क्या अब भारत का अपना ‘राष्ट्रीय ध्वज गीत’ भी होगा? कानपुर सांसद रमेश अवस्थी ने लोकसभा में पेश किया बिल
कानपुर सांसद रमेश अवस्थी (Ramesh Awasthi) ने लोकसभा में 'राष्ट्रीय ध्वज गीत विधेयक, 2026' पेश किया है। इसका उद्देश्य "विजयी विश्व तिरंगा प्यारा" गीत क ...और पढ़ें

कानपुर सांसद रमेश अवस्थी ने लोकसभा में 'राष्ट्रीय ध्वज गीत विधेयक, 2026' पेश किया है।
HighLights
कानपुर सांसद रमेश अवस्थी ने लोकसभा में बिल पेश किया।
"विजयी विश्व तिरंगा प्यारा" को राष्ट्रीय ध्वज गीत बनाने का लक्ष्य।
श्यामलाल गुप्ता 'पार्षद' द्वारा रचित गीत को कानूनी सम्मान।
जागरण संवाददाता, नोएडा। कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी (Ramesh Awasthi) ने मौजूदा संसदीय सत्र के दौरान लोकसभा में 'राष्ट्रीय ध्वज गीत विधेयक, 2026' (National Flag Song Bill, 2026) को एक प्राइवेट मेंबर बिल के तौर पर पेश किया है। इस बिल का मकसद "विजयी विश्व तिरंगा प्यारा, झंडा ऊंचा रहे हमारा" गीत को आधिकारिक तौर पर भारत का 'राष्ट्रीय ध्वज गीत' घोषित करना है।
यह अमर रचना कानपुर की पवित्र धरती के सपूत, दिवंगत पद्म श्री श्याम लाल गुप्ता 'पार्षद' ने लिखी थी। एक सदी से भी ज़्यादा समय से यह गीत देश भर में झंडा फहराने के समारोहों, स्कूलों की सभाओं और सार्वजनिक कार्यक्रमों में गाया जाता रहा है; फिर भी, आज तक इसे कोई औपचारिक कानूनी दर्जा नहीं मिला है। 'राष्ट्रीय ध्वज गीत विधेयक, 2026' का मकसद इसी स्थिति को बदलना है।
सांसद रमेश अवस्थी के अनुसार, यह बिल "सिर्फ़ एक विधायी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि करोड़ों भारतीयों की भावनाओं और हमारे तिरंगे के सम्मान, गौरव और गर्व से गहराई से जुड़ी एक ऐतिहासिक पहल है।"
नेशनल फ़्लैग सॉन्ग बिल, 2026 की मुख्य बातें
रमेश अवस्थी ने इस बिल के तीन मुख्य उद्देश्य बताए हैं:
1. कानपुर का राष्ट्रीय गौरव — कानपुर के ही रहने वाले स्वर्गीय पद्म श्री श्याम लाल गुप्ता 'पार्षद' द्वारा रचित "विजयी विश्व तिरंगा प्यारा, झंडा ऊँचा रहे हमारा" गीत को आधिकारिक तौर पर भारत के 'राष्ट्रीय ध्वज गीत' (National Flag Song) के रूप में मान्यता देना।
2. आधिकारिक दर्जा और सम्मान — राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान में गाए जाने वाले इस गीत को सर्वोच्च सम्मान देना, साथ ही राष्ट्रगान (जन गण मन) और राष्ट्रगीत (वंदे मातरम) की गरिमा को पूरी तरह बनाए रखना। यह बिल किसी भी मौजूदा राष्ट्रीय प्रतीक का विकल्प नहीं है।
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3. एक जैसा प्रोटोकॉल — देश भर में सरकारी समारोहों, शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में इसे गाने के लिए एक सम्मानजनक, एक जैसा और मानक प्रोटोकॉल बनाना।
इस बिल के समय का महत्व
नेशनल फ़्लैग सॉन्ग बिल संसद में ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय प्रतीकों की कानूनी स्थिति पर पहले से ही विचार-विमर्श चल रहा है। 30 जुलाई को लोकसभा ने 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) बिल, 2026' को ध्वनि मत से पारित किया, जिसमें राष्ट्रगान के लिए लागू सुरक्षा और दंड के प्रावधानों को राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' तक भी बढ़ाया गया।
