मेरठ में प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज के बाद गरमाई सियासत, चंद्रशेखर ने दिया 10 दिन का अल्टीमेंटम
मेरठ में ललिता गौतम हत्याकांड के प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और एसएसपी द्वारा थप्पड़ मारने की घटना से सियासत गरमा गई है। ...और पढ़ें

सिवाया टोल प्लाजा के पास एनएच बीच सड़क पर पींड़ित परिवार के पुलिस द्वारा घरघर न जाने देने के विरोध मे धरना सभा करते सांसद चंद्रशेखर
HighLights
ललिता गौतम हत्याकांड में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस का लाठीचार्ज।
एसएसपी अविनाश पांडेय ने प्रदर्शनकारियों को थप्पड़ मारे।
चंद्रशेखर ने 10 दिन का अल्टीमेटम, सीबीआई जांच की मांग।
जागरण संवाददाता, मेरठ। अनुसूचित जाति की छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड में प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और एसएसपी द्वारा थप्पड़ मारने की घटना से सियासत गरमा गई। असपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व नगीना सांसद चंद्रशेखर ने सिवाया टोल पर पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उनकी मांग पूरी करने के लिए दस दिन का अल्टीमेंटम दिया।
कांग्रेस के पदाधिकारियों को पुलिस ने घरों के अंदर ही नजरबंद कर दिया। चंद्रशेखर ने एसएसपी के थप्पड़ मारने पर टिप्पणी करते हुए कहा कि थप्पड़ संविधान में नहीं लिखा है। पहले भी चार बार सड़क जाम करने पर मुकदमा हुए, पर थप्पड़ क्यों नहीं लगाए? इसबार अनुसूचित जाति के लोग प्रदर्शन कर रहे थे। इसलिए थप्पड़ लगाए गए है।
रोहटा थाना क्षेत्र के थिरोठ निवासी ललिता गौतम को 15 मई को अगवा कर गांव के अंकुश जाट में हत्या कर दी। 17 मई को ललिता का शव उकसिया गांव के जंगल में मिला। पुलिस ने अंकुश को जेल भेज दिया। साक्ष्य छिपाने के आरोप में अंकुश के भाई अंकित और खेत स्वामी को आरोपित बनाया। दोनों कोर्ट से जमानत पा चुके हैं।
अंकित पीएसी का जवान है, उसके खिलाफ परिवार कार्रवाई की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर रहा था। तभी पुलिस ने लाठीचार्ज किया और एसएसपी अविनाश पांडेय ने प्रदर्शनकारियों को थप्पड़ जड़ दिए। उसका वीडियाे इंटरनेट पर प्रसारित होने के बाद सियासत गरमा गई।
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परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग
शुक्रवार को सांसद चंद्रशेखर और पूर्व डीजीपी प्रेम प्रकाश को कार्यकर्ताओं के साथ सिवाया टोल पर रोक लिया। इस पर वहां पर पहले से मौजूद कार्यकर्ताओंं ने धरना शुरू कर दिया। सरधना सीओ आशुतोष कुमार पीड़ित परिवार को लेकर सिवाया टोल पर पहुंचे। यहां पर चंद्रशेखर ने परिवार से करीब 30 मिनट तक बातचीत की। उसके बाद चंद्रशेखर ने बताया कि 11 मई को ललिता के परिवार द्वारा खतरा बताने पर कार्रवाई नहीं करने पर एसओ रोहटा पर कार्रवाई हो।
पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच कराई जाए। परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। जेल गए आरोपितों से धारा हटाकर को रिहा कर दिया जाए। अफसर अपनी कार्यशैली पर खेद जताए। वरना 20 जुलाई को लखनऊ में आंदोलन होगा। उसके बाद मानसून सत्र में उक्त मामले को उठाया जाएगा।
उधर, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय द्वारा गठित किया 30 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को गांव नहीं पहुंच सका। पूर्व विधायक समेत जिलाध्यक्ष गौरव भाटी, महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा, पूर्व जिला अध्यक्ष एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य अवनीश काजला समेत 30 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल को हाउस अरेस्ट कर लिया गया।
आप पार्टी के प्रदेश प्रभारी संजय सिंह ने 26 पदाधिकारियों को प्रतिनिधि मंडल बनाया, जो शनिवार को परिवार से मिलने आएगा। उधर, इंटरनेट मीडिया पर एसएसपी की थप्पड़ कांड को लेकर वार शुरू हो रही है। इसपर एसएसपी ने कहा कि पक्ष में आने वाले एक पेड़ लगाए और खिलापत करने वाले दो पेड़ लगाए। इसपर भी चंद्रशेखर ने टिप्पणी करते हुए कहा कि वह सौ पेड़ लगा देंगे। यही हाल रहा तो इन पेड़ों की छाव में कौन बैठेगा।