मेरठ विकास प्राधिकरण और आवास विकास से संपत्ति खरीदने पर वहीं हो जाएगा बैनामा, लागू हुई ई पंजीकरण व्यवस्था
सरकारी संस्थाओं जैसे विकास प्राधिकरण और आवास विकास परिषद से संपत्ति खरीदने पर अब बैनामा कराने के लिए रजिस्ट्री कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा। उत्तर प्रदेश ...और पढ़ें

विकास प्राधिकरण और आवास विकास से संपत्ति खरीदने पर वहीं हो जाएगा बैनामा।
HighLights
सरकारी संस्थाओं से संपत्ति का ई-पंजीकरण अब आसान।
रजिस्ट्री कार्यालय की भीड़ से मिलेगी मुक्ति।
ऑनलाइन प्रक्रिया से बैनामा अब संबंधित कार्यालय में।
अनुज शर्मा, मेरठ। विकास प्राधिकरण, आवास एवं विकास परिषद, यूपीसीडा समेत किसी भी सरकारी संस्था से आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्ति की खरीद करने पर उसका बैनामा कराने के लिए अब रजिस्ट्री कार्यालय की भीड़ में दिनभर परेशान होने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
शासन ने ई-पंजीकरण की नई व्यवस्था को लागू करते हुए सभी संस्थाओं को निबंधन विभाग के प्रेरणा साफ्टवेयर पर अलग से लागिन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है।
इन संस्थाओं में तैनात अधिकृत अधिकारी सभी औपचारिकताएं और प्रक्रिया पूरी कराकर रजिस्ट्री की कार्रवाई करेंगे। इसके बाद संबंधित उप निबंधक आनलाइन ही दस्तावेजों का परीक्षण करके उसे स्वीकृति प्रदान करेंगे। स्टांप और निबंधन शुल्क भी आनलाइन ही जमा होगा।
प्रेरणा पोर्टल पर अधिकृत सरकारी संस्थाओं (विकास प्राधिकरण, आवास विकास परिषद, यूपीसीडा) को भी दस्तावेज रजिस्ट्रीकरण के लिए अलग से लागिन उपलब्ध कराने का आदेश जारी किया गया है। प्रदेश की महानिरीक्षक निबंधन नेहा शर्मा ने स्थानीय अधिकारियों को इसका प्रचार प्रसार करके ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभ उपलब्ध कराने का आदेश दिया है।
एआइजी निबंधन शर्मा नवीन कुमार एस का कहना है कि शासन का आदेश मिल गया है। यह अच्छा प्रयास है। इससे सरकारी संस्थाओं के आवंटियों को राहत मिलेगी। उप निबंधक कार्यालयों की भीड़ भी कम होगी। इस नई व्यवस्था को जल्द से जल्द लागू कराने के लिए मेडा और आवास एवं विकास परिषद के अधिकारियों के साथ जल्द बैठक की जाएगी।
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यह होगी नई व्यवस्था
- अधिकृत संस्थाओं को प्रेरणा पोर्टल पर अलग लागिन मिलेगा।
- प्रत्येक संस्था में इसके लिए प्राधिकृत अधिकारी नामित किया जाएगा।
- सभी पक्षकारों की संबंधित संस्था के कार्यालय में उपस्थिति आवश्यक होगी।
- ई पंजीकरण केवल अनुमोदित योजनाओं और स्वीकृत दस्तावेजों के लिए होगा।
- दस्तावेजों के प्रारूप का ऑनलाइन अनुमोदन संबंधित एआईजी निबंधन द्वारा किया जाएगा।
- ई पंजीकरण के लिए डिजिटल बायोमीट्रिक, डिजिटल हस्ताक्षर, फोटो और आधार की ई केवाईसी अनिवार्य होगी।
- स्टांप शुल्क और निबंधन शुल्क का भुगतान आनलाइन किया जाएगा।
- पक्षकारों की ई मेल आईडी और मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराया जाएगा।
- सत्यापन के बाद दस्तावेजों का सत्यापन और परीक्षण संबंधित उप निबंधक द्वारा ऑनलाइन किया जाएगा। इसके बाद रजिस्ट्रीकरण और पृष्ठांकन की प्रक्रिया होगी।
- रजिस्ट्रीकृत दस्तावेज विभागीय पोर्टल पर संरक्षित रहेंगे।