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    नोएडा समेत यूपी में रियल एस्टेट को मिली रफ्तार, रेरा ने जारी किए बड़े आंकड़े; हजारों फ्लैट खरीदारों को दी राहत

    Updated: Sat, 25 Jul 2026 08:16 PM (GMT+05:30)

    रेरा अध्यक्ष संजय भूस रेड्डी ने बताया कि यूपी रेरा ने पहली छमाही में 143 नई परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिससे 31,952 करोड़ का निवेश और 46,049 आवासीय इ ...और पढ़ें

    यूपी रेरा में पत्रकार वार्ता के दौरान चेयरमैन संजय भूसचेड्डी। जागरण

    यूपी रेरा में पत्रकार वार्ता के दौरान चेयरमैन संजय भूसचेड्डी। जागरण

    HighLights

    1. पहली छमाही में 143 नई परियोजनाओं को मंजूरी मिली।

    2. खरीदारों को 2,173 करोड़ रुपये से अधिक की राहत मिली।

    3. लखनऊ, गौतमबुद्ध नगर में सर्वाधिक परियोजनाएं पंजीकृत हुईं।

    जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश भू संपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) लगातार फ्लैट खरीदारों के हित में नए नियम व कानून बना बिल्डरों पर नकेल कसने में कामयाब रहा। रेरा पीठों की लगातार हो रही सुनवाई व दिए जा रहे आदेशों का असर अब धरातल पर दिखने लगा है।

    लंबे अर्से से बिल्डर परियोजनाओं में फंसे फ्लैट खरीदारों को न केवल आशियाने मिल रहे है बल्कि रेरा में बिल्डर परियोजनाओं के पंजीकरण हो जाने के बाद पारदर्शिता भी बढ़ी है। यह बातें रेरा अध्यक्ष संजय भूस रेड्डी ने गामा दो सेक्टर स्थित रेरा के क्षेत्रीय कार्यालय में प्रेसवार्ता के दौरान कहीं।

    कहां-कहां कितनी परियोजनाएं?

    उन्होंने कहा कि जीडीपी की ग्रोथ में रियल एस्टेट बड़ा बाजार है। उन्होंने रेरा की अर्धवार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि पहली छमाही में 143 नई परियोजनाओं को रेरा ने मंजूरी दी है। 31,952 करोड़ का निवेश में 46,049 आवासीय इकाइयों का निर्माण होगा। जो अन्य राज्यों की अपेक्षा पहले पायदान पर है।

    सबसे ज्यादा परियोजनाएं लखनऊ में 37, गौतमबुद्ध नगर में 27 और गाजियाबाद में 19 पंजीकृत हुईं। अन्य जिलों में आगरा-मथुरा 10-10, वाराणसी 7 और झांसी, बाराबंकी, बरेली, प्रयागराज में तीन-तीन परियोजनाएं शामिल हैं।उन्होंने कहा कि अब विकास केवल एनसीआर और लखनऊ तक सीमित नहीं है। अन्य शहर भी नए केंद्र बनकर उभर रहे हैं।

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    पिछले तीन साल में 22.5 प्रतिशत की वृद्धि

    2023 में 197, 2024 में 259 और 2025 में 308 परियोजनाएं पंजीकृत हुईं। आवासीय इकाइयां 2023 में 55,297 से बढ़कर 2025 में 84,976 हो गईं।

    पूंजी निवेश भी 2023 के 28,411 करोड़ से बढ़कर 2025 में 68,328 करोड़ पहुंचा, जो 53.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।

    उन्होंने बताया कि 2023 से 2025 के बीच कुल 2,09,638 इकाइयां प्रस्तावित हुईं। 2026 की पहली छमाही की 46,049 इकाइयां जोड़ने पर यह आंकड़ा 2,55,687 हो गया।

    घर खरीदारों को 2,173 करोड़ की राहत

    यूपी रेरा ने वसूली और प्रवर्तन से 8,212 मामलों में घर खरीदारों को 2,173.78 करोड़ वापस दिलाए। इसमें जिला प्रशासन द्वारा वसूली कर 6,411 मामलों में 1,623.28 करोड़ सीधे खातों में गए।

    इसके अलावा 11,558 मामलों में 6,032.42 करोड़ के संपत्ति विवाद सुलह और आपसी सहमति से निपटाए गए। रेरा संवाद के 206 कार्यक्रमों में 5,375 मामले सुलझे।

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