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नोएडा एयरपोर्ट से बढ़ेगी यूपी की चुनावी गर्माहट, भाजपा के विकास मॉडल की काट मुश्किल

Updated: Thu, 26 Mar 2026 09:43 PM (IST)

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनावों से पहले नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट राजनीतिक गर्माहट बढ़ाएगा। योगी सरकार इसे विकास मॉडल के रूप में भुनाएगी, जिससे अन्य दलों के लिए चुनौती खड़ी होगी।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का रनवे। सौ. प्रबंधन

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का रनवे। सौ. प्रबंधन

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अरविंद मिश्रा, ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश की राजनीति देश पर असर डालती है। इसलिए हर राजनीतिक दल उत्तर प्रदेश में सत्ता की चाबी अपने हाथ में रखने की कोशिश करता है, 2027 में विधानसभा चुनाव की ओर बढ़ रहे प्रदेश में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के जरिये योगी सरकार विकास के मॉडल को भुनाएगी।

वहीं दूसरे दलों के लिए भाजपा सरकार की इस उपलब्धि की काट करना भी आसान नहीं होगा। हालांकि अभी तक गौतमबुद्ध नगर के विकास का श्रेय मुख्य तौर पर बसपा सरकार के खाते में ही दर्ज होता रहा है। बसपा सुप्रीमो मायावती के शासन काल में गौतमबुद्ध नगर का विकास तेजी से सीढ़ी चढ़ा।

Noida Airport Runway

यमुना एक्सप्रेसवे से क्षेत्र के विकास में आई तेजी

दिल्ली से आगरा को जोड़ने के लिए 165 किमी लंबे यमुना एक्सप्रेसवे बनाकर मायावती ने इस क्षेत्र के विकास की नई इबारत गढ़ी थी। इससे नोएडा-ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के विकास को तेजी मिली। राजकीय मेडिकल कॉलेज से लेकर स्कूल आदि बनाकर मायावती ने यहां की जनता की वाहवाही लूटी। समाजवादी पार्टी की अखिलेश यादव सरकार ने आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे बनाकर प्रदेश की जनता की राजधानी लखनऊ तक पहुंच को आसान कर दिया।

विकास मॉडल की काट मुश्किल

गौतमबुद्ध नगर में नोएडा-ग्रेटर नोएडा के बीच मेट्रो सेवा, सेक्टर 18 से सेक्टर 62 तक एलिवेटेड रोड और भंगेल एलिवेटेड रोड देकर अपने खाते में उपलब्धि दर्ज की थी, लेकिन भाजपा के खाते में अभी तक जनता के बीच विकास के दावे को लेकर कुछ खास नहीं था, लेकिन नोएडा एयरपोर्ट का निर्माण कर भाजपा ने दूसरे दलों के लिए बड़ी लाइन खींच दी है।

Noida Khabar - 2026-03-19T221055.320

योगी सरकार ने प्रदेश में गंगा, बुंदेलखंड और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के जरिये जनता के सामने डबल इंजन की सरकार के विकास का चेहरा दिखाया, अब नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण के साथ योगी सरकार ने प्रदेश के साथ उत्तर भारत में विकास का नया पैमाना गढ़ दिया है।

नोएडा एयरपोर्ट के उद्घाटन के साथ चुनावी सरगर्मी होगी तेज

एक ओर प्रदेश चुनावी गर्माहट की ओर बढ़ रहा है, दूसरी ओर नोएडा एयरपोर्ट के उद्घाटन के साथ प्रदेश में चुनावी सरगर्मी और तेज होना तय है। सभी राजनीतिक दल विधानसभा चुनाव में नोएडा एयरपोर्ट के भूमिका के महत्व को अच्छी तरह से जानते हैं। इसलिए जब भी एयरपोर्ट की बात होती है तो बसपा यह बताना नहीं भूलती की सबसे पहले इस एयरपोर्ट का केंद्र को 2002 में उसकी सुप्रीमो के शासन काल में ही प्रस्ताव भेजा गया था।

अगर केंद्र व प्रदेश सरकार की रस्साकसी न होती तो पहले ही यह बनकर तैयार हो जाता, सपा के शासनकाल में यह ठंडे बस्ते में ही रहा, लेकिन केंद्र और प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद नोएडा एयरपोर्ट को वास्तविक तौर पर गति मिली और एयरपोर्ट के उद्घाटन के साथ ही विधानसभा चुनाव भाजपा डबल इंजन की सरकार के विकास के मॉडल के जरिये वोट बटोर कर प्रदेश की सत्ता की चाबी एक बार फिर अपने हाथ में रखने के लिए आतुर है।

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