पश्चिमी यूपी में कांग्रेस की ‘संगठन परीक्षा’, संजीव आर्य को 14 जिलों की कमान; AICC प्रभारी को सौंपेंगे रिपोर्ट
कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में चुनावी तैयारियों के बीच संगठन मजबूत करने की कवायद तेज की है। संजीव आर्य को पश्चिमी जोन के 14 जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
संजीव आर्य को पश्चिमी यूपी के 14 जिलों की कमान
बूथ से जिला स्तर तक संगठन मजबूत करने का लक्ष्य
एआईसीसी प्रभारी को नियमित रिपोर्ट सौंपनी होगी
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश में चुनावी तैयारियों के बीच कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करने की कवायद तेज की है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश के छह जोन में नवनियुक्त एआईसीसी सचिवों को जिम्मेदारियां बांट दी हैं। पश्चिमी जोन की कमान संजीव आर्य को सौंपी गई है। उनके जिम्मे मुरादाबाद समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 14 जिले रहेंगे। एआईसीसी के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने सोमवार को काम बांट दिया।
पश्चिमी जोन में सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत, बुलंदशहर, गाजियाबाद, संभल, मेरठ, बिजनौर, हापुड़, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर और गौतमबुद्धनगर को शामिल किया है।
इन जिलों में कांग्रेस के संगठन की स्थिति की समीक्षा, पार्टी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की निगरानी और संगठनात्मक गतिविधियों के समन्वय की जिम्मेदारी संजीव आर्य निभाएंगे।
खास बात यह है कि एआइसीसी सचिवों को केवल जिला स्तर की गतिविधियों तक सीमित नहीं रखा गया है। उन्हें जिला, ब्लाक, मंडल, वार्ड और बूथ स्तर तक संगठन की मजबूती पर काम करना होगा।
मुरादाबाद समेत पश्चिमी जोन में बूथ से जिला स्तर तक संगठन मजबूत करने का जिम्मा
पार्टी हाईकमान और प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी कार्यक्रमों और निर्देशों के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा भी की जाएगी। इसके साथ ही संबंधित जिलाध्यक्षों, प्रदेश पदाधिकारियों, फ्रंटल संगठनों, विभागों और प्रकोष्ठों के साथ समन्वय कर संगठन की कमियों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश कांग्रेस के लिए इसलिए भी अहम है क्योंकि इस इलाके में पार्टी को लंबे समय से संगठनात्मक चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में एआईसीसी सचिव की जिम्मेदारी को महज निगरानी के बजाए जमीनी संगठन की परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है।
एआइसीसी को देंगे नियमित रिपोर्ट
संजीव आर्य को अपने जोन में लगातार दौरे करने होंगे और जिलों में संगठन की वास्तविक स्थिति का फीडबैक लेकर एआइसीसी प्रभारी को रिपोर्ट सौंपनी होगी। प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि यह कार्य आवंटन तत्काल प्रभाव से लागू होगा और अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा। यानी अब पश्चिमी यूपी में कांग्रेस के जिला संगठन से लेकर बूथ तक की सक्रियता पर सीधे हाईकमान की नजर रहेगी।