'रणचंडी' बनीं महिलाएं: शराब की दुकान खुलवाने गए अफसरों को दौड़ा कर पीटा, तहसीलदार और दरोगा के टूटे हाथ-पैर
पीलीभीत के बूंदीभूड़ में शराब की दुकान खुलवाने गए अधिकारियों पर महिलाओं ने हमला कर दिया, जिससे तहसीलदार और दारोगा ...और पढ़ें

दुकान से शराब की बोतलों को फेंकती महिलाएं
HighLights
पुलिस के लाठियां फटकराने पर बिगड़ा माहौल, महिलाओं ने पलटवार में किया पथराव
जागरण संवाददाता, पीलीभीत। नेपाल बार्डर से सटे बूंदीभूड़ में शराब की दुकान खुलवाने पर गुरुवार को बवाल हो गया। शराब बिक्री से परिवार तबाह हो जाएंगे, यह कहकर प्रदर्शनकारी महिलाओं ने शटर खुलते ही बोतलें तोड़नी शुरू कर दीं। पुलिसकर्मियों ने लाठियां फटकारकर खदेड़ना चाहा तो महिलाओं ने पलटवार कर दिया।
पथराव कर अफसरों के वाहन तोड़ दिए, लाठी-डंडों से भी प्रहार किया। इसमें तहसीलदार वीरेंद्र कुमार का पैर, जबकि दारोगा मोहम्मद सैफ का हाथ टूट गया। आठ पुलिसकर्मी व 12 महिलाएं भी घायल हुई। अब प्रदर्शनकारियों पर प्राथमिकी की तैयारी है।

नौ अप्रैल को बूंदीभूड़ गांव में सुनील कुमार मिश्रा के नाम से अंग्रेजी एवं जगवती के नाम से देसी शराब की दुकान आवंटित हुई थी। इन दोनों ने अगल-बगल दुकान में बोतलें आदि का भंडारण कर दिया मगर, महिलाओं ने बिक्री नहीं होने दी। उनका कहना था कि इससे पहले कभी गांव में शराब की दुकान नहीं थी।
इस बार भी दुकान अन्यत्र खोली जाए। इसके लिए कई बार अफसरों से शिकायत की मगर, दुकान आवंटन निरस्त नहीं हुआ। गुरुवार दोपहर एक बजे सीओ पूरनपुर प्रतीक दहिया, एसडीएम कलीनगर प्रमेश कुमार, तहसीलदार वीरेंद्र कुमार, आबकारी टीम गांव पहुंची।
12 गाड़ियों में आए अफसर व फोर्स ने दुकान खुलवाने का प्रयास किया तो महिलाएं सामने आ गईं। उनका विरोध देखकर अफसरों ने समझाया कि दुकान आवंटन हो चुका, जिसे निरस्त नहीं किया जा सकता। डेढ़ घंटा तक वार्ता हुई मगर, परिणाम नहीं आया।
इस बीच आबकारी टीम ने दुकान का शटर खोला तो प्रदर्शनकारी महिलाओं ने तोड़फोड़ कर दी। पुलिस ने लाठियां फटकारीं तो महिलाओं ने भी मोर्चा खोल दिया। दोनों ओर से लाठी-डंडे चले, पथराव किया गया। महिलाओं की संख्या अधिक होने पर अफसरों व फोर्स को क्षतिग्रस्त दो वाहन गांव में ही छोड़कर भागना पड़ा।
पुलिस के अनुसार, तहसीलदार वीरेंद्र के हाथ व दारोगा मोहम्मद सैफ के पैर की हड्डी टूट गई। उन्हें माधोटांडा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आरंभिक उपचार दिया गया। अन्य घायल पुलिसकर्मियों को जिला अस्पताल भेजा गया। कुछ देर बाद पुलिस की लाठियों से घायल शीला देवी, विंदु देवी, सुधा देवी, किरण देवी, शीतल, दो नाबालिग समेत अन्य घायल भी अस्पताल पहुंचीं।
शराब की सरकारी दुकान खुलवाने पहुंचे अफसरों पर हमला किया। प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया जा रहा था मगर, वे अचानक उग्र हो गईं। आरोपितों के विरुद्ध प्राथमिकी पंजीकृत कराई जाएगी।
- सुकीर्ति माधव, एसपी
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