कंधों पर बोरी ढोने वाले का बेटा बना जिला टॉपर: जब घर की बिजली कटी, तो हौसलों की रोशनी में रचा इतिहास
प्रांजल मौर्य ने यूपी बोर्ड हाईस्कूल में पीलीभीत जिले में टॉप किया है, जबकि उनके पिता पल्लेदारी करते हैं। संसाधनों के अभाव और बिजली कटने जैसी चुनौतियो ...और पढ़ें

प्रांजल मौर्य को मिठाई खिलाकर खुशी मनाते स्वजन। स्रोत स्वयं
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विद्यालय के 104 साल के इतिहास में कोई भी छात्र नहीं बना पाया जिले की टॉप 10 की सूची में स्थान
जागरण संवाददाता, पीलीभीत। अगर इरादे फौलादी हों तो अभावों की बेड़ियां खुद-ब-खुद टूट जाती हैं। एक छोटे से घर में जलती उम्मीद की लौ ने पूरे जिले को रोशन कर दिया है। शहर से सटी नगर पंचायत नौगवां पकड़िया के वार्ड नंबर 10 निवासी प्रांजल मौर्य जो शहर के सनातन धर्म बांके बिहारी रामा इंटर कालेज के छात्र है।
उन्होंने यूपी बोर्ड हाईस्कूल में जिले में प्रथम स्थान पाया है। उनके पिता अशोक कुमार परिवार पालने के लिए कभी कंधों पर बोरियां ढोते हैं तो कभी पल्लेदारी करते हैं, लेकिन आज उसी पल्लेदार के बेटे ने यूपी बोर्ड हाईस्कूल की मेरिट में जिले भर में सिरमौर बनकर पिता के सिर पर गर्व का ताज सजा दिया है।
प्रांजल की सफलता की राह फूलों नहीं बल्कि कांटे थे। इस मेधावी ने संसाधनों के अभाव के बीच वह मुकाम हासिल किया, जो अमीरों के लिए भी ख्वाब होता है। प्रांजल बताते हैं कि पढ़ाई के दौरान सबसे बड़ी बाधा स्मार्ट मीटर बना। बिल जमा करने में देरी होने पर जब घर की बत्ती गुल हो जाती थी, तो वे अंधेरे से नहीं घबराए।
उन्होंने अपनी मेहनत की लौ को और तेज कर दिया। प्रांजल रोजाना 12 से 13 घंटे तक किताबों में डूबे रहे। सनातन धर्म बांके बिहारी रामा इंटर कालेज के लिए यह पल किसी उत्सव से कम नहीं है। वर्ष 1922 में स्थापित हुए इस विद्यालय के 104 साल के लंबे इतिहास में आज तक कोई भी छात्र जिला टाप-10 की सूची में स्थान नहीं बना सका था।
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प्रांजल ने 94.33 प्रतिशत अंक लाकर विद्यालय के इस एक सदी पुराने सूखे को खत्म कर दिया। प्रधानाचार्य डा. सुरेंद्र गंगवार ने जब फोन पर यह खुशखबरी सुनाई, तो प्रांजल की आंखों से खुशी के आंसू बह निकले। यह आंसू उस संघर्ष के थे, जो उन्होंने एक मजदूर पिता के इकलौते बेटे के रूप में जिया था।