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    मुरादाबाद में बंदर पकड़ने गई टीमों में ही भयंकर 'महाभारत': वन विभाग और नगर निगम आपस में भिड़े, खाली हाथ लौटे

    Updated: Sat, 08 Aug 2026 11:01 PM (IST)

    मुरादाबाद में बंदरों के आतंक से निपटने गई वन विभाग और नगर निगम की टीमें आपस में जिम्मेदारी को लेकर भिड़ गईं, और बिना किसी कार्रवाई के खाली हाथ लौट आईं ...और पढ़ें

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    1. जिलाधिकारी के निर्देश पर मोरा मिलक में बिना संसाधन पहुंचीं वन विभाग व नगर निगम की टीम

    2. टीमों में संसाधनों को लेकर हुई नोकझोंक, लोग बोले-विभाग तय नहीं कर पा रहे तो हमारी कौन सुने

    जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। मोरा की मिलक में बंदरों के आतंक के बीच शनिवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर वन विभाग और नगर निगम की टीमें बंदरों को पकड़ने पहुंचीं, लेकिन मौके पर दोनों विभागों के बीच बंदर पकड़ने की जिम्मेदारी को लेकर ही विवाद खड़ा हो गया। नगर निगम की टीम ने वन रेंजर पुष्पेंद्र से कहा कि बंदरों को ट्रेंकुलाइज करने की सुविधा वन विभाग के पास है, इसलिए बंदरों को ट्रेंकुलाइज किया जाए, जबकि वन विभाग की ओर से कहा गया कि बंदर पकड़ने की व्यवस्था नगर निगम करे, वन विभाग सहयोग करेगा।

    वन विभाग की ओर से बंद रेंजर पुष्पेंद्र के साथ दो दरोगा मौके पर पहुंचे थे। वहीं नगर निगम की टीम अमान शाहिद के नेतृत्व में पहुंची। नगर निगम की टीम अपने साथ कुत्ते पकड़ने वाली टीम और वाहन भी लेकर पहुंची थी, उनके पास पास बंदर पकड़ने की तकनीक न होने पर वन विभाग से ट्रैंकुलाइज करने को कहा।

    लेकिन, वन विभाग की टीम मोरा मिलक में खाली हाथ पहुंच गई, ट्रैंकुलाइज की सुविधा नहीं थी। जिस पर नगर निगम की टीम बोली कि हिंसक बंदर बिना ट्रैंकुलाइज किए नहीं पकड़ा जा सकता। जिलाधिकारी की बैठक में ट्रैंकुलाइज करके बंदर को पकड़ने के निर्देश दिए गए थे।

    नगर निगम की टीम कुत्तों को पकड़ने वाली टीम व वाहन के साथ गई थी। लेकिन प्रशिक्षित टीम न होने के कारण वह भी वापस लौट गई। लिहाजा पहले दिन वन विभाग व नगर निगम की टीमें पहुंची जरूर लेकिन, बिना तैयारी के पहुंचने पर भिड़ गए। कुछ प्रयास जरूर निगम की टीम ने किया और कब्रिस्तान और आसपास के खेतों में बंदरों की तलाश की, लेकिन बंदर नहीं मिले।

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    क्षेत्र में एक सप्ताह में 20 लोगों को काटने पर ग्रामीण चंदन रैदास,हरज्ञान सिंह प्रधान, इंद्रपाल सिंह, राजवीर सिंह, रोहित, शोभित, सचिन सिंह, अभिषेक सिंह, विशाल सिंह, संजीव गौतम, पंकज सागर, सौ सिंह, नरेश कर्मचंद, राकेश, राम सिंह, खेम सिंह ने समस्या बताई।

    नगर विधायक ने भी डीएम को लिखा पत्र

    भाजपा से नगर विधायक रितेश गुप्ता ने भी बंदरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए जिलाधिकारी को पत्र लिखा था। उन्होंने कहा कि परंपरा, आशियाना, रामगंगा विहार, मोरा की मिलक, दाऊ दयाल खन्ना नगर, प्रकाश एन्क्लेव, मैनाठेर, केजीके कालेज के आसपास, समेत पूरे शहर में बंदरों का आतंक है। उन्होंने बंदर पकड़ने को निर्देश देने पत्र में कहा।

    बच्चे की मौत की अफवाह भी फैली

    किसी ने जिलाधिकारी को सूचना दी कि मोरा की मिलक में बंदर के काटने से एक बच्चे की मौत हो गई है। जिस पर उन्होंने एसडीएम व तहसीलदार को मौके पर भेजा। लेकिन, एसडीएम व तहसीलदार के मोरा मिलक पहुंचने पर मौत की सूचना अफवाह मिली। जिलाधिकारी राजेंद्र सिंह पैंसिया ने इस घटना से मोरा मिलक में कोई मतलब होने से इंकार किया है।

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