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    पराली और कृषि अवशेष बनेंगे कमाई का जरिया? ग्रेटर नोएडा में बायोएनर्जी एक्सपो में दिखेगा नया रास्ता

    Updated: Sun, 09 Aug 2026 07:07 AM (IST)

    ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाला बायोएनर्जी एक्सपो किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर केंद्रित होगा। यह कृषि अवशेषों को जै ...और पढ़ें

    कृषि अवशेषों से किसानों की आय बढ़ाने पर जोर।

    कृषि अवशेषों से किसानों की आय बढ़ाने पर जोर।

    HighLights

    1. कृषि अवशेषों से किसानों की आय बढ़ाने पर जोर।

    2. ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

    3. स्वच्छ ऊर्जा समाधानों पर चर्चा, यूपी रहेगा केंद्र में।

    जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। बायो एनर्जी एक्सपो किसान की आय बढ़ाने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति दे सकता है। देश में स्वच्छ ऊर्जा को लेकर चल रहे प्रयासों में कृषि अवशेष आय का नया स्रोत बन सकते हैं। इंडिया एक्सपो मार्ट में 11 अगस्त से 13 अगस्त तक आयोजित होने वाले इंडिया बायोएनर्जी एंड टेक एक्सपो 2026 में कृषि अवशेषों को जैव ईंधन और स्वच्छ ऊर्जा के लिए उपयोगी फीड स्टॉक में बदलने के साथ किसानों की अतिरिक्त आय, ग्रामीण रोजगार और स्थानीय उद्यमिता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

    कृषि आधारित अर्थव्यवस्था और प्रचुर बायोमास संसाधनों के कारण उत्तर प्रदेश आयोजन में चर्चा के केंद्र में रहेगा। कृषि अवशेषों को ऊर्जा के लिए उपयोग करने से किसानों के लिए नए बाजार और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।

    कंप्रेस्ड बायोगैस, एथनाल, बायोमास पेलेट्स और ब्रिकेट्स समेत विभिन्न जैव ऊर्जा समाधानों पर भी चर्चा होगी। एक्सपो में किसानों के लिए ग्रीन एनर्जी और आय के अवसरों को बढ़ावा देना विषय पर विशेष सत्र होगा, जिसमें किसानों को उभरती बायोएनर्जी अर्थव्यवस्था से जोड़ने के अवसरों पर मंथन किया जाएगा।

    फसल अवशेष और पशु अपशिष्ट जैसे जैविक कचरे को बायोगैस और बायो-स्लरी में बदलने को बढ़ावा दिया जाता है। इससे गांवों में कचरा प्रबंधन मजबूत करने के साथ आर्थिक गतिविधियों, रोजगार और किसानों की अतिरिक्त आय के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं।

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    आइएफजीई के महानिदेशक संजय गंजू का कहना है कि कृषि अवशेषों को अब केवल कचरे के रूप में देखने के बजाय किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए आर्थिक संसाधन के रूप में देखना होगा। बायोमास के लिए संगठित बाजार विकसित होने से किसानों की अतिरिक्त आय बढ़ सकती है और संग्रह, एकत्रीकरण, परिवहन तथा प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।

    एक्सपो में टिकाऊ फीडस्टाक इकोसिस्टम विकसित करने के लिए वित्त, तकनीक और नीतिगत ढांचे पर भी चर्चा होगी। इसका उद्देश्य ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देना और भारत के कम कार्बन वाली अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ते कदमों को गति देना है।