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    मुरादाबाद में तालाब की जमीन पर बनी बाबा फौलाद शाह की मजार जमींदोज, कब्जा करने वाले पर भारी जुर्माना

    Updated: Tue, 07 Jul 2026 07:08 PM (IST)

    मुरादाबाद में तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय के पास तालाब की भूमि पर बनी बाबा फौलाद शाह की अवैध मजार को बुलडोजर से ढहा दिया गया। राजस्व विभाग ने कब्जा ...और पढ़ें

    HighLights

    1. धारा-67 में 2025 को हुए थे बेदखली के आदेश, कब्जा करने वाले पर 1.77 लाख का लगा जुर्माना

    2. राजस्व अभिलेखों में भूमि श्रेणी 6-1 'अकृषिक भूमि जलमग्न भूमि' यानी तालाब के रूप में है दर्ज

    जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय (टीएमयू) के पास तालाब की भूमि पर अवैध रूप से बनी बाबा फौलाद शाह की मजार को बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया गया। मजार की आड़ में पक्का निर्माण भी कर लिया गया था। बुलडोजर कार्रवाई में वह भी ध्वस्त हो गया। तालाब की पूरी भूमि पर कब्जा करने वाले शनिवार का बाजार पाकबड़ा निवासी महबूब पर 1.77 लाख का जुर्माना लगाया गया है।

    राजस्व ग्राम पाकबड़ा स्थित गाटा संख्या-1180, जिसका कुल रकबा 0.1620 हेक्टेयर है। राजस्व अभिलेखों में श्रेणी-6 (1) के तहत अकृषित जलमग्न अथवा तालाब की भूमि के रूप में दर्ज है। जिस पर पहले बाबा फौलाद शाह की मजार बनाई गई। फिर धीरे-धीरे करके महबूब ने अवैध कब्जा कर पक्का निर्माण भी कर लिया।

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    मामले में तहसीलदार सदर की कोर्ट में वाद दायर हुआ। राजस्व संहिता की धारा-67 के अंतर्गत दिसंबर 2025 को तहसीलदार सदर की कोर्ट ने बेदखली का आदेश पारित किया। इसके साथ ही अवैध कब्जा करने वाले पर 1 लाख 73 हजार 340 रुपये की क्षतिपूर्ति और चार हजार रुपये का वाद व्यय लगाया था।

    तहसीलदार न्यायालय के आदेश के विरुद्ध महबूब ने डीएम कोर्ट में अपील की। अपील की सुनवाई के दौरान डीएम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि तालाब केवल जल संरक्षण का माध्यम नहीं हैं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने, भू-जल स्तर को सुरक्षित रखने, पशु-पक्षियों एवं जलीय जीवों के संरक्षण तथा वर्षा जल के संचयन में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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    तालाब समाज की साझा प्राकृतिक धरोहर हैं और उनकी भूमि का किसी भी प्रकार से निजी उपयोग अथवा स्वरूप परिवर्तन विधि सम्मत नहीं है। सभी तथ्यों एवं अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद डीएम कोर्ट ने अपील को निरस्त करते हुए तहसीलदार सदर की ओर से पारित आदेश को यथावत बनाए रखा।

    न्यायालय के अंतिम आदेश के अनुपालन में मंगलवार काे राजस्व विभाग, नगर पंचायत पाकबड़ा एवं पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और गाटा संख्या-1180 की तालाब भूमि पर बने अवैध निर्माण को ध्वस्त कराते हुए जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया। बुलडोजर की इस कार्रवाई के दौरान भीड़ लग गई।

    कार्रवाई पर कमेटी के सदस्य शाकिर हुसैन ने बताया कि पुरखों के समय से बाबा फौलाद शाह की दरगाह है। हर साल अक्टूबर माह में चांद की तारीख के हिसाब से 16,17, 18 तारीख को सालाना उर्स लगता था। मजार को तोड़ने के लिए कही से भी हमें कोई नोटिस या जानकारी नहीं दी गई।

    एक दिन पहले मंगूपुरा में ध्वस्त की गई थी अवैध मजार

    एमडीए द्वारा विकसित की जा रही नया मुरादाबाद योजना के सेक्टर-10 के पार्क में कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर अवैध रूप से मजार का निर्माण कर लिया था। अतिक्रमण को स्थानीय कालोनी के लोग लंबे समय से विरोध कर रहे थे। प्राधिकरण से शिकायत कर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। जिस पर सोमवार को एमडीए की टीम ने कार्रवाई की और अवैध मजार को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।

    इन मजारों व मस्जिदों पर भी चल चुका है बुलडोजर

    इससे पहले डिडोरी गांव में तालाब में दर्ज भूमि पर बनाई गई अवैध मस्जिद, भोजपुर में चामुंडा मंदिर की भूमि पर बनी अवैध मजार, कांठ रोड पर बनी हजरत सुल्तान शाह की मजार, बेलवाड़ा गांव में अवैध रूप से बनी मस्जिद पर भी जिला प्रशासन बुलडोजर चला चुका है।

     

    सरकारी भूमि, विशेषकर तालाब, चारागाह, सार्वजनिक मार्ग एवं अन्य सार्वजनिक उपयोग की परिसंपत्तियों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी तथा सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित कराई जाएगी।

    - डाॅ. राजेन्द्र पैंसिया, डीएम


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