मेरठ में कूड़े से बनेगी गैस: गेल या IGL को मिल सकती है प्रोजेक्ट की कमान NTPC का करार खत्म
Meerut News: कूड़े से चारकोल बनाने के लिए एनटीपीसी के साथ हुए करार में दो साल बाद भी कोई प्रगति ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
गेल और आईजीएल का प्रस्ताव लखनऊ भेजा गया, शासन से एक सप्ताह में होगा निर्णय।
आईजीएल ने प्लांट स्थापना के लिए की मिट्टी जांच, नगर निगम में जमा किया लेआउट।
प्रदीप द्विवेदी, मेरठ। कूड़ा से चारकोल बनाने का दावा करने वाली कंपनी एनटीपीसी विद्युत व्यापार निगम लिमिटेड के साथ हुए करार में दो साल बीत गए लेकिन अभी तक नींव भी तैयार नहीं हो सकी है।
कई बार निरीक्षण और वार्ता के बाद जब प्लांट का कार्य धरातल पर साकार होता हुआ दिखाई नहीं दिया तो नगर निगम ने अब गेल गैस लिमिटेड या इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) को प्लांट स्थापना का अवसर देने का विचार किया है। इस कड़ी में एनटीपीसी (NTPC) का करार खत्म करने का प्रस्ताव शासन को भेजा है वहीं कूड़े से गैस तैयार करने वाली दोनों कंपनियों के प्रस्ताव को भी लखनऊ भेजा है।
उम्मीद है कि एक सप्ताह के अंदर शासन का निर्णय आ जाएगा। यह शासन से तय होगा कि एनटीपीसी का अनुबंध बरकरार रहेगा या फिर गैस कंपनियों में से किसी को अवसर मिलेगा।
शहर के कूड़ा निस्तारण के लिए नगर निगम कई साल से गांवड़ी में प्लांट स्थापित करने के लिए प्रयासरत है। उसी क्रम में सितंबर 2024 में नगर निगम और एनटीपीसी के बीच अनुबंध हुआ। नौ अक्टूबर 2024 को भूमि पूजन भी हो गया। उसके बाद कई बार दोनों विभागों ने गांवड़ी में संबंधित स्थल का निरीक्षण किया। तब बताया गया था कि दो साल के अंदर प्लांट तैयार हो जाएगा।
अक्टूबर 2026 आने वाला है लेकिन वहां पर संबंधित प्लांट के लिए दीवार भी खड़ी नहीं हो सकी। एनटीपीसी की हीला-हवाली को देखते हुए नगर निगम ने अनुबंध रद करने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। कूड़ा निस्तारण के लिए हाल ही में गेल गैस लिमिटेड और आइजीएल ने भी प्रस्ताव दिया था, उस प्रस्ताव को शासन को भेजा गया है। ये कंपनियां कूड़े से कंप्रेस्ड बायो गैस (CBG) बनाएंगी।
नगर निगम की ओर से प्लांट स्थापित करने के लिए लगभग 20 एकड़ भूमि दी जाएगी। इसके साथ ही प्लांट तक कूड़ा पहुंचाया जाएगा। प्लांट स्थापित करने का खर्च संबंधित कंपनी वहन करेगी। कंपनी ही वहां पर कूड़ा पृथक्करण यूनिट स्थापित करेगी।
न्यूमेरिक
- 2024 में नौ अक्टूबर को करार के बाद एनटीपीसी के साथ हुआ था भूमि पूजन
- 2.50 वर्ष प्लांट स्थापित करने के लिए एनटीपीसी ने मांगा समय
- 1 वर्ष में प्लांट स्थापित करने का आइजीएल और गेल ने किया है वादा
- 20 एकड़ भूमि नगर निगम संबंधित कंपनी को कराएगी उपलब्ध
इन्होंने कहा...
गेल गैस लिमिटेड के बाद आईजीएल ने भी प्रस्ताव दिया था। दोनों कंपनियों का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। आइजीएल ने मिट्टी की जांच कर ली है और लेआउट भी नगर निगम में प्रस्तुत किया है। जल्द ही शासन से निर्णय आ जाएगा।
-डा. सौरभ गंगवार, नगर आयुक्त।
गेल गैस लिमिटेड कंपनी यहां पर कंप्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) तैयार करेगी। यही नहीं प्लांट परिसर के पास पंप भी स्थापित करेगी। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलती है या नहीं, इसकी प्रतीक्षा की जा रही है।
-विनय कुमार, महाप्रबंधक, गेल गैस लिमिटेड, मेरठ क्षेत्र।
एनटीपीसी ने कूड़े से चारकोल बनाने के लिए प्लांट अन्य शहर में स्थापित किया है लेकिन उसकी तकनीक सफल नहीं हो पा रही है। उसके विकल्प के रूप में आईजीएल और गेल गैस का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। एनटीपीसी के प्लांट स्थापित होने में 2.50 साल लगेंगे जबकि गैस बनाने वाली कंपनी एक साल में ही प्लांट स्थापित कर देगी। बहरहाल, किसका चयन होगा यह निर्णय तीन-चार दिन में शासन से हो जाएगा।
-हरिकांत अहलूवालिया, महापौर।
