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    मेरठ में 357 करोड़ का टैक्स रिफंड घोटाला: 3000 क्लाइंट्स को दिलाए अवैध Refund, 50 लाख के जेवर और 4 करोड़ की FD सीज

    Updated: Sun, 19 Jul 2026 10:31 AM (IST)

    आयकर विभाग ने मेरठ में नैंसी अग्रवाल द्वारा 357 करोड़ रुपये के टैक्स रिफंड धोखाधड़ी का खुलासा किया है, जिसमें 3,000 से अधिक क्लाइंट्स को धारा 80GGC का ...और पढ़ें

    आरोपित नैंसी अग्रवाल।

    आरोपित नैंसी अग्रवाल।

    HighLights

    1. नैंसी अग्रवाल ने 357 करोड़ रुपये का टैक्स रिफंड घोटाला किया।

    2. 3000 से अधिक क्लाइंट्स को 65.5 करोड़ का अवैध रिफंड दिलाया।

    3. आयकर विभाग ने बैंक लॉकर, एफडी सीज कर नोटिस भेजे।

    जागरण संवाददाता, मेरठ। आयकर विभाग ने मेरठ में एक बड़े टैक्स रिफंड फ्राड का राजफाश किया है। 30 वर्षीय नैंसी अग्रवाल ने 357 करोड़ रुपये की फर्जी कर-धोखाधड़ी की। नैंसी अग्रवाल माधवपुरम क्षेत्र के इन्द्रा नगर स्थित अपने 35 वर्ग मीटर के घर से काम करते हुए तीन सालों में आयकर एक्ट की धारा 80GGC का सिस्टमैटिक तरीके से गलत इस्तेमाल किया, जो लोगों को राजनीतिक दलों को दिए गए डोनेशन पर टैक्स कटौती का दावा करने की इजाजत देती है। 

    आरोपित देशभर में फैले 3,000 से अधिक क्लाइंट्स को गलत कटौतियों और फर्जी दावों के जरिये 65.5 करोड़ रुपए अवैध रिफंड दिलाने में कामयाब रही। उसने क्लाइंट्स की तरफ से गैर-मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों को भारी डोनेशन देने का फर्जीवाड़ा किया।

    3 हजार से अधिक क्लाइंट्स के लिए किया 65.5 करोड़ का अवैध टैक्स रिफंड हासिल

    आयकर विभाग की टीम ने 14-15 जुलाई 2025 को 357 करोड़ के टैक्स रिफंड फ्राड के मामले में दिल्ली चुंगी स्थित गुप्ता ब्रदर्स के घर और आवास और इन्द्रा नगर निवासी नैंसी अग्रवाल के यहां सर्वे किया। टीम ने उस समय नैंसी अग्रवाल भारतीय स्टेट बैंक ब्रहमपुरी शाखा में दो बैंक लॉकर में रखे करीब 50 लाख के सोने के गहने व 4 करोड़ की फिक्स्ड डिपॉजिट को सीज किया था।

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    तलाशी के दौरान करीब 5 लाख नकद, हाथ से लिखे लेजर, कंप्यूटर और लैपटॉप समेत कई दस्तावेजी और डिजिटल सबूत भी बरामद किए गए, जिनमें उसके क्लाइंट नेटवर्क की जानकारी थी।

    आरोपित नैंसी अग्रवाल का बैंक लाकर व एफडी सीज

    आयकर विभाग में इस मामले की जांच कर रही टीम के एक सदस्य ने बताया कि नैंसी अग्रवाल पिछले तीन सालों में आयकर एक्ट की धारा 80GGC का सिस्टमैटिक तरीके से गलत इस्तेमाल किया। आरोपित ने रेफरल डिस्काउंट के जरिए देश भर में क्लाइंट नेटवर्क बनाया और लोगों को गलत कटौती का दावा करने के लिए लुभाया। अपने काम को बढ़ाने के लिए आरोपित ने क्लाइंट्स को प्रमोशनल डिस्काउंट का ऑफर दिया।

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    आयकर विभाग ने की नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू

    क्लाइंट्स अधिकतर सैलरी पाने वाले लोग हैं, जो या तो जानबूझकर या अनजाने में फर्जी छूट के जरिए ज्यादा रिफंड दिलाने के अग्रवाल के वादों से लुभाए गए थे। इस पूरे प्रकरण की जांच कर रहे आयकर अधिकारी माखन मीना ने अब आरोपित पर मुकदमा चलाने और फर्जी दावों की रकम वसूलने के लिए फायदा उठाने वाले टैक्सपेयर्स को नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

    नैंसी अग्रवाल का आरोप- गुप्ता ब्रदर्स हैं आरोपित

    नैंसी अग्रवाल का आरोप है कि 2014 में चावली देवी आर्य कन्या इन्टर कॉलेज ब्रह्मपुरी से 12वीं पास करने के बाद डीएन डिग्री कॉलेज मे बीकॉम में प्रवेश लिया। 2023-24 आयकर विवरणी भरने आदि की प्रक्रिया सीखने के लिए गुप्ता ब्रदर्स के यहां प्रशिक्षण लेना शुरू किया। 14-15 जुलाई 2025 को जब आयकर विभाग की टीम ने सर्वे किया तो उनके यहां भी यहां भी सर्वे हुआ। सर्वे में गुप्ता ब्रदर्स के प्रियम गुप्ता ने सारा दोष आयकर के सामने पर गढ़ दिया जबकि इस मामले से उनका कोई मतलब नहीं है।

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    आयकर विभाग के सभी आरोपों का दिया जाएगा जवाब

    नैंसी ने कहा कि आयकर को जो भी सर्वे में मिला सबके सामने है। मेरे पिता संजीव कुमार गुप्ता एक निजी कंपनी में नौकरी करते है और मां रचना गृहणी है। भाई विशाल अभी पढ़ रहा है। आयकर विभाग को सभी आरोपों को जवाब दिया जाएगा।

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    गुप्ता ब्रदर्स के प्रियम गुप्ता से इस बाबत बातचीत हुई तो उनका कहना था कि नैंसी अग्रवाल से उनका कोई लेना देना नहीं है न ही उसने कभी उनके यहां कोई प्रशिक्षण लिया। आयकर विभाग ने पिछले साल सर्वे जरूर किया था पर उसमें हमारे यहां कुछ भी गलत नहीं मिला।