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    विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0: अब 25 ट्रेड के कारीगरों को मिलेगा 10 लाख का ब्याज मुक्त लोन और ट्रेनिंग

    Updated: Sun, 09 Aug 2026 03:11 PM (IST)

    यह योजना पारंपरिक और आधुनिक हुनरमंदों को स्वरोजगार के अवसर प्रदान कर उनकी आजीविका को मजबूत करेगी, जिसमें 10 दिन का मुफ्त प्रशिक्षण और ₹15,000 की टूलकि ...और पढ़ें

    विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना।

    विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना।

    HighLights

    1. योजना में अब कुल 25 ट्रेड के कारीगर शामिल

    2. 10 लाख तक ब्याज मुक्त ऋण, 15% सब्सिडी उपलब्ध

    3. प्रशिक्षण में ₹500 दैनिक मानदेय, मुफ्त टूलकिट

    जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। प्रदेश के पारंपरिक कारीगरों और नए दौर के हुनरमंदों को कारोबार बढ़ाने के लिए अब और बड़ा सहारा मिलेगा। शासन ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना को विस्तार देते हुए विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 लागू कर दी है। इसमें पहले के 11 पारंपरिक ट्रेड के साथ पांच नए पारंपरिक और नौ आधुनिक ट्रेड शामिल किए गए हैं। अब कुल 25 ट्रेड के कारीगर योजना का लाभ ले सकेंगे।
    प्रमुख सचिव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम शशि भूषण लाल सुशील ने छह अगस्त को शासनादेश जारी किया है। योजना का उद्देश्य शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के स्थानीय दस्तकारों तथा पारंपरिक कारीगरों की आजीविका मजबूत करना और उन्हें स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

    10 दिन का मुफ्त प्रशिक्षण, रोजाना 500 रुपये मानदेय

    योजना में दर्जी, बढ़ई, कुम्हार, लोहार, नाई, राजमिस्त्री, सुनार, टोकरी बुनकर, हलवाई, मोची और धोबी जैसे पारंपरिक ट्रेड पहले से शामिल हैं।

    नए ट्रेड में मूर्तिकार, मालाकार, दूधवाला, भरभूजा और मछुआरा शामिल किए गए हैं।

    इसके अलावा ऑटोमोबाइल मरम्मत, मोबाइल मरम्मत, इलेक्ट्रॉनिक सामान की मरम्मत, विद्युत सामान की मरम्मत, प्लम्बर, कंप्यूटर मरम्मत, सोलर इंस्टालेशन, डिजिटल फोटोग्रॉफी तथा सौंदर्य एवं वेलनेस जैसे आधुनिक ट्रेड को भी योजना में जोड़ा गया है।

    10 लाख तक बिना गारंटी और ब्याज ऋण की सुविधा

    कारीगरों को बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद और सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए 10 दिवसीय निश्शुल्क कौशल उन्नयन प्रशिक्षण दिया जाएगा। पहले प्रशिक्षण के दौरान मिलने वाला 450 रुपये प्रतिदिन का मानदेय बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है। यानी 10 दिन में प्रत्येक प्रशिक्षु को पांच हजार रुपये मानदेय सीधे खाते में दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद 15 हजार रुपये तक की उन्नत टूलकिट भी निश्शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।

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    10 लाख तक ऋण, 15 प्रतिशत सब्सिडी

    कारीगरों को कारोबार शुरू करने, विस्तार करने, तकनीकी उन्नयन, गुणवत्ता सुधार और पैकेजिंग आदि के लिए 10 लाख रुपये तक का ऋण मिलेगा। इस पर 15 प्रतिशत मार्जिन मनी सब्सिडी और बिना ब्याज की सुविधा का प्रावधान किया गया है। सामान्य श्रेणी के पुरुष लाभार्थियों को परियोजना लागत का 10 प्रतिशत तथा महिलाओं, अन्य श्रेणियों, थर्ड जेंडर, दिव्यांगजन और पूर्व सैनिकों को पांच प्रतिशत अंशदान स्वयं जमा करना होगा।

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    54 किश्तों में चुकाना होगा लोन

    ऋण आवेदन पर विभाग तीन कार्यदिवस में निर्णय लेकर उसे बैंक भेजेगा। बैंक को 15 दिन में स्वीकृति या अस्वीकृति का निर्णय करना होगा और स्वीकृति के बाद अधिकतम 15 दिन में ऋण वितरित करना होगा। ऋण मिलने के बाद छह माह की स्थगन अवधि होगी। इसके बाद अधिकतम 54 मासिक किस्तों में ऋण चुकाना होगा।