यह संशोधन 24 जुलाई, 2026 को राज्यसभा में पेश किया गया था और इसने वंदे मातरम को उसी सुरक्षा दायरे में शामिल किया जिसके तहत पहले से ही राष्ट्रीय ध्वज, भारत का संविधान और राष्ट्रगान आते हैं।
अवस्थी का 'प्राइवेट मेंबर बिल' इस कानूनी सोच को एक कदम और आगे ले जाता है—इसे उस गीत तक बढ़ाता है जिसे खास तौर पर तिरंगे के सम्मान में रचा गया था।
तिरंगे के गीत पर कानपुर का दावा
यह बिल कानपुर के लिए खास महत्व रखता है। इस क्षेत्र के स्वतंत्रता सेनानी श्यामलाल गुप्ता 'पार्षद' ने 1930 के दशक में "विजयी विश्व तिरंगा प्यारा" गीत की रचना की थी; कानपुर में हुए कांग्रेस अधिवेशन के दौरान यह गीत राष्ट्रीय आंदोलन की आवाज़ बन गया था। बाद में उन्हें इस योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया।
सांसद ने इसे राष्ट्रीय गौरव और अपने संसदीय क्षेत्र के सम्मान, दोनों से जुड़ा मामला बताया है। कानपुर के प्रतिनिधि के तौर पर संसद में यह ऐतिहासिक 'प्राइवेट मेंबर बिल' पेश करना उनके लिए "बेहद गर्व और सौभाग्य" की बात है।
अवस्थी के अनुसार, अब उनकी प्राथमिकता उस गीत को कानूनी मान्यता दिलाना है जिसने "आज़ादी की लड़ाई से लेकर आज तक हर भारतीय के दिल में देशभक्ति की भावना जगाई है।"
आगे क्या होगा?
'नेशनल फ्लैग सॉन्ग बिल, 2026' एक 'प्राइवेट मेंबर बिल' है, इसलिए यह उन बिलों के लिए तय प्रक्रिया का पालन करेगा जिन्हें मंत्री न होने वाले सांसद पेश करते हैं। यानी, इसे सदन के सत्र के दौरान 'प्राइवेट मेंबर्स बिजनेस' (निजी सदस्यों के कामकाज) के लिए तय समय में पेश किया जाएगा, जो आमतौर पर शुक्रवार को होता है। हालांकि ऐसे बिल शायद ही कभी कानून बन पाते हैं, लेकिन इतिहास में इन्होंने राष्ट्रीय एजेंडे पर मुद्दों को रखने और सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए एक सशक्त माध्यम के तौर पर काम किया है।
रमेश अवस्थी कानपुर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं और 2024 में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर सांसद चुने गए थे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
'नेशनल फ़्लैग सॉन्ग बिल, 2026' क्या है? यह लोकसभा में कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी द्वारा पेश किया गया एक 'प्राइवेट मेंबर बिल' है। इसका मकसद "विजयी विश्व तिरंगा प्यारा, झंडा ऊँचा रहे हमारा" को भारत का आधिकारिक राष्ट्रीय ध्वज गीत घोषित करना और इसे गाने के लिए एक समान नियम (प्रोटोकॉल) बनाना है।
'नेशनल फ़्लैग सॉन्ग बिल' किसने पेश किया? कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी ने संसद के मौजूदा सत्र के दौरान लोकसभा में यह बिल पेश किया।
'विजयी विश्व तिरंगा प्यारा' के रचयिता कौन हैं? उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले दिवंगत स्वतंत्रता सेनानी, पद्म श्री श्यामलाल गुप्ता 'पार्षद'।
क्या यह बिल राष्ट्रगान या राष्ट्रगीत की जगह लेगा? नहीं। यह बिल साफ़ तौर पर 'जन गण मन' और 'वंदे मातरम' की गरिमा और सर्वोच्चता को बनाए रखता है। राष्ट्रीय ध्वज गीत, तिरंगे को समर्पित एक अतिरिक्त श्रेणी होगी।