Asian Games 2026 : अपने ही नेशनल रिकार्ड को तोड़ पारूल ने दिखाया दमखम, एशियन गेम्स में जीता कांस्य
मेरठ की पारूल चौधरी ने जापान के नागोया में एशियन गेम्स 2026 में 3000 मीटर स्टीपलचेज में कांस्य पदक जीता। ...और पढ़ें

इकलौता गांव में एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी मनाते राष्ट्रीय खिलाड़ी पारूल चौधरी के स्वजन। जागरण
HighLights
पारूल ने एशियन गेम्स 2026 में 3000 मीटर स्टीपलचेज में कांस्य जीता।
उन्होंने 9:08.67 के समय के साथ अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड ध्वस्त किया।
9:10 से कम समय में स्पर्धा पूरी करने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।
जागरण संवाददाता, मेरठ। जनपद के गांव इकलौता की रहने वाली पारूल चौधरी ने जापान के नागोया में चल रहे एशियन गेम्स-2026 में एक बार फिर देश का नाम रोशन किया है। महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज इवेंट के फाइनल में पारूल ने अपने ही नेशनल रिकार्ड को ध्वस्त करते हुए नौ मिनट आठ सेकेंड और 67 माइक्रो सेकेंड के नए नेशनल रिकार्ड के साथ कांस्य पदक जीता है। इसके साथ ही पारूल तीन हजार मीटर स्टीपलचेज इवेंट में 9 मिनट 10 सेकेंड से कम समय निकालने वाली भारत की पहली महिला एथलीट बन गई हैं।
उन्होंने 2025 में बनाए गए अपने पुराने नेशनल रिकॉर्ड (9:12.46) को करीब चार सेकंड के बड़े अंतर से पीछे छोड़ दिया। महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज रेस वर्ल्ड क्लास रनर के बीच काफी तेज गति से हुई। बहरीन की स्टार रनर विनफ्रेड यावी ने 9:04.36 के समय के साथ नया एशियन गेम्स रिकार्ड बनाते हुए गोल्ड मेडल जीता है। कजाकिस्तान की नोराह जेरुतो तानुई ने 9:06.82 के समय के साथ सिल्वर मेडल हासिल किया।
वहीं, पारुल चौधरी ने 9:08.67 के साथ कांस्य पदक पक्का किया। इस स्पर्धा में भारत के लिए एक और बड़ी खुशखबरी रही, जहां युवा भारतीय रनर अंकिता ने 9:19.24 का अपना पर्सनल बेस्ट समय निकालते हुए चौथा स्थान हासिल किया।
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संघर्ष और लगन की मिसाल है पारुल चौधरी का जीवन
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के पास स्थित इकलौता गांव की रहने वाली पारुल चौधरी का जीवन संघर्ष और लगन की मिसाल है। कृष्णपाल चौधरी और राजेश देवी के चार बच्चों में से एक हैं। बचपन में पारुल के पास पेशेवर संसाधन नहीं थे और उन्होंने 2011 में स्कूली लेवल पर नंगे पैर दौड़ते हुए 800 मीटर इवेंट से शुरुआत की थी. इसके बाद उन्होंने 1500 मीटर और 3000 मीटर में कदम रखा और बाद में 5000 मीटर के साथ-साथ 3000 मीटर स्टीपलचेज को अपना मेन खेल बनाया।
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मुरादाबाद में डीएसपी हैं पारूल चौधरी
उनके इस शानदार खेल ने 2015 में उन्हें पश्चिम रेलवे में नौकरी दिलाई। खेलों में उनके असाधारण योगदान को मान्यता देते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने 27 जनवरी 2024 को उन्हें उत्तर प्रदेश पुलिस में डिप्टी सुपरिंटेंडेंट आफ पुलिस (डीएसपी) के पद पर नियुक्त किया। जहां उन्होंने मुरादाबाद जिले में कार्यभार संभाला। पारुल चौधरी पिछले कई सालों से इंटरनेशनल लेवल पर भारत की सबसे सफल लंबी दूरी की रनर रही हैं।
