पीलीभीत के जंगलों में दिखा ‘जंगल का माली’, इसके फल खाने के तरीके में छिपा है करोड़ों पेड़ों का रहस्य!
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में दुर्लभ हॉर्नबिल पक्षी देखा गया है, जो अपनी विशाल चोंच और अनोखी आवाज के लिए प्रसिद्ध है। इसे 'जंगल का माली' कहा जाता है क्योंक ...और पढ़ें

पीलीभीत टाइगर रिजर्व में मौजूद हार्नबिल पक्षी। स्रोत गाइड
HighLights
फलों को खाकर दूर दूर फेंकता है बीज, जिससे होता है जंगल का विस्तार
बहजत खान, माधोटांडा (पीलीभीत)। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के घने जंगलों में इन दिनों एक खास और बेहद सुंदर पक्षी पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। विशाल चोंच और अनोखी आवाज के लिए पहचाना जाने वाला दुर्लभ पक्षी हार्नबिल यहां की हरियाली और समृद्ध जैव विविधता का जीवंत प्रमाण बनकर सामने आया है।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व इन दिनों न केवल बाघों बल्कि दुर्लभ पक्षियों की मौजूदगी को लेकर भी चर्चा में है। यहां पर 350 से अधिक प्रजातियों के पक्षी पाए जाते हैं। कुछ पक्षी तो बेहद सुंदर और अद्भुत है। इसके अलावा कुछ दुर्लभ पक्षी भी यहां की सुंदरता में चार चांद लगा देते हैं।

इसी क्रम में हाल के दिनों में यहां हार्नबिल पक्षी की सक्रियता काफी बढ़ी है, जिससे जंगल सफारी पर आने वाले पर्यटक खासे उत्साहित नजर आ रहे हैं। ऊंचे-ऊंचे पेड़ों की शाखाओं पर बैठा या आसमान में लंबी उड़ान भरता यह पक्षी लोगों को रोमांचित कर रहा है।
हार्नबिल का यहां पर पाया जाना इस बात का संकेत है कि यहां का पारिस्थितिकी तंत्र संतुलित और समृद्ध है। हार्नबिल को ‘जंगल का माली’ भी कहा जाता है, यह अद्भुत पक्षी फलों को खाकर उनके बीज दूर-दूर तक फैलाता है, जिससे नए पौधों का प्राकृतिक विस्तार होता है।
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सुबह और शाम के समय हार्नबिल को देखना सबसे आसान होता है। इसकी बड़ी और मुड़ी हुई चोंच, भारी पंखों की फड़फड़ाहट और तेज आवाज इसे अन्य पक्षियों से अलग पहचान देती है। पर्यटक इस पक्षी को कैमरे में कैद करने के लिए उत्सुक रहते हैं। यह काफी सुंदर पक्षी है।

रंग-बिरंगा यह पक्षी दूर से ही अपनी सुन्दरता को दर्शाता देता है। टाइगर रिजर्व प्रशासन द्वारा मुस्तफाबाद गेस्ट हाउस परिसर में हार्नबिल सेल्फी प्वाइंट भी बना दिया गया है। यहां आने वाले पर्यटकों के लिए यह आकर्षण का केंद्र भी बना हुआ है।
इस दुर्लभ पक्षी के संरक्षण को लेकर वन विभाग भी सतर्क रहता है। रेंजर सहेंद्र कुमार यादव ने बताया कि हार्नबिल की मौजूदगी से यह साफ है कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व न केवल वन्यजीवों का सुरक्षित आश्रय है, बल्कि जैव विविधता के संरक्षण का एक उदाहरण भी बनता जा रहा है।