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जौहर यूनिवर्सिटी विवाद: DM रामपुर पर नक्शा न देने का आरोप, कमिश्नर कोर्ट ने दिए सत्यापित प्रतियां जारी करने के आदेश

Published: Fri, 25 Sep 2026 03:12 PM (IST)Updated: Fri, 25 Sep 2026 08:08 PM (IST)

जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण आदेश मामले में कमिश्नर कोर्ट में सुनवाई हुई। विश्वविद्यालय के अधिवक्ता ने जिलाधिकारी ...और पढ़ें

जौहर विश्वविद्यालय

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HighLights

  1. प्रकरण में अगली सुनवाई के लिए 22 अक्टूबर की तारीख की गई तय

जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। सपा के राष्ट्रीय महासचिव आजम खान के रामपुर स्थित जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण आदेश प्रकरण में शुक्रवार को कमिश्नर संगीता सिंह की कोर्ट में सुनवाई हुई। विश्वविद्यालय के अधिवक्ता जुनैद एजाज की ओर से प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया।

जिसमें उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के 38 भवनों को ध्वस्त करने का आदेश यह कहते हुए किया गया कि जिला पंचायत रामपुर की ओर से सात जनवरी 2012 को बनाई गई नियमावली के अंतर्गत निर्माण की अनुमति नहीं ली गई।

जिस पर विश्वविद्यालय ने तर्क रखा कि जनवरी 2012 तक 27 भवन बन चुके थे। उन भवनों को मुकदमे से पृथक किया जाए। यह भी कहा गया कि ग्राम सीगनखेड़ा, जहां विश्वविद्यालय बना है वहां रामपुर विकास प्राधिकरण 27 सितंबर 2014 को आया।

इसलिए शेष 11 भवनों पर भी आरडीए को क्षेत्राधिकार प्राप्त नहीं है। जिसके बाद मंडलायुक्त ने तीन अगस्त को विश्वविद्यालय को आदेश किया कि 2012 से पहले के भवनों के ले-आउट व नक्शे दाखिल करें।

जिस पर विश्वविद्यालय की ओर से कहा गया कि 27 भवनों के नक्शे अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी रामपुर, सहायक श्रमायुक्त रामपुर को लेबर सेस की जांच के लिए दिये गए थे जिनको संबंधित विभागों ने सही पाया।

अपनी आख्या जिलाधिकारी रामपुर को प्रेषित की, इसलिए रिकार्ड जिलाधिकारी रामपुर से तलब किया जाए। जिलाधिकारी रामपुर नक्शे की प्रतियां नहीं दे रहे हैं।

रामपुर विकास प्राधिकरण के अधिवक्ता दिनेश चौहान व विश्वविद्यालय के अधिवक्ता काे सुनकर मंडलायुक्त ने जिलाधिकारी रामपुर को आदेशित किया है कि यदि कोई रिकार्ड विश्वविद्यालय ने जिलाधिकारी रामपुर को उपलब्ध कराया है तो उसकी सत्यापित प्रतियां जारी करें।

साथ ही विश्वविद्याालय के पास जो भी रिकार्ड उपलब्ध है, वह विश्वविद्यालय दाखिल करे। प्रकरण में सुनवाई के लिए अगली तारीख 22 अक्टूबर तय की गई है।

बता दें कि रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) के उपाध्यक्ष व रामपुर के जिलाधिकारी ने 15 जुलाई को जौहर विश्वविद्यालय के 40 भवनों में 38 को अवैध ठहराया था।

इसके खिलाफ विश्वविद्यालय प्रबंधन के अधिवक्ता की ओर से कमिश्नर कोर्ट में 20 जुलाई को अपील दायर की थी। 27 जुलाई को सुनवाई करते हुए कमिश्नर कोर्ट ने ध्वस्तीकरण आदेश पर सुनवाई चलने तक रोक लगा दी थी। इसके बाद से छह तारीख लग चुकीं थीं।

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