दिल्ली के बाद नोएडा में स्वाइन फ्लू की दस्तक, 14 मरीजों में H1N1 की पुष्टि होने पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
गौतमबुद्ध नगर में स्वाइन फ्लू के 14 मामले सामने आए हैं, जिसके बाद सीएमओ ने लोगों से न घबराने और ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।
HighLights
गौतमबुद्ध नगर में स्वाइन फ्लू के 14 मामले सामने आए।
सीएमओ ने लोगों से न घबराने और बचाव के नियम अपनाने को कहा।
स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर निगरानी रख रहा, एडवाइजरी होगी जारी।
जागरण संवाददाता, नोएडा। राष्ट्रीय राजधानी के बाद गौतमबुद्ध नगर में स्वाइन फ्लू के मामले सामने आए हैं। 14 मरीजों ने प्राइवेट अस्पतालों की ओपीडी में अपनी जांच कराई थी। रविवार को स्वास्थ्य विभाग में रिपोर्ट मिलने पर सीएमओ ने लोगों से न घबराने और बचाव के नियम फोलो करने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि मरीजों को बुखार, खांसी और गले में खराश की समस्या है । टीमें सभी पर निगरानी रख रही हैं, स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। सोमवार को सभी अस्पताल प्रबंधकों के लिए विभाग की ओर से एडवाइजरी जारी की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग रख रहा नजर
सीएमओ डा. मदन मोहन मणि त्रिपाठी का कहना है कि 14 लोगों को पिछले कई दिनों से रूक-रूक कर बुखार, खांसी, जुकाम और गले में खरास होने की समस्या थी। इनमें तीन-चार लोग जनपद से बाहर के हैं। प्राइवेट अस्पतालों में जांच कराने पर स्वाइन फ्लू की पुष्टि की गई है।
रिपोर्ट मिलने पर मरीजाें से टीम ने बात की, तो उन्होंने गंभीर स्थिति होने से साफ इनकार कर दिया। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग इनकी हालत पर नजर रख रही है। जिला अस्पताल में आनलाइन मेडिसिन विभाग की डा. आद्या सिंह का कहना है कि वर्षा से मौसम बदलने पर वायरल संक्रमण के मामले बढ़े हैं।
बच्चे, बुजुर्ग और पहले से गंभीर बीमारी से पीड़ित लोग चपेट में अधिक आ रहे हैं। ओपीडी में मरीज वायरल संक्रमण के लक्षण जैसे बुखार , सर्दी, खांसी, गले में दर्द और शरीर में कमजोरी की समस्या बता रहे हैं।
बचाव के लिए पर्याप्त पानी पीना, संतुलित पौष्टिक आहार लेना, हाथों की स्वच्छता बनाए रखना, वर्षा में भीगने से बचना और भीड़ वाले स्थानों पर मास्क लगाएं। बुखार दो-तीन दिनों से ज्यादा रहे, सांस लेने में तकलीफ हो या कमजोरी बढ़ती जाए तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। डाक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन बिल्कुल न करें
ऐसे करें बीमारी से बचाव
- खांसी या छींक आने पर मुंह और नाक को रूमाल या मास्क से ढकें।
- हाथों को साबुन और पानी से बार-बार धोएं।
- बुखार, खांसी या गले में खराश होने पर भीड़ और स्कूल से दूरी रखें।
- घर और कक्षा में हवा का आवागमन बनाए रखें। बंद और भीड़भाड़ वाली जगहों में लंबे समय तक न रहें।
- संक्रमित व्यक्ति के बहुत करीब जाने और उसकी इस्तेमाल की हुई वस्तुओं को साझा न करें।
- बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों में लक्षण दिखने पर डाक्टर से मिलें।
- एंटीबायोटिक खुद से न लें। एच1एन1 वायरल संक्रमण है। डाक्टर के कहने पर एंटी वायरल दवा ले सकते हैं।
