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    वाटर पार्क में डूबने से पांच साल के बच्चे की मौत, माता-पिता की इकलौती संतान था चिंटू, मुजफ्फरनगर में हुआ हादसा  

    By Pradeepmittal Mittal Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Mon, 29 Jun 2026 02:56 PM (IST)

    Muzaffarnagar News : मुजफ्फरनगर के श्रीदेव वाटर पार्क में पांच साल के एक बच्चे की डूबने से मौत हो गई, जिससे परिवार में मातम छा गया। वाटर पार्क की मान् ...और पढ़ें

    चिंटू का फाइल फोटो और वाटर पार्क वह हिस्सा जहां हादसा हुआ।

    चिंटू का फाइल फोटो और वाटर पार्क वह हिस्सा जहां हादसा हुआ।

    HighLights

    1. स्वजन के साथ 15 किमी दूर स्विमिंग करने गया था, गहरे पानी में समाया

    2. चार साल पहले वाटर पार्क की ली थी मान्यता, नहीं कराया नवीनीकरण

    संवाद सूत्र, बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर)। वाटर पार्क में डूबने से पांच साल के बालक की मौत हो गई। बालक गांव से 15 किमी दूर स्वजन के साथ स्विमिंग करने गया था। चार साल पहले वाटर पार्क की मान्यता ली गई थी, लेकिन इसके बाद नवीनीकरण नहीं कराया गया।
    इकलौती संतान की मौत से परिवार में मातम है। हालांकि स्वजन ने इस मामले में किसी भी प्रकार की कार्रवाई से इन्कार किया है।

    गांव सदरुद्दीननगर मजरा निवासी कपिल बालिया का बेटा चिंटू रविवार को परिवार के साथ सराय चौकी के पास स्थित श्रीदेव वाटर पार्क में आया था। स्विमिंग पूल में चिंटू स्वजन के साथ अचानक गहरे पानी की ओर चला गया और डूबने लगा। आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाते हुए बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया।

    अस्पताल में चिकित्सक ने जांच कर बालक को मृत घोषित कर दिया। बालक की मौत से स्वजन में कोहराम मच गया। फुगाना थाना प्रभारी जयवीर सिंह ने बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जानकारी जुटाई। हालांकि स्वजन ने इस घटना को महज एक हादसा बताते हुए किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई कराने से मना कर दिया।

    पुलिस ने पंचनामा भरकर शव स्वजन को सौंप दिया। प्रभारी जिला क्रीड़ाधिकारी भूपेंद्र सिंह यादव ने बताया कि श्रीदेव वाटर पार्क का नवीनीकरण नहीं कराया गया था। बालक की मौत कैसे हुई इस मामले की जांच के लिए टीम गठित की जा रही है।

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    लापरवाही से गई बच्चे की जान

    वाटर पार्क में डूबने से बालक की मौत केवल एक हादसा नहीं, बल्कि घोर लापरवाही का नतीजा है। वाटर पार्क में बच्चों के लिए अलग से उथला हिस्सा, लाइफगार्ड, गहराई के स्पष्ट चेतावनी बोर्ड और पर्याप्त निगरानी जैसी बुनियादी सुरक्षा व्यवस्थाएं नहीं हैं। हंसते-खेलते परिवार की खुशियां एक पल में मातम में बदल गईं।

    वाटर पार्क के साथ रेस्टोरेंट किया बंद

    इस वाटर पार्क के साथ एक रेस्टोरेंट भी खोल रखा है। हादसे के बाद रविवार को शाम से ही रेस्टोरेंट और वाटर पार्क को बंद कर दिया गया। वाटर पार्क प्रबंधक श्रीदेव सैनी ने बताया कि चार वर्ष पूर्व वाटर पार्क की अनुमति ली गई थी। दावा किया कि वाटर पार्क पर आठ सुरक्षा गार्ड लगाए हुए हैं।

    उन्होंने स्वजन से गहरे पानी में बच्चे को लेकर नहीं जाने के लिए चेतावनी दी थी, लेकिन स्वजन बच्चे को गोद में लेकर गहरे पानी में चले गए और बच्चा उनके हाथ से फिसल गया, जिससे उसकी मौत हो गई।