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विदेश में नौकरी का ऑफर ठुकराकर अपने गांव में 'बॉस' बनीं विधि, स्टार्टअप से खुद के साथ संवारी 40 महिलाओं की तकदीर

By Dilshad Ali Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Mon, 12 Oct 2026 04:39 PM (IST)

मुजफ्फरनगर की विधि मलिक ने नौकरी छोड़कर बुढ़ाना के खेड़ा मस्तान गांव में अपना व्यवसाय शुरू किया। वह 40 से ...और पढ़ें

मुजफ्फरनगर के गांव खेड़ामस्तान में प्रशिक्षण देतीं और अपनी टीम के साथ तैयार की गई पोशाक दिखातीं विधि मलिक। सौ. स्वयं

मुजफ्फरनगर के गांव खेड़ामस्तान में प्रशिक्षण देतीं और अपनी टीम के साथ तैयार की गई पोशाक दिखातीं विधि मलिक। सौ. स्वयं

HighLights

  1. मुजफ्फरनगर के गांव खेड़ामस्तान में विधि मलिक ने नौकरी छोड़ शुरू किया व्यवसाय।

  2. दूल्हा-दुल्हन और देवी-देवताओं की पोशाक के कारोबार से बनाई है खास पहचान।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। नारी अब चौका-चूल्हा तक सीमित नहीं है, हौंसले के पंखों से प्रगति के साथ सफलता की उड़ान भर रही हैं। जेन-जी यानि नई पीढ़ी अपनी सोच, मेहनत के बलबूते नए आयाम गढ़ रही है। ऐसा ही बुढ़ाना के गांव खेड़ा मस्तान की युवा उद्यमी विधि मलिक ने किया है।

विधि ने प्राइवेट एवं सरकारी नौकरी का मोह छोड़कर स्वयं कारोबार करने की ठानी। वह अपने साथ 40 से अधिक ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से समृद्ध बना रही हैं। बुढ़ाना के गांव खेड़ा मस्तान निवासी 25 वर्षीय विधि मलिक ने वर्ष 2020 में बीटेक किया और प्राइवेट कंपनी में नौकरी की, लेकिन कोविड संक्रमण के कारण नौकरी छोड़कर घर आ गईं।

सरकारी नौकरी का सपना बुना, मगर दुर्घटना के चलते हाथ में फैक्चर हो गया। उसके बाद विधि ने बिजनेस का अनुभव सीखने के लिए एमबीए और फैशन डिजाइन में डिप्लोमा कोर्स किया। विदेश में नौकरी का ऑफर ठुकरा दिया। उन्होंने खुद अपने पैरों पर खड़े होकर ग्रामीण अंचल की महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की तरफ कदम बढ़ाने का फैसला किया।

उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में भी लगाया स्टाल 

इसके चलते दूल्हा-दुल्हन की ड्रेस, ब्राइडल एंट्री चादर और दुपट्टे का कारोबार शुरू करने के साथ ही माता रानी और कान्हा की पोशाक बनाने का काम जोड़ दिया। उनके बनाए कपड़ों की मांग जनपद के अलावा मेरठ, गाजियाबाद, दिल्ली तक है। हाल ही में ग्रेटर नोएडा में लगे उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में उन्होंने स्टाल लगाया तो कपड़ों के साथ घरेलू सामान को लोगों ने खूब पंसद किया।

सीएम युवा उद्यमी योजना का लाभ लेकर कारोबार की नींव रखी

विधि बताती हैं कि सीएम युवा उद्यमी योजना का लाभ लेकर अपने कारोबार की नींव रखी। शुरुआत में थोड़ी परेशानी बनी, लेकिन पिछले एक साल से उनका कारोबार अच्छा चल रहा है। गांव की युवतियों, पढ़ी-लिखी 40 से अधिक महिलाओं को अपने साथ जोड़ लिया।

उन्हें पहले ड्रेस तैयार करने का प्रशिक्षण दिया, उसके बाद निरंतर काम को प्रगति पर पहुंचाया। वह कहती हैं कि यह सिर्फ एक बिजनेस नहीं है, बल्कि एक ऐसा उद्देश्य बन गया, जिसके माध्यम से दूसरी महिलाओं को भी आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।