बड़े पेड़ काटे बिना बढ़ेगी हरियाली, नोएडा के पार्कों में लागू होगा नया मॉडल; क्या मिलेगा प्रदूषण से राहत?
नोएडा प्राधिकरण 32 पार्कों के नवीनीकरण पर 34.38 करोड़ रुपये खर्च करेगा, जिससे शहर में हरियाली बढ़ेगी और 'ग्रीन बफर' मजबूत होगा। ...और पढ़ें

नोएडा प्राधिकरण 32 पार्कों के नवीनीकरण पर 34.38 करोड़ रुपये खर्च करेगा
HighLights
32 पार्कों के नवीनीकरण पर 34.38 करोड़ रुपये खर्च।
मिट्टी पलटने, नील गिरी घास लगाने से बढ़ेगी हरियाली।
वायु प्रदूषण कम होगा, शहर में बनेगा ग्रीन बफर।
कुंदन तिवारी, नोएडा। नोएडा प्राधिकरण ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। इसके तहत उद्यान विभाग ने पहले चरण में 32 पार्कों का चयन किया है, जिनमें हरियाली को बढ़ावा देने के लिए 34.38 करोड़ रुपये का खर्च किया जाएगा।
इस परियोजना में पार्कों की मिट्टी को ट्रैक्टर और हल के माध्यम से पूरी तरह से पलटा जाएगा। इसके बाद दक्षिण भारत से लाई गई नील गिरी घास को लगाया जाएगा, जो छाया में तेजी से बढ़ने और लंबे समय तक हरी रहने की विशेषता रखती है।
पार्कों का नवीनीकरण पिछले 15-20 वर्षों से नहीं हुआ है, जिसके कारण मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी और जल धारण क्षमता में कमी आई है। मिट्टी की जुताई और लेवलिंग से उसे पर्याप्त आक्सीजन मिलेगी, जिससे नए पौधों की जड़ें तेजी से फैल सकेंगी। नील गिरी घास का उपयोग उन छायादार हिस्सों को हरा-भरा रखने में मदद करेगा, जहां सामान्य घास सूख जाती है।
इस परियोजना का एक और लाभ यह है कि बड़े पेड़ों के नीचे कम ऊंचाई वाले पौधों के रोपण से प्रति वर्ग मीटर आक्सीजन उत्पादन क्षमता बढ़ेगी। यह मॉडल न केवल शहर के तापमान को नियंत्रित करने में सहायक होगा, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में धूल और वायु प्रदूषण को कम करने के लिए एक मजबूत ''ग्रीन बफर'' के रूप में कार्य करेगा।
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इस योजना का उद्देश्य पार्कों की हरियाली को बढ़ाना और पर्यावरण संरक्षण को सुनिश्चित करना है। पार्क के किनारे बड़े पेड़ों के नीचे कम ऊंचाई वाले पौधों का रोपण किया जाएगा, जिससे बड़े पेड़ों को काटने या छांटने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इससे पार्कों में हरियाली का स्तर घना होगा और वायु गुणवत्ता में सुधार होगा।
उद्यान खंड-प्रथम-द्वितीय-तृतीय-कुल
| उद्यान खंड | प्रथम | द्वितीय | तृतीय | कुल |
|---|---|---|---|---|
| पार्क | 325 संख्या (क्षेत्रफल 447.43 एकड़) | 269 संख्या (क्षेत्रफल 638.62 एकड़) | 135 संख्या (क्षेत्रफल 313.23 एकड़) | 728 संख्या (क्षेत्रफल 1889.28 एकड़) |
| हरित पट्टिका | 71 संख्या (क्षेत्रफल 338.47 एकड़) | 56 संख्या (क्षेत्रफल 307.80 एकड़) | 68 संख्या (क्षेत्रफल 424.75 एकड़) | 195 संख्या (क्षेत्रफल 1071.02 एकड़) |
| पथ वृक्षारोपण | 35 संख्या (क्षेत्रफल 107.28 एकड़) | 76 संख्या (क्षेत्रफल 323 एकड़) | 60 संख्या (क्षेत्रफल 367 एकड़) | 171 संख्या (क्षेत्रफल 797.28 एकड़) |
पार्क की कुल संख्या-740
| अन्य विवरण | |
|---|---|
| पार्क की कुल संख्या | 740 |
| पांच एकड़ से बड़े पार्क | 57 |
| 12 एकड़ से बड़े पार्क | 08 |
| अनुरक्षित पार्क का कुल क्षेत्रफल | 1200 एकड़ |
| अनुरक्षित ग्रीन बेल्ट | 800 एकड़ |
| रोड साइट पौधारोपण | 1500 किलोमीटर |
| उद्यान खंड : खर्च होने वाला बजट | |
|---|---|
| प्रथम | 21.50 करोड़ |
| द्वितीय | 4.11 करोड़ |
| तृतीय | 8.77 करोड़ |
| कुल | 34.38 करोड़ |
प्राधिकरण की ओर से पार्कों के जीर्णोद्धार और हरियाली बढ़ाने की यह योजना शहरी पारिस्थितिकी को पुनर्जीवित करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। नील गिरी घास की विशेषताएं इसे इस परियोजना के लिए उपयुक्त बनाती हैं, जिससे वायु प्रदूषण में कमी आएगी। इस प्रकार, यह योजना पर्यावरण संरक्षण और वायु गुणवत्ता में सुधार की दिशा में एक प्रभावी कदम साबित होगी।
-वंदना त्रिपाठी, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, नोएडा प्राधिकरण।