मीरजापुर से समाजसेवा के क्षेत्र में अपनी नई पारी की शुरुआत कर सकती हैं दिव्या मित्तल, चर्चा जोरों पर, वजह भी जान लें...
पूर्व जिलाधिकारी दिव्या मित्तल के आईएएस पद से इस्तीफा देने के बाद मीरजापुर में उनके समाजसेवा या राजनीति में नई ...और पढ़ें
HighLights
पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल ने अपने पद से इस्तीफा दिया।
मीरजापुर में समाजसेवा या राजनीति में नई पारी की चर्चा।
लहुरियादह में पानी, विंध्याचल में गोल्फ कार्ट जैसी पहल की।
आनन्द स्वरूप चतुर्वेदी, जागरण, मीरजापुर। जनपद की पूर्व जिलाधिकारी आइएएस दिव्या मित्तल के इस्तीफा देने के बाद जनपद में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। उनके समाजसेवा के क्षेत्र में अपनी नई पारी की शुरुआत मीरजापुर से करने को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कहा तो यहां तक जा रहा है कि पूर्व जिलाधिकारी अब राजनीति के क्षेत्र में आकर अपनी पहचान बनाएंगी।
जनपद के उनके शुभचिंतकों का भी मानना है कि उनको राजनीति में आना चाहिए। हालांकि पूर्व जिलाधिकारी आइएएस दिव्या मित्तल की ओर से अभी कोई ऐसा संदेश नहीं दिया गया है। जनपद में तैनाती के दौरान विकास कार्यों और अपने स्वभाव, व्यवहार व अंदाज के चलते दिव्या मित्तल यहां लोगों में काफी लोकप्रिय रहीं। वह उनकी लोकप्रियता आज भी बनी है।
गत आठ जुलाई को राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा के बहाने जनपद में तीन दिन के लिए आई तो सबसे पहले मां विंध्यवासिनी के चरणों में शीश नवाया। उसके बाद कछवां के साथ ही सदर विधानसभा क्षेत्र के अधिकांश ऐसे स्थानों पर गईं जहां उन्होंने अपनी तैनाती के दौरान विकास कार्यों को कराया था। कछवां पहुंचकर सारनाथ मंदिर में विधिवत दर्शन-पूूजन करने के साथ ही शुभचिंतकों के साथ ही कई गांवों में जाकर महिलाओं व पुरुषों से भी मुलाकात किया था।

मीरजापुर से उनका काफी करीबी लगाव रहा है।
यहां से जाने के बाद यहां की कई फोटो अपने इंटरनेट प्लेटफार्म पर साझा किया था। कहा जा रहा है कि दिव्या मित्तल का जनपद का यह दौरा विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर यहां के लोगों का नब्ज टटोलना रहा। दिव्या मित्तल अपनी तैनाती के दौरान जनपद में राजनेताओं की बातों को दरकिनार कर अपने फैसले पर अडिग रहती थीं।
उनके अडिग फैसले का ही परिणाम रहा कि आजादी के लगभग 76 साल बाद जनपद की पहाड़ी पर स्थित लहुरिया दह गांव के लोगों को पहली बार पाइप लाइन से पानी की आपूर्ति मिली। इसके पहले तक गांव के 1,200 लोग पानी के लिए पास के झरने पर निर्भर थे। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगा सकते है कि ट्रांसफर होने के बाद लोगों ने फूलों की वर्षा करके स्वागत करते हुए विदाई दी थी।
दिव्या मित्तल के इस्तीफा देने के बाद उनके करीबी मीरजापुर नगर निवासी अमित श्रीनेत कहते हैं कि जिलाधिकारी के रूप में जनपद में कई विकास कार्य कराए। जिलाधिकारी होने के बावजूद लोगों से सीधे जुड़ी रहीं। उनके सक्रिय राजनीति जीवन में आने से जनमानस को काफी लाभ होगा। शासन की ओर से संचालित विकास कार्य धरातल पर दिखाई देगा। इसी तरह व्यापारी सुनील सिंह कहते हैं कि पूर्व जिलाधिकारी ने जनपद में व्यापारियों खासकर ट्रांसपोर्टरों के हित का ध्यान रखा। उनकी बातों को सुनकर अविलंब निवारण करने का हरसंभव प्रयास किया। सार्थक प्रयास के चलते व्यापार में वृद्धि हुई। पूर्व जिलाधिकारी का निर्णय सराहनीय है।

दिव्या मित्तल का सोशल मीडिया पर जारी पत्र।
स्थानांतरण के बाद नहीं मिली पोस्टिंग तो आठ माह तक मीरजापुर में ही बनाया था ठिकाना
पूर्व जिलाधिकारी दिव्या मित्तल का गत चार सितंबर 2023 को जनपद से स्थानांतरण किया गया तो जहां लोगों ने पुष्प वर्षा करके सम्मान किया तो वहीं लगभग आठ महीने का वनवास भी यहीं पर काटना पड़ा। इस दौरान पूर्व जिलाधिकारी स्टेेशन रोड स्थित एक फ्लैट में रहती थीं। वह पति आइएएस गगनदीप सिंह, माता, बच्चे अव्याना और अद्वविका के साथ यहां रहती थीं। बच्चे नगर के डैफोडिल्स पब्लिक स्कूल में पढ़ाई करते थे। बच्चों को देशप्रेम से ओत-प्रोत किया।
इस दौरान प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों का मार्गदर्शन किया। उसी फ्लैट में रहने वाले राकेश तिवारी ने बताया कि उनके अंदर आइएएस होने का भाव ही नहीं था। जनता की सेवा के प्रति समर्पित जज्बा उनके अंदर है। इसके बाद ग्रामीण अभियंत्रण पद पर स्थानांतरण के बाद लखनऊ शिफ्ट हो गईं। इसके बाद देवरिया के जिलाधिकारी के रूप में तैनाती हुई। वह अपने कार्यकाल में अधिकारी व कर्मचारियाें के साथ अभिभावक की भूमिका निभाते हुए उचित मार्गदर्शन प्रदान करती थीं। हमेशा कहती थीं कि विंध्य की धरा से उनका विशेष लगाव है। यहां के लोग बहुत अच्छे, सरल व मिलनसार हैं।

