यूपी में 3.80 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी, आरोपी बोला- मैं तो 10000 रुपये की नौकरी कर रहा हूं
मुरादाबाद में 3.80 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी का मामला सामने आया है। मोहम्मद फराज नामक व्यक्ति के नाम पर फर्जी फर्म 'मेसर्स एमएफ क्रिएशन' बनाकर बिना ख ...और पढ़ें


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जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। बोगस फर्म बनाकर जीएसटी चोरी पिछले चार दिन पहले चार नए सामने आए है। अब कटघर क्षेत्र में बोगस फर्म बनाकर बिना खरीद बिक्री किए बिल ट्रेडिंग कर 3.80 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी कर ली।
पुलिस ने राज्यकर विभाग के अधिकारी के शिकायती पत्र पर कटघर के करुला गली नंबर एक निवासी मोहम्मद फरार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है, जबकि आरोपित ने राज्यकर अधिकारियों के सामने पेश होकर बताया कि वह तो एक फर्म में दस हजार रुपये प्रतिमाह की नौकरी करता है। फर्म मालिक के बेटे ने धोखाधड़ी से फर्म मेरे नाम से पंजीकरण करा दी।
यह है पूरा मामला
उपायुक्त राज्यकर रेंज-ए कार्यालय प्रधान सहायक अरविंद कुमार ने बताया कि करुला निवासी मोहम्मद फराज ने मेसर्स एमएफ क्रिएशन नाम से फर्म बनाकर 24 मार्च 2024 को केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर में आनलाइन आवेदन कर जीएसटी नंबर लिया था। फर्म के माध्यम से पीतल सिल्ली के खरीद-फरोख्त करने की बात बताई गई थी।
साल 2024-25 में 6.4 करोड़ से अधिक का टर्नओवर दिखाया। इसमें एक करोड़ से अधिक की आईटीसी देयकर समायोजित करके हुए केवल एक हजार रुपये जमा किया। 2025-26 में 2.81 करोड़ का टर्नओवर दिखाया और 50.74 लाख की आईटीसी का देयकर समायोजित करते हुए एक भी रुपये जमा नहीं किया गया।
फराज ने 2024-25 व 2025-26 में सभी आउटवर्ड सप्लाई की करदेयता का समायोजन बोगस आईटीसी से किया है। क्योंकि फराज ने उपरोक्त वर्षों ऐसी फर्मों से इनवर्ड सप्लाई प्राप्त की गयी है, जिनका पंजीयन पहले से ही निरस्त हो चुका है।
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इस मामले की विस्तृत जांच के लिए फर्म मालिक फराज को बयान दर्ज कराने के लिए तलब किया गया तो उसने 29 नवंबर 2025 को अपना बयान दर्ज कराया।
प्रधान सहायक ने दावा किया कि फराज ने बताया कि फर्म में उसके द्वारा कोई काम नहीं किया जाता है और ना ही यह फर्म उसकी है। उसने यह भी बताया कि वह तैमूर एण्टरप्राइजेज के यहां नौकरी करता है जो ब्रास सिल्ली का व्यापार करती है। यह फर्म कटघर के उड़पुरा में है, जिसमें वह फर्म में माल और पैसों के तकादा करने का काम करता है। वह फर्म मालिक के यहां नौकरी करता है, जिसके लिए उसे दस हजार रुपये मासिक वेतन मिलता है।
फराज ने अपने बयान में बताया कि फर्म मालिक के बेटे ने उसका वेतन देने के लिए एचडीएफसी बैंक में उसका खाता खुलवाने के नाम पर आधार कार्ड, पेन कार्ड, बिजली बिल के साथ ही उसके एसबीआई चालू खाता की चेकबुक लिया था।
इसके बाद अपने साथ लेजाकर एचडीएफसी में कई कागजों पर हस्ताक्षर कराए थे। उसका मोबाइल नंबर भी फर्म मालिक के बेटे ने ले लिया था।
एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि मामले में प्रधान सहायक के शिकायती पत्र के आधार पर पुलिस ने आरोपित मोहम्मद फरार के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी व अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। अब इस मामले की जांच भी एसआईटी टीम को सौंपी जाएगी।