चित्रकूट जाने वाले लोग इस पौराणिक स्थल का दर्शन करके लाभ ले सके और इस क्षेत्र का पर्यटन के रूप में भी विकास हो सके।

    यह क्षेत्र अमृत फल आंवला के लिए भी मशहूर है। सदर विधायक का कहना है कि लोगों की मांग माने जाने पर इससे न केवल अमृत फल का कारोबार बढ़ेगा, बल्कि इस क्षेत्र का भी सर्वांगीण विकास संभव हो पाएगा। इसका प्रयास किया जा रहा है।

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