गंगा एक्सप्रेसवे दिल्ली लिंक: डीएमई के पांचवें चरण का काम धीमा, अक्टूबर की समय सीमा पर संकट
गंगा एक्सप्रेसवे को दिल्ली से जोड़ने वाले दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (डीएमई) के पांचवें चरण का काम धीमा है। अक्टूबर की समय सीमा तक काम पूरा होना चुनौतीपूर्ण लग रहा है, क्योंकि निर्माण में कई बाधाएं आ रही हैं।

गंगा एक्सप्रेसवे।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
प्रदीप द्विवेदी, मेरठ। उम्मीद थी कि गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के साथ ही दिल्ली से प्रयागराज भी जुड़ जाएगा लेकिन लगातार की गई अनदेखी के कारण ऐसा नहीं हो सका। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के पांचवें चरण को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़कर गति से प्रगति का ढांचा तैयार किया जा रहा है लेकिन इसके निर्माण की समय सीमा दो साल में चार बार बढ़ चुकी है।
अब फिर इसको पूर्ण करने की समय सीमा अक्टूबर रखी गई है। कामकाज की स्थिति बता रही है कि इस समय सीमा तक भी काम पूरा होना चुनौती भरा है। बरसात का मौसम नजदीक है और कई स्थानों पर मिट्टी भराव भी नहीं हो पाया है।
गंगा एक्सप्रेसवे को दिल्ली से जोड़ने वाले डीएमई के पांचवें चरण पर काम धीमा
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का चौथा चरण डासना से मेरठ के परतापुर तक बना है, जिस पर आवागमन जारी है। इसी चौथे चरण के बीच से एक कनेक्टर मेरठ-बुलंदशहर हाईवे एनएच-235 पर बनाया जाना है। यह दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (डीएमई) का पांचवां चरण है। यह अब और महत्वपूर्ण इसलिए भी हो गया है क्योंकि पांचवां चरण गंगा एक्सप्रेसवे के वाहनों के लिए दिल्ली का सफर आसान करेगा।
अक्टूबर की डेडलाइन अब चुनौती काउंट डाउन
वर्तमान में मेरठ के बिजौली गांव में जहां गंगा एक्सप्रेसवे शुरू होता है, वहां से नौ किमी की दूरी पर ही डीएमई का पांचवां चरण उतर रहा है। वैसे तो इसे मार्च 2024 में ही पूरा किया जाना था लेकिन इस काम में व्यवधान को देखते हुए मेरठ मंडल के कमिश्नर भानुचंद्र गोस्वामी ने अक्टूबर तक कार्य पूरा करने का अल्टीमेटम दिया है।
बरसात के मौसम से पहले मिट्टी भराव नहीं हुआ तो फिर पिछड़ जाएगा काम
पिछले साल दिसंबर से काम रुकवाकर किसान धरने पर बैठे हुए हैं। एक सप्ताह पहले ही काम फिर से शुरू हुआ है, लेकिन इसकी काम की स्थिति संतोषजनक नहीं है।
एक्सप्रेसवे के दोनों इंटरचेंज व आरओबी अभी अधूरे
दैनिक जागरण की पड़ताल में सामने आया कि मिट्टी भराव के भराव करने वाले न कैंटर दिखाई दिए न ही कहीं डामर कार्य। दोनों इंटरचेंज के रैंप के लिए काम शुरू नहीं हो सका है। आरओबी पर भी काम थमा हुआ है। दो स्थानों पर हाईटेंशन लाइन अभी भी जमीन को छू रही हैं। जिस काम को अभियान की तरह करना चाहिए उसमें लापरवाही बरती जा रही है।
कई स्थानों पर मिट्टी भराव बाकी
किसानों का धरना अभी भी जारी है, जिन्होंने एक किमी क्षेत्र में काम अभी भी रुकवा रखा है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के परियोजना निदेशक अरविंद कुमार ने कहा कि कार्य तेजी से शुरू हो गया है। अक्टूबर तक कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।

