मझवां विधायक का रिपोर्ट कार्ड : दो विधायकों के हाथ रही कमान, फिर भी अभी सर्वांगीण विकास की दरकार
मझवां विधानसभा क्षेत्र में पिछले चार वर्षों में दो विधायकों ने विकास की बागडोर संभाली, जिसमें वर्तमान विधायक शुचिस्मिता मौर्या ...और पढ़ें

मझवां विधायक का रिपोर्ट कार्ड: विकास की राह पर मझवां, चुनौतियां बरकरार।
HighLights
विधायक शुचिस्मिता मौर्या ने कई पुलों और सड़कों का निर्माण कराया।
विधानसभा में सीवर, सिंचाई, शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए।
क्षेत्र में सर्वांगीण विकास और मूलभूत सुविधाओं की अभी भी दरकार।
जागरण संवाददाता, मीरजापुर। मझवां विधानसभा क्षेत्र के विकास की जिम्मेदारी पिछले चार वर्षों में दो विधायकों के कंधों पर रही। वर्ष 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा-निषाद पार्टी गठबंधन के प्रत्याशी डा.विनोद बिंद ने जीत दर्ज की थी। उनके भदोही लोकसभा से सांसद निर्वाचित होने के बाद मझवां विधानसभा सीट रिक्त हुई।
वर्ष 2024 में यहां हुए उपचुनाव में भाजपा की शुचिस्मिता मौर्य ने जनता का भरोसा जीता और क्षेत्र के विकास की बागडोर संभाली। विधायक शुचिस्मिता मौर्या के सामने क्षेत्र में बेहतर सड़क संपर्क, पुलों का निर्माण, ग्रामीण क्षेत्रों की सुविधाओं को मजबूत करने जैसी बड़ी चुनौतियां रहीं। कार्यकाल के दौरान क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को गति मिली।
इसमें सिटी ब्लाक के नेवढ़िया घाट से गेंगरांव तट तक प्लाटून पुल, पहाड़ी ब्लाक के हिनौती गांव में टोंगा नदी और टेढ़ा गांव में बढ़इया नदी पर पक्के पुल का निर्माण प्रमुख है। इसके अलावा नटवां (बसहीं) से रानीबारी मार्ग का करीब चार करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कराया। छोटी-छोटी सफलताओं के बीच कार्यकाल पूरा होने वाला है, लेकिन जिस उम्मीद और इरादे के साथ कार्यकाल की शुरुआत हुई थी, वह अब तक रफ्तार नहीं पकड़ पाई। विधानसभा क्षेत्र में कई कार्य अभी कराने को शेष रह गए हैं। ऐसे में क्षेत्र की जनता को सर्वांगीण विकास की दरकार है। हालांकि इसके लिए विधायक भी लगातार पहल कर रही हैं।
जनहित के मुद्दों को सदन में उठाया, यह रही उपलब्धियां
मझवां विधानसभा क्षेत्र की समस्याओं को लेकर विधायक ने विधानसभा में कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए हैं। नगर पंचायत कछवां के सीवर का गंदा पानी ग्राम पंचायत बजहां के किसानों की उपजाऊ जमीन को प्रभावित कर रहा है। इसके समाधान के लिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (एचटीपी) निर्माण की मांग सदन में रखी गई। वहीं मोहनपुर में मनोहरपुर नदी पर बंधी बनाकर किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने और दाढ़ीराम क्षेत्र की बालिकाओं के लिए राजकीय इंटर कालेज स्थापना का मुद्दा भी उठाया। जमुआ बाजार में जल निकासी की समस्या के समाधान के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया है। सीसी रोड निर्माण के बाद दोनों पटरियों पर पक्की नाली निर्माण का कार्य अभी शेष है, जिसे पूरा कराने के लिए प्रयास जारी हैं। क्षेत्र के विकास और जनता की मूलभूत समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी जा रही है।
