विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

तीन साल से चकमा दे रहा सॉल्वर गैंग का मास्टरमाइंड मेरठ पुलिस ने दिल्ली से किया गिरफ्तार, CBI भी कर रही मामले में जांच

By Sushil Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Mon, 07 Sep 2026 03:41 PM (IST)

Meerut News: मेरठ पुलिस ने प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली के आरोपित 20 हजार के इनामी सॉल्वर गैंग के मास्टरमाइंड को ...और पढ़ें

मेरठ पुलिस की गिरफ्त में आरोपित।

मेरठ पुलिस की गिरफ्त में आरोपित।

HighLights

  1. सॉल्वर के जरिए अभ्यर्थियों को पास कराने का खेल

  2. 20 हजार का इनामी मोनू उर्फ प्रशांत तीन साल से फरार था।

जागरण संवाददाता, मेरठ। प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर आउट कराने और सॉल्वर के माध्यम से अभ्यर्थियों को फर्जी तरीके से पास कराने के मामले में वांछित चल रहे 20 हजार रुपये के इनामी आरोपित को मेरठ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। सिविल लाइन पुलिस और स्वाट टीम नगर की संयुक्त कार्रवाई में आरोपित मोनू उर्फ प्रशान्त कुमार सिंह को दिल्ली के निजामुद्दीन से दबोचा गया। पुलिस ने आरोपित को न्यायालय के समक्ष पेश किया है।

एसटीएफ की तहरीर पर दर्ज हुआ था मुकदमा

28 जून 2023 को एसटीएफ फील्ड यूनिट मेरठ के निरीक्षक सुनील कुमार की तहरीर पर थाना सिविल लाइन में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप था कि कुछ लोग संगठित होकर प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों से अवैध धनराशि लेकर पेपर आउट कराने, प्रश्नपत्र हल कराने और सॉल्वर के माध्यम से परीक्षार्थियों को फर्जी तरीके से पास कराने का काम कर रहे थे। मामले में धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और आपराधिक षड्यंत्र समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।

विवेचना में सामने आया था नाम

विवेचना के दौरान मोनू उर्फ प्रशान्त कुमार सिंह पुत्र ओमपाल सिंह/रामअवतार, निवासी ग्राम खटाना, थाना जारचा, गौतमबुद्धनगर का नाम सामने आया। इसके बाद से वह लगातार फरार चल रहा था। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस के मुताबिक आरोपित के खिलाफ विभिन्न जनपदों में प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित कई मुकदमे दर्ज हैं।

पिता का नाम बदलकर बताने की भी जानकारी

पुलिस के अनुसार, आरोपित द्वारा पूर्व में गिरफ्तारी के दौरान अपने पिता का नाम बदलकर बताए जाने की बात भी सामने आई है। उसके खिलाफ देहरादून के थाना रायपुर में उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा अधिनियम के तहत दर्ज मुकदमे की जांच सीबीआई उत्तराखंड द्वारा की जा रही है।

छह मुकदमे दर्ज, कई जिलों में फैला है आपराधिक नेटवर्क

पुलिस ने आरोपित का आपराधिक इतिहास भी जारी किया है। उसके खिलाफ गाजियाबाद के मुरादनगर और मोदीनगर, मुजफ्फरनगर के सिविल लाइन, गौतमबुद्धनगर के बीटा-2, मेरठ के सिविल लाइन और देहरादून के रायपुर थाने में कुल छह मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। इनमें उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, धोखाधड़ी, कूटरचना और उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा अधिनियम से संबंधित धाराएं शामिल हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक नगर के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी सिविल लाइन के पर्यवेक्षण में सिविल लाइन पुलिस व स्वाट टीम नगर ने सोमवार को कार्रवाई की। टीम ने 20 हजार रुपये के इनामी मोनू उर्फ प्रशान्त कुमार सिंह को दिल्ली निजामुद्दीन से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के बाद उसे न्यायालय में पेश किया।