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मेरठ में उगेगा इजरायल का 'माया' आम, हाईटेक नर्सरी में रोपी गई इस रंगीन वैरायटी की क्या है खसियत? 

By Vinay Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Fri, 28 Aug 2026 06:55 AM (IST)

मेरठ की हाईटेक नर्सरी में इजरायल की प्रसिद्ध 'माया' आम की प्रजाति के मदर प्लांट लगाए गए हैं। यह रंगीन, ...और पढ़ें

इजरायल की माया प्रजाति का आम, जिसका पौधा मेरठ के गांव मछरी की इस हाईटेक नर्सरी में मदर प्लांट के रूप में रोपा गया है। सौ. उद्यान विभाग

इजरायल की माया प्रजाति का आम, जिसका पौधा मेरठ के गांव मछरी की इस हाईटेक नर्सरी में मदर प्लांट के रूप में रोपा गया है। सौ. उद्यान विभाग

HighLights

  1. मेरठ में इजरायली 'माया' आम के मदर प्लांट रोपे गए।

  2. किसानों को पौधे उपलब्ध कराने की भी है तैयारी।

विनय विश्वकर्मा, मेरठ। मेरठ की मिट्टी में जल्द ही आपको इजरायल के प्रसिद्ध आम की प्रजाति माया का स्वाद चखने को मिलेगा। उद्यान विभाग ने दौराला-सरधना रोड स्थित हाइटेक नर्सरी में माया प्रजाति के मातृ पौधे (मदर प्लांट) को रोपा है। उद्यान विभाग द्वारा संचालित हाइटेक नर्सरी में मदर प्लांट का एक ब्लाक तैयार किया गया है। इसमें इन मदर प्लांट से कलम तैयार कर उसी प्रजातियों के पौधों को किसानों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।

इस नर्सरी में मुख्य रूप से पांच ऐसी प्रजातियों को लगाया गया है, जो अपने आप में आम की विशेष प्रजातियां हैं, लेकिन इन पांच में इजरायल की एक प्रमुख प्रजाति 'माया' है। यह रंगीन आम की प्रजाति है, जो मूल रूप से इजरायल से संबंध रखती है। यह प्रजाति इजरायल की सबसे प्रसिद्ध, स्वादिष्ट और पहली व्यवसायिक आम की किस्मों में से एक है। इसे 1950 के दशक में इजरायल के एक बाग में खोजा गया था।

अत्यधिक मीठा, सुगंधित व बेहतरीन स्वाद संतुलन वाला है यह आम 

प्रोफेसर हनान ओपनहाइमर ने इसे खोजकर इसका नाम अपनी पत्नी के नाम पर रखा था। वर्ष 2002 में इसका निर्यात यूरोप समेत कई देशों में शुरू हुआ। इसकी विशेषता है कि यह रंगीन आम दाग धब्बे और रेशा रहित होता है। यह रंगीन आम है। यह दिखने में बहुत आकर्षक, पीले-नारंगी रंग का होता है, जिस पर हल्की गुलाबी रंग की परत दिखाई देती है। यह अत्यधिक मीठा, सुगंधित व बेहतरीन स्वाद संतुलन वाला होता है।

पकने के बाद इसकी शेल्फ लाइफ पांच दिन की होती है। यह अधिक पैदावार वाली किस्म मानी जाती है। भारत के कई राज्यों में इसका उत्पादन हो रहा है। यह व्यवसायिक खेती के साथ-साथ होम गार्डनिंग व टेरेस गार्डन में भी उपयोग में लाया जाता है, इसका पेड़ सामान्य आम प्रजातियों की भांति अधिक बड़ा या फैलावदार नहीं होता। आम की इस वैरायटी के पौधे पर रोपाई के तीन वर्ष बाद फल आने लगता है।

अच्छे दामों में बाजार में बिकते हैं ये आम: जिला उद्यान अधिकारी

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जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार बताते हैं कि उद्यान विभाग द्वारा संचालित मछरी स्थित हाइटेक नर्सरी में हमने एक विशेष मदर प्लांट के ब्लाक को तैयार किया है। डीएम डा. वीके सिंह व सीडीओ नूपुर गोयल ने पौधरोपण कर इसका शुभारंभ किया था। इसमें आम की रंगीन प्रजातियों के मदर प्लांट को रोपा गया है। जिससे आगे कमल तैयार कर पौधे तैयार कराते हुए किसानों को उपलब्ध कराए जाएंगे।

यह प्रजातियां पूसा अरुणिमा, पूसा सूर्या, पूसा मनोहारी, पूसा अंबिका, हाइब्रिड व माया प्रजाति हैं। इसमें माया प्रजाति इजरायल में विकसित हुई है। किसानों की मांग पर यह नर्सरी तैयार की जा रही है। यह रंगीन आम उपहार और व्यवसायिक दृष्टिकोण से अच्छे दामों में बाजार में बिकते हैं।