स्मार्ट मीटर का 'झटका': नोएडा के सेक्टर-34, 62, 11 में उपभोक्ता परेशान, आरोप- रिचार्ज फुल फिर भी बत्ती गुल
नोएडा में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं। सेक्टर-34, 62 और 11 के उपभोक्ता रिचार्ज के बावजूद बिजली गुल होने और अधिक बिल आने से ...और पढ़ें
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परेशान और हताश उपभोक्ताओं ने अब विद्युत अधिकारियों से ओवर-स्मार्ट मीटर के झंझट से त्वरित पोस्टपेड राहत देने की गुहार लगा रहे।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, नोएडा। बिजली विभाग का स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए जी का जंजाल बनता जा रहा है। स्थिति ऐसी हो गई है कि रीडिंग में मैराथन दौड़ लगाने के बीच प्रीपेड मीटर के अचानक स्मार्ट झटके से उपभोक्ताओं की जेब पर डाका डाला जा रहा है।
अधिकारी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश में लगे
परेशान और हताश उपभोक्ताओं ने अब विद्युत अधिकारियों से ओवर-स्मार्ट मीटर के झंझट से त्वरित पोस्टपेड राहत देने की गुहार लगाई है, लेकिन अधिकारी बहाने और लापरवाही को अमलीजामा पहनाकर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश में लगे हैं।
स्टपेड मीटर की राहत मांग रहे
उपभोक्ताओं की लगातार शिकायतों पर सरकार ने स्मार्ट मीटर लगाने की योजना को फिलहाल बंद कर दिया है। मगर जिले में 40 हजार से ज्यादा स्मार्टमीटर के उपभोक्ताओं को अभी तक मरहम लगाने की इंतजार है।
सेक्टर-34, सेक्टर-62, सेक्टर-11 और अन्य विभिन्न सेक्टरों के उपभोक्ता खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। उनका आरोप है कि स्मार्ट तरीके से परेशानी झेलकर वह अब थक चुके हैं। उन्हें अपने भविष्य के लिए जेब सुरक्षित करते हुए घर को रोशन करने के लिए पोस्टपेड मीटर की राहत चाहिए।
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विद्युत विभाग के स्मार्ट मीटर का खामियाजा सबसे ज्यादा बुजुर्गों को हो रहा है। उन्हें न तो मीटर रिचार्ज करने के लिए ऐप डाउनलोड कर उसे चलाना आता है और अचानक बिजली होने पर सर्वर डाउन की जिल्लत के साथ दोहरी मार झेलनी पड़ती है।
'धमकी' देकर स्मार्ट मीटर से जेब पर डाल रहे डाका
कुछ समय पहले बाहरी लोगाें ने एच-ब्लाक में आकर धमकी दी कि मीटर रीडिंग लेने वालों का टेंडर खत्म होने पर रीडिंग से बिल नहीं बनेगा। बाद में 12 हजार रुपये का चार्ज भी वसूला जाएगा। इसी धमकी के चलते सोसायटी के 35-36 लाेगों के घर प्रीपेड मीटर लगा दिए थे। पिछले दिनों अचानक बिजली सप्लाई बंद हो गई। विभाग में बात करने पर दो बार में 19 हजार रुपये का रिचार्ज किया जबकि पहले तो आठ हजार रुपये तक बिल आता था। इससे पहले दस दिन तक मानसिक तनाव में रहा था। मैं जल्दी ही बिजली विभाग जाकर पोस्टपेड मीटर के लिए आवेदन दूंगा।
-रामचंदर, सेक्टर-11 नोएडा
झूठ बोलकर हमारे साथ किया स्मार्ट 'धोखा'
हमारे सेक्टर के एस और टी ब्लाॅक में अधिकांश लोगों को झूठ बोलकर उनके घर में स्मार्ट मीटर लगाकर धोखा किया गया है जबकि ये मीटर उन क्षेत्रों में लगने चाहिए, जो बिल जमा नहीं करते हैं। मैं तो नोएडा बसने के समय से नियमित बिल जमा करता हूं। पूरे सेक्टर में बुजुर्ग लोग ज्यादा रहते हैं। विद्युत विभाग स्मार्ट तरीके से बुजुर्ग और लाखों उपभोक्ताओं को अंधेेरे में रखकर शोषण कर रहा है। मैं जल्द ही स्मार्ट मीटर को पोस्टपेड में कराने के लिए आवेदन दूंगा।
-सतीश कुमार, ज्वाइंट सेक्रेटरी, सेक्टर- 11 नोएडा
रिचार्ज फुल, बत्ती गुल से ढीली हुई जेब
पिछले दिनों हमारी काॅलोनी के अधिकांश घरों में बिजली गुल हो गई थी। मुझे खुद रिचार्ज होने के बावजूद पांच हजार रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़े। जब बिजली गुल होती है तो सर्वर डाउन भी रहता है। इसमें बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। शिकायत करने पर अधिकांश समाधान नहीं उपभोक्ताओं को केवल चक्कर कटाकर परेशान करते हैं। सबसे बड़ी है कि हमनें प्रीपेड मीटर की मांग नहीं की थी, लेकिन कर्मचारियों ने धोखे में रखकर प्रीपेड मीटर लगा दिया। मैं चाहता हूं कि मीटर को पोस्टपेड किया जाए।
-अनिल ध्यानी, कोषाध्यक्ष, सेक्टर-34 नोएडा
क्या कहते हैं अधिकारी?
स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं की समस्या का कैंप लगाकर समाधान किया जा रहा है। अभी किसी भी क्षेत्र में कहीं भी प्रीपेड स्मार्ट-मीटर को पोस्टपेड करने की योजना नहीं है।
-हरीश बंसल, चीफ इंजीनियर
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