मीरजापुर में जमीनी काम कराने को लेकर उनकी रही है सक्रियता।
29 अगस्त 2023 ऐतिहासिक व यादगार पल रहा लहुरियादह गांव के लिए
29 अगस्त 2023 का दिन लहुरियादह गांव के लिए ऐतिहासिक व यादगार पल रहा। इस दिन जनपद की जिलाधिकारी रहीं दिव्या मित्तल अधिकारियों के साथ लहुरियादह गांव पहुंची और नल से पेयजल का शुभारंभ किया। आजादी के 76 वर्ष बाद गांव में नल से पानी आपूर्ति शुरू होने पर 75 वर्षीय दुईजी देवी ने दिव्या मित्तल के सिर पर हाथ रख आशीर्वाद दिया कि जुग-जुग जियो बिटिया, तुम्हारी मेहनत रंग लाई और हम सभी को पानी संकट से मुक्ति मिल गई। ग्रामीणों ने कहा कि अब झरने और टैंकर का मुंह नहीं देखना पड़ेगा।

मीरजापुर की बुजुर्ग महिला का भी उन्होंने किया जिक्र।
इससे पूर्व लहुरियादह गांव के लोगों ने अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से पानी संकट को लेकर कई बार गुहार लगाई थी, लेकिन किसी ने पेयजल संकट पर ध्यान नहीं दिया था। लहुरियादह गांव के लोगों की मांग पर दिव्या मित्तल ने वर्ष 2023 में ही जूनियर हाईस्कूल खोले जाने का आश्वासन दिया था, लेकिन उच्च प्राथमिक विद्यालय स्वीकृत होने के बाद भी जिम्मेदारों की लापरवाही से आज तक लहुरियादह गांव में उच्च प्राथमिक विद्यालय का निर्माण नहीं हो सका।
आज भी लहुरियादह गांव के लोगों में दिव्या मित्तल के प्रति जो स्नेह और प्यार है। लहुरियादह निवासी लालबहादुर यादव, हीरालाल यादव, देवकली, गीता देवी ने बताया कि गर्मी के मौसम में पानी के एक-एक बूंद के लिए संघर्ष करना पड़ता था, लेकिन तत्कालीन जिलाधिकारी दिव्या मित्तल की बदौलत गांव में पाइप लाइन के माध्यम से नल से पानी पीने को मिल रहा है। जो काम पूर्व के अधिकारी व जनप्रतिनिधि नहीं कर सके वह दिव्या मित्तल ने कर दिखाया था।

उनके प्रयास से मिले गोल्फ कार्ट की यह है स्थिति।
वृद्ध श्रद्धालुओं की मांग पर डीएम दिव्या मित्तल ने चलवाए चार गोल्फ कार्ट व बस
मीरजापुर में अपनी तैनाती के दौरान पूर्व जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने मां विंध्यवासिनी धाम में दर्शन-पूजन के लिए आने वाले वृद्ध श्रद्धालुओं की परेशानी को देखते हुए विंध्याचल में चार गोल्फ कार्ट व बस चलवाया था। गुजरात से आए करीब तीन दर्जन वृद्ध श्रद्धालुओं ने पुरानी वीआइपी रोड पर दिव्या मित्तल से मुलाकात कर अपनी समस्या बताई थी।
कहा था कि मंदिर तक पैदल पहुंचने में उन्हें काफी कठिनाई हो रही है। अधिक दूरी पैदल चलने पर सांस फूलने लगती है। उन्होंने मांग किया था कि वृद्ध व असमर्थ श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इलेक्ट्रिक टेंपो की व्यवस्था कराई जाए। इसे गंभीरता से लेते हुए दिव्या मित्तल ने कानपुर से चार ई-टेंपो और एक बस मंगवाकर श्रद्धालुओं के लिए निश्शुल्क संचालन शुरू कराया था। श्रद्धालुओं ने तत्काल व्यवस्था कराने के लिए उनके प्रति आभार जताया था।
राजनीति में आने या किसी भी बात पर कोई टिप्पणी नहीं: दिव्या मित्तल
इस्तीफा देने के संबंध में पूछ जाने पर मीरजापुर की पूर्व जिलाधिकारी आइएएस दिव्या मित्तल ने कहा कि मैंने इस्तीफा दे दिया है। इस संबंध में जो भी बातें कहनी थी उसे मैंने बड़े ही स्पष्ट ढंग से अपने इस्तीफा में कहा है। राजनीति में आने के सवाल पर कहा कि अभी किसी भी चीज पर मेरी कोई टिप्पणी नहीं है। जो भी बातें थीं मैंने इस्तीफा में कह दिया है। अभी मैं कई चीजों पर विचार कर रही हूं, आगे जो भी होगा उसे आप सभी से साझा किया जाएगा।
