क्या होता है वैस्कुलर रोग? शुरुआती लक्षणों को न करें नजरअंदाज; MH मेरठ में जागरूकता को जगाई अलख
Meerut News: मेरठ के सैन्य अस्पताल में वैस्कुलर रोगों की रोकथाम और समय पर उपचार के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए एक वॉकथॉन का आयोजन किया गया। ...और पढ़ें

सैन्य अस्पताल मेरठ में ‘वैस्कुलर डिजीज अवेयरनेस कैंपेन’ के तहत वाॅकथान का आयोजन।
HighLights
मेरठ सैन्य अस्पताल में वैस्कुलर रोग जागरूकता वॉकथॉन का आयोजन।
स्टाफ ने लिया उत्साहपूर्वक भाग, स्वस्थ पैर, स्वस्थ जीवन का दिया संदेश।
जागरण संवाददाता, मेरठ। वैस्कुलर रोगों की रोकथाम, शुरुआती पहचान और समय पर उपचार के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सोमवार को सैन्य अस्पताल (MH) मेरठ में ‘वैस्कुलर डिजीज अवेयरनेस कैंपेन’ के तहत वाॅकथान का आयोजन किया गया।
इसमें अस्पताल के 500 से अधिक डाक्टरों, नर्सिंग अधिकारियों और पैरामेडिकल स्टाफ ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने जागरूकता बैनर और संदेशों वाली तख्तियां लेकर मार्च किया और स्वस्थ पैरों के महत्व का संदेश दिया।
वाॅकथान का नेतृत्व सैन्य अस्पताल के कमांडेंट ब्रिगेडियर सीपी सिंह और सीनियर रजिस्ट्रार कर्नल ऋषि ढिल्लन ने किया। दोनों सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं के वरिष्ठ वैस्कुलर सर्जन हैं। आयोजन के माध्यम से सैनिकों के साथ आमजन को भी वैस्कुलर स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का संदेश दिया गया।
डॉक्टरों के अनुसार वैस्कुलर रोग (Vascular Diseases) मानव शरीर की रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) जैसे धमनियों (Arteries), लसिका वाहिकाओं (Lymphatic Vessels) और शिराओं (Veins) से सबंधित बीमारियों को कहा जाता है। इनका समय पर उपचार बहुत जरूरी है।
डायबिटीज, धूम्रपान, BP और अनियमित जीवनशैली प्रमुख जोखिम कारक
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि डायबिटीज, धूम्रपान, उच्च रक्तचाप और अनियमित जीवनशैली वैस्कुलर रोगों के प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल हैं। पैरों में चलते समय दर्द, सुन्नपन, कमजोरी, त्वचा के रंग में बदलाव या घाव का देर से भरना जैसे लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय परामर्श लेना जरूरी है। समय पर जांच और उपचार नहीं होने पर गंभीर मामलों में पैरों में घाव, गैंग्रीन और अंग-विच्छेदन जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
कर्नल ऋषि ढिल्लन ने नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, धूम्रपान से परहेज और पैरों की नियमित जांच को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि बीमारी के शुरुआती संकेतों को पहचानकर समय पर उपचार शुरू किया जाए तो गंभीर जटिलताओं से बचाव संभव है।
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‘स्वस्थ पैर-स्वस्थ जीवन’ का संदेश
ब्रिगेडियर सीपी सिंह ने कहा कि सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाएं स्वस्थ और फिट फोर्स सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। एक स्वस्थ और फिट सैनिक ही किसी भी मिशन के लिए पूरी तरह तैयार रह सकता है। इसी उद्देश्य से वैस्कुलर रोगों की रोकथाम और जागरूकता को अभियान के माध्यम से बढ़ावा दिया जा रहा है। वाकथान का मुख्य संदेश 'स्वस्थ पैर–स्वस्थ जीवन–मिशन रेडी फोर्स' रहा।