विधायक ने कहा
मझवां विधानसभा का समग्र विकास मेरी पहली प्राथमिकता है। क्षेत्र की जनता ने जो विश्वास और जिम्मेदारी मुझे सौंपी है, उसे पूरी निष्ठा के साथ निभाने का पूरा प्रयास कर रही हूं। सड़क, पुल, जल निकासी, शिक्षा, सिंचाई और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विधानसभा में भी अपने क्षेत्र की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है, ताकि उनका स्थायी समाधान हो सके। मेरा लक्ष्य है कि मझवां का हर गांव बेहतर सुविधाओं से जुड़े और लोगों को विकास का वास्तविक लाभ मिल सके। जनता की समस्याओं का समाधान और क्षेत्र का विकास ही मेरी सबसे बड़ी प्रतिबद्धता है। इसी को लेकर लगातार काम कर रही हूं। काफी काम कराया भी गया है। हालांकि अभी कुछ शेष रह गया है। उन्हें पूरा कराने के लिए शासन-प्रशासन से लगातार संपर्क व संवाद कर रही हूं। क्षेत्र की हर छोटी-बड़ी समस्या का समाधान कराऊंगी। - शुचिस्मिता मौर्या, विधायक, मझवां विधानसभा।
रनर प्रत्याशी ने कहा
मझवां विधानसभा क्षेत्र में प्रवेश करते ही अब तक हुए विकास कार्यों की असली तस्वीर सामने दिख जाएगी। गत 20 वर्ष से विधानसभा क्षेत्र की सड़कों की दशा में कोई सुधार नहीं हो सका है। क्षेत्र में सड़क, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं का आज भी अभाव है। विधानसभा क्षेत्र के लोगों को विकास की जितनी आशा थी, उतना आज तक पूरा नहीं हो सका है। जनता की उम्मीदों पर अब पानी फिरने लगा है। कोई गांव या क्षेत्र ऐसा नहीं होगा जहां मूलभूत सुविधाओं की अभाव न हो। जब जनता को पानी व बिजली तक न मिल सके तो फिर कौन सा विकास है। -डा.ज्योति बिंद, रनर प्रत्याशी, उपचुनाव 2024, सपा, मझवां विधानसभा क्षेत्र।
बोली जनता
मझवां में सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की जरूरत है। जल जीवन मिशन के तहत काम हुआ है, लेकिन कई घरों तक नल से पानी नहीं पहुंच रहा है। योजना की नियमित निगरानी और रखरखाव की व्यवस्था मजबूत हो। विधायक को जनसंवाद बढ़ाने की जरूरत है। - राम नारायण पटेल, गोरही।
मझवां कृषि प्रधान क्षेत्र है। यहां बड़ी मात्रा में सब्जियों की खेती होती है, लेकिन किसानों को उचित बाजार नहीं मिल पाता। वाराणसी की मंडी दूर होने से परेशानी होती है। क्षेत्र में सब्जी मंडी की स्थापना हो जाए तो किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा। - मनोज कुमार पटेल, गोधना।
रास्ता ठीक न होने के कारण आपात स्थिति में गांव तक एंबुलेंस या अन्य गाड़ियां नहीं आ पाती थीं। बड़इयां नाले पर पुल बनने से यातायात सुगम होगा और बेटियों-बहनों के लिए पढ़ाई व काम पर आने-जाने में सुरक्षा और सहूलियत दोनों बढ़ेगी। -सालिक राम विश्वकर्मा, पड़री।
हर साल बरसात के दिनों में जलस्तर बढ़ने से हमारे गांव का संपर्क एनएच 135 से पूरी तरह कट जाता था। मरीजों को अस्पताल ले जाना आफत बन जाता था। इस बड़इयां नाले पुल के बन जाने से हमारी वर्षों पुरानी यह बड़ी समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी। -रवींद्र प्रताप सिंह, पड़री।
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मझवां विधानसभा की स्थिति
कुल मतदाता : 360100
पुरुष मतदाता : 197967
महिला मतदाता : 162822
अन्य : 11
