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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 17, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Greater Noida Lift Accident: पोस्टमार्टम कर कांप उठे कर्मचारियों के हाथ, शवों पर औजार लगाने पर कचौट गया दिल

    By MOHD BilalEdited By: Abhi Malviya
    Updated: Sun, 17 Sep 2023 12:58 AM (IST)

    पोस्टमार्टम हाउस में रिकॉर्ड शव पोस्टमार्टम के लिए पहुंचे। पोस्टमार्टम हाउस में काम करने वाले कर्मचारियों के हाथ कांप उठे। यहां काम करने वाले कर्मचारि ...और पढ़ें

    पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टर चोट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बारे में कुछ भी बोलने से बचते रहे।
    पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टर चोट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बारे में कुछ भी बोलने से बचते रहे।

    HighLights

    1. प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री ने भी लिया मामले का संज्ञान
    2. लापरवाही बरतने वाले कई लोगों की अभी तक नहीं तय हुई जवाबदेही

    नोएडा, मोहम्मद बिलाल। Greater Noida Lift Accident: सेक्टर-94 स्थित पोस्टमार्टम हाउस में रिकार्ड शव पोस्टमार्टम के लिए पहुंचे। पोस्टमार्टम हाउस में काम करने वाले कर्मचारियों के हाथ कांप उठे। यहां काम करने वाले कर्मचारियों ने नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि पिछले 17 सालों में जिंदगी का दूसरा अनुभव है, जिसमें उसके हाथ कांप उठे।

    इससे पहले निठारी नाले में नर कंकाल मिलने के बाद बच्चियों के दुष्कर्म और हत्याकांड के बाद हुए पोस्टमार्टम के दौरान हाथ कांपे थे। लगातार शवों का पोस्टमार्टम करने के दौरान औजार तक लगाने में दिल कचौट रहा था, क्योंकि हादसे में मारे गए लोगों के सिर में गंभीर चोट लगी थी। पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टर चोट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बारे में कुछ भी बोलने से बचते रहे।

    देर रात तक चला पोस्टमार्टम

    लिफ्ट गिरने के कारण हादसे में मारे गए चार शवों के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुक्रवार देर रात तक चली थी। पोस्टमार्टम हाउस में काम करने वाले कर्मचारी काम खत्म कर तीन बजे घर पहुंचे ही थे कि उन्हें सूचना मिली की हादसे में चार लोगों की और मृत्यु हो गई है। इसलिए तुरंत ही पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। ऐसे में देर रात तक कम करने वाले कर्मचारी नींद पूरी किए बिना ही सुबह नौ बजे पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए।

    वहीं, पोस्टमार्टम की जिम्मेदारी दादरी स्थित सीएचसी में तैनात डा. शशि कौशल को दी गई। वह भी सुबह 11 बजे से पहले ही पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। दोपहर करीब 11 बजे तक सभी शवों को पुलिस शव वाहन से पोस्टमार्टम हाउस लेेकर पहुंची। इसके बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू हुई है।

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    पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शाम सात बजे के बजे के बाद चलती रही। सबसे पहले हादसे में मारे गए लोगों के शवों का पोस्टमार्टम हुआ। शनिवार को पोस्टमार्टम हाउस में 11 शव पोस्टमार्टम के लिए पहुंचे। इनमें चार हादसे में मारे गए लोग भी शामिल रहे।

    वहीं, सात शव सड़क हादसे, खुदकुशी, संदिग्ध मौत के बाद पोस्टमार्टम के लिए पहुंचे। इस कारण पोस्टमार्टम हाउस के बाहर सुबह से शाम तक भीड़ रही। जगह नहीं होने के कारण शवों को प्रवेश द्वार की चौखट पर रखना पड़ा। इससे कई मृतकों के स्वजन ने नाराजगी व्यक्त की। इस कारण उनकी यहां काम करने वाले कर्मचारियों के साथ नोकझोंक हुई।

    कम पड़ गए शव वाहन

    पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रशासन की ओर से शव वाहनों को निश्शुल्क ही उनके घरों तक छोड़ने की व्यवस्था की गई थी।

    स्वास्थ्य विभाग के पास वर्तमान में दो शव वाहन है। इनमें भी एक शव वाहन जिला अस्पताल में तैनात है। इस कारण स्वास्थ्य विभाग को निजी अस्पताल से शवों को घर तक पहुंचाने के लिए एक प्राइवेट अस्पताल से शव वाहन की मांंग करनी पड़ी। अस्पताल प्रशासन की ओर से तुरंत ही वाहनों को भेजा गया।

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    प्रशासन और पुलिस अधिकारियों का जमावड़ा

    पोस्टमार्टम हाउस के बाहर लगा जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों का जमावड़ा लगा रहा। दादरी तहसील की ओर से तहसीलदार अशोक कुमार ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर हादसे में मारे गए लोगों की जानकारी जुटाई। जिससे प्रशासन की ओर से पीड़ितों की आर्थिक मदद की जा सके।

    स्वजन ने प्रशासनिक अधिकारियों को जरूरी जानकारी मुहैया कराई है। वहीं कानून व्यवस्था के मद्देनजर पोस्टमार्टम हाउस के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा। एसीपी सेंट्रल नोएडा की ओर से मौके पर पहुंच पुलिसकर्मियों से स्थिति का जायजा लिया।

    रिपोर्ट इनपुट- मोहम्मद बिलाल