PM मोदी की इस बात को मुरादाबाद ने लिया दिल पर! बड़े नेताओं से लेकर आम जनता तक सबने बदला अपना लाइफस्टाइल
प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी की अपील के बाद मुरादाबाद में साइकिल और ई-बाइक की मांग बढ़ गई है। लोग ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्वास् ...और पढ़ें

साइकिल रिपेयर करता कारीगर।जागरण
HighLights
बाजार में साइकिलों के शोरूम पर पहुंच रहे लोग, ले रहे जानकारी
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। ऊर्जा संरक्षण को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनता से की गई अपील का असर जिले में दिखने लगा है। अभी तक साइकिल को जहां सेहत और स्टेटस सिंबल से जोड़कर देखा जा रहा था, वहीं साइकिल की डिमांड अपील के बाद बढ़ गई है। ऊर्जा सहित पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारियों ने साइकिल बुक कराना शुरू कर दिया है।
शहर के साईकिल और ई-बाइक शोरूम पर भी लोग दाम को लेकर पूछताछ कर रहे हैं। साथ ही बच्चों को मोबाइल की लत से दूर रखने के लिए भी पूछताछ हो रही है। जिससे वह आउटडोर गेम कर सकें। वहीं, जिन लोगों के पास पुरानी साइकिलें कबाड़ में थीं। उन्हें भी रिपेयर कराने के लिए दुकानों पर भेजा जा रहा है।

शहर में आठ से अधिक बड़े साइकिल शोरूम संचालित हैं। साइकिल विक्रेता विकास अरोड़ा ने बताया कि प्रधानमंत्री के संदेश के बाद लोगों में जागरूकता बढ़ी है।
पहले जहां ग्राहक कभी-कभार साइकिल देखने आते थे, अब रोजाना लोग माडल, कीमत और डिस्काउंट की जानकारी लेने पहुंच रहे हैं। कई ग्राहक सुबह और शाम में टहल लगाने के लिए भी खरीद रहे हैं। कुल मिलाकर साईकिल और ई-बाइक बाजार में आने वाले पांच से छह दिन में खूब बिक्री बढ़ने का अनुमान दुकानदार लगा रहे हैं।
प्रशासनिक अधिकारी भी दे रहे आर्डर
सरकारी विभागों में भी साइकिल और ई-बाइक को लेकर रुचि बढ़ी है। प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से भी साइकिलों के आर्डर दिए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में सरकारी कार्यालयों और स्थानीय स्तर पर छोटी दूरी तय करने के लिए साइकिल के इस्तेमाल को बढ़ावा मिल सकता है।
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ईंधन की बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी। बुध बाजार स्थित ई-बाइक विक्रेता संजीव कुमार के अनुसार, ई-बाइक का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। लोग कम खर्च और सुविधाजनक यात्रा के विकल्प तलाश रहे हैं।
खासतौर पर कालेज छात्र, नौकरीपेशा लोग और महिलाएं ई-बाइक में रुचि दिखा रही हैं। एक बार चार्ज करने पर लंबी दूरी तय करने की सुविधा और पेट्रोल खर्च न होने के कारण लोग इसे बेहतर विकल्प मान रहे हैं।
मरम्मत की दुकानों पर भी बढ़ी भीड़
सिर्फ नई साइकिलों की बिक्री ही नहीं बढ़ी, बल्कि पुरानी साइकिलों की मरम्मत कराने वालों की संख्या भी बढ़ गई है। शहर के कई इलाकों में पंचर बनाने और रिपेयरिंग की दुकानों पर काम बढ़ गया है। लोग वर्षों से बंद पड़ी साइकिलों में नए टायर, ट्यूब और ब्रेक लगवा रहे हैं।

साइकिल मरम्मत करने वाले इसरार अहमद का कहना है कि पहले जहां दिनभर में कुछ ही ग्राहक आते थे, अब लगातार लोग साइकिल ठीक कराने पहुंच रहे हैं। खासकर बच्चों की छुट्टियां शुरू होने के कारण अभिभावक भी बच्चों के लिए पुरानी साइकिलें ठीक करा रहे हैं।
शरीर भी रहेगा स्वस्थ
वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डा. अनुराग मेहरोत्रा बताते हैं कि नियमित साइकिल चलाने से शरीर फिट रहता है। हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा कम होता है। पेट्रोल-डीजल का खर्च बचता है। प्रदूषण कम करने में मदद मिलती है।
वजन नियंत्रित रखने में सहायक है। मानसिक तनाव भी कम होता है और शरीर की ऊर्जा बढ़ती है। बच्चों और युवाओं की शारीरिक सक्रियता बढ़ती है। साइकिल को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए।
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