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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Manmohan Singh: …जब दंगा पीड़ितों का दर्द बांटने गांव पहुंच गए थे मनमोहन सिंह, दिया था बड़ा बयान

    Updated: Thu, 26 Dec 2024 10:55 PM (IST)

    पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन पर मुजफ्फरनगर के लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। वर्ष 2013 में सांप्रदायिक दंगों के दौरान उन्होंने मुजफ्फरनगर का ...और पढ़ें

    2013 में शाहपुर क्षेत्र में आए तत्कालीन प्रधानमंत्री डाॅ. मनमोहन सिंह दंगा पीड़ितों का हाल जानते हुए। भूषण भास्कर
    2013 में शाहपुर क्षेत्र में आए तत्कालीन प्रधानमंत्री डाॅ. मनमोहन सिंह दंगा पीड़ितों का हाल जानते हुए। भूषण भास्कर

    HighLights

    1. दंगा पीड़ितों का दर्द बांटने पहुंचे थे पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह
    2. 2013 को किया था जिले का दौरा, पीड़ितों को दिया था भरोसा

    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। यह बात वर्ष 2013 की है, सितंबर का महीना था और जिले में सांप्रदायिक दंगे की आग भड़क चुकी थी। कई गांव में घटनाएं हुई थी और अनेक लोगों की जान चली गई थी, उसी दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष रही सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी के साथ जनपद का दौरा किया था। 

    मनमोहन सिंह ने दंगा पीड़ितों का दर्द बांटने के साथ ही उनको न्याय का भरोसा भी दिया था। गुरुवार रात जैसे ही पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन का समाचार आया तो उन तमाम लोगों को झटका लगा जो वर्ष 2013 में मनमोहन सिंह के मुजफ्फरनगर आगमन के साक्षी रहे।

    गांव बसीकला में दंगा पीड़ितों से मिले थे मनमोहन

    दरअसल, जिले में सांप्रदायिक दंगा 13 सितंबर 2013 को भड़का था। इसके बाद 16 सितंबर को तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, सोनिया गांधी और राहुल गांधी मुजफ्फरनगर पहुंचे थे। यहां उन्होंने शाहपुर थाना क्षेत्र के गांव बसीकला में दंगा पीड़ित राहत शिविर में पहुंचकर लोगों से घटना की जानकारी ली थी। 

    शिविर में जमील नामक व्यक्ति ने मनमोहन सिंह के सामने फफकते हुए कहा था कि उसने अपनी पत्नी और परिवार के लोगों को अपनी आंखों के सामने कत्ल होते देखा है, जिस पर तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जमील को कंधे पर हाथ रखकर न्याय दिलाने का भरोसा दिया था। साथ ही उन्होंने कहा था कि दंगा पीड़ितों की पूरी मदद की जाएगी।

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    इसके पश्चात उनका काफिला मुजफ्फरनगर शहर में पहुंचा था। यहां पर मोहल्ला अबुपुरा में पत्रकार राजेश वर्मा की भी दंगे के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तत्कालीन प्रधानमंत्री ने राजेश वर्मा के परिवार से भी मुलाकात की थी और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिलाने का भरोसा भी दिया था। इसके पश्चात वह नुमाइश मैदान में बनाए गए हेलीपैड से अपने वायुयान में सवार होकर दिल्ली के लिए रवाना हो गए थे। 

    पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन होने की जानकारी मिलने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भी शोक छा गया है। जिला अध्यक्ष सुबोध शर्मा का कहना है कि यह बहुत कष्टकारी समय है, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का निधन पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति है।

    ये दिया था बयान

    मैं, सोनिया जी और राहुल गांधी आपके दुःख दर्द में शामिल होने के लिए आए हैं, ताकि इस बात का अंदाजा लगा सकूं कि इतनी बड़ी दुर्घटना हुई। यह बहुत बड़ी दुर्घटना है, जो भी इसके लिए जिम्मेदार है उनको पूरी पूरी सजा मिलनी चाहिए। केंद्र सरकार, यूपी सरकार की पूरी मदद करेगी और साथ ही हमारी कोशिश ये होगी कि जो लोग इस बड़ी दुर्घटना में शामिल हुए है, उनको कड़ी से कड़ी सजा मिले।