विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

सरकारी स्कूल की बदहाली का वीडियो बनाना पड़ा भारी, अधिवक्ता समेत दो को भेजा गया जेल

By Sanjeev Kumar Jain Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Mon, 24 Aug 2026 04:31 PM (IST)

Meerut News: मेरठ के कालंद गांव स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय की बदहाल व्यवस्थाओं का वीडियो बनाने के मामले में पुलिस ...और पढ़ें

स्कूल की वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वाले आरोपित। वीडियो ग्रैब

स्कूल की वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वाले आरोपित। वीडियो ग्रैब

HighLights

  1. स्कूल की बदहाल व्यवस्थाओं का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल।

  2. शांति भंग के आरोप में दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया जेल।

संवाद सूत्र, सरधना (मेरठ)। सरूरपुर विकास खंड के गांव कालंद स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय की बदहाल व्यवस्थाओं का वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। पुलिस ने जांच के बाद इस वीडियो को प्रसारित करने वाले अधिवक्ता संयम पांचाल और आयान मिर्जा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर शांति भंग में उनका चालान कर दिया। बाद में एसडीएम सरधना उदित नारायण सेंगर ने दोनों आरोपितों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

पुलिस के अनुसार, इस वीडियो में आरोपितों ने स्कूल के पेयजल स्थल, शौचालय, कक्षाओं और परिसर के पिछले हिस्से की स्थिति दिखाई थी। 15 अगस्त को बनाए गए वीडियो में युवक स्कूल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए नजर आ रहे हैं। करीब एक मिनट बीस सेकेंड के वीडियो में दो युवक दिखाई दे रहे हैं। वे पेयजल स्थल और शौचालयों की बदतर स्थिति दिखाने के साथ-साथ कक्षाओं में गंदगी और जाले होने की बात बताते हैं।

स्कूल के पिछले हिस्से को दिखाते हुए वहां झाड़ियां और उनमें सांप होने की बात भी कही गई है। पुलिस के अनुसार, वीडियो में दिखाई दे रहा स्कूल सरधना थाना क्षेत्र के कालंद गांव का उच्च प्राथमिक विद्यालय है। यह विद्यालय करीब 30 वर्ष पुराना है और इसमें लगभग 104 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। पुलिस ने वीडियो के आधार पर अधिवक्ता संयम पांचाल से पूछताछ की। संयम पांचाल ने स्वीकार किया कि यह वीडियो उसने अपने साथी के साथ मिलकर बनाया था।

वीडियो बनाने का मकसद बच्चों को बेहतर शिक्षा व्यवस्था दिलाना था और इसमें उसका कोई निजी हित नहीं था। संयम पांचाल ने बताया कि वीडियो उसके पिता अधिवक्ता जितेंद्र पांचाल के फेसबुक एकाउंट से अपलोड किया गया था, जिसके बाद अन्य लोगों ने इसे शेयर कर दिया और यह वायरल हो गया। सीओ आशुतोष कुमार का कहना है कि शिक्षा विभाग की तहरीर पर आरोपित युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर शांति भंग में उनका चालान किया गया। आरोपितों को एसडीएम की अदालत में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया।