नोएडा में एक्वा लाइन मेट्रो विस्तार के लिए निर्माण कंपनी चुनने की तारीख बढ़ी, जुलाई में फाइनल होगा टेंडर
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्वा लाइन मेट्रो विस्तार परियोजना के टेंडर आवेदन की अंतिम तिथि 29 जून तक बढ़ा दी गई है। यह विस्तार बॉटनिकल गार्डन से सेक्टर-142 और ...और पढ़ें

नोएडा में एक्वा लाइन मेट्रो विस्तार के लिए निर्माण कंपनी के चयन की तारीख बढ़ी। फोटो: आर्काइव
HighLights
मेट्रो विस्तार टेंडर आवेदन की अंतिम तिथि 29 जून तक बढ़ी
बॉटनिकल गार्डन से सेक्टर-142 तक 11.5 किमी का पहला विस्तार
ग्रेटर नोएडा मेट्रो डिपो से बोड़ाकी तक दूसरा 2.6 किमी विस्तार
जागरण संवदादाता, नोएडा। नोएडा-ग्रेटर नोएडा के यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण एक्वा लाइन मेट्रो विस्तार परियोजना के तहत निकाले गए दोनों टेंडरों में आवेदन करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 29 जून कर दी गई है।
पहले आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 12 जून थी, फिर 22 जून तक बढ़ी थी और अब 29 जून तक आवेदन का समय बढ़ा दिया गया है। माना जा रहा है कि 29 जून के बाद आगे समय नहीं बढ़ेगा, क्योंकि पांच एजेंसियों के आवेदन 22 जून तक आ चुके हैं, कुछ और कंपनियों ने आवेदन के लिए समय मांगा है जिसके चलते 29 जून तक बढ़ा दिया गया है।
नोएडा मेट्रो रेल काॅरपोरेशन (एनएमआरसी) ने एक्वा लाइन के दो विस्तार परियोजनाओं के लिए टेंडर जारी किए हैं। इनमें पहला लिंक लाइन बाॅटेनिकल गार्डन से सेक्टर-142 तक किया जाना है।
11.5 किलोमीटर लंबा होगा कॉरिडोर
यह काॅरिडोर लगभग 11.5 किलोमीटर लंबा होगा और इसके बनने से दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन तथा एक्वा लाइन के बीच बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित होगी। इससे नोएडा और ग्रेटर नोएडा के करीब दो लाखों यात्रियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।
दूसरा विस्तार ग्रेटर नोएडा स्थित मेट्रो डिपो से बोड़ाकी तक प्रस्तावित है। करीब 2.6 किलोमीटर लंबे इस रूट का उद्देश्य बोड़ाकी क्षेत्र और प्रस्तावित मल्टीमाॅडल ट्रांसपोर्ट हब को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ना है।
इससे क्षेत्र में विकास गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है। एनएमआरसी अधिकारियों के अनुसार आवेदन की समय सीमा बढ़ाने का उद्देश्य अधिक से अधिक योग्य और अनुभवी कंपनियों को टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर देना है।
अब 29 जून तक आवेदन प्राप्त किए जाएंगे, जिसके बाद तकनीकी और वित्तीय प्रस्तावों का मूल्यांकन किया जाएगा। यदि प्रक्रिया तय समय पर पूरी होती है तो जुलाई के दौरान दोनों परियोजनाओं के लिए टेंडर फाइनल होने की उम्मीद है। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू करने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।