दारोगा बनकर वसूली करता था विशाल, फर्जी पुलिस कार्रवाई और मुठभेड़ दिखाते थे... यूं आए गिरफ्त में
मेरठ में समानांतर पुलिस दफ्तर खोलकर रंगदारी वसूलने वाले गिरोह के तीसरे सदस्य विशाल को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरोह फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर लोगों को ...और पढ़ें

(प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
गिरोह का तीसरा सदस्य विशाल मेरठ में गिरफ्तार किया गया।
समानांतर पुलिस दफ्तर खोल लोगों से रंगदारी वसूलते थे।
फर्जी पुलिस कार्रवाई, मुठभेड़ का डर दिखाकर वसूली करते।
जागरण संवाददाता, मेरठ। समानांतर पुलिस दफ्तर खोलकर रंगदारी वसूलने वाले गिरोह के तीसरे सदस्य को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मास्टरमाइंड हरियाणा निवासी शशांक शर्मा पुलिस पकड़ से दूर है। पूछताछ में आरोपित ने बताया कि पुलिस अफसरों के साथ वीडियो बनाकर ही वसूली के लिए लोगों पर दबाव बनाते थे।
राहुल के मोबाइल में मिला सीओ सौम्या अस्थाना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। ब्रह्मपुरी के नीरज पाल ने ब्रह्मपुरी थाने में मुकदमा कराया था कि हरियाणा के शशांक शर्मा, रिठानी के राहुल पाल, पुट्ठा के आकाश चौधरी ने नकली पुलिस अफसर बनकर उसे अगवा कर लिया। शशांक शर्मा सीओ, राहुल पाल एचएसओ और आकाश कुमार दारोगा बना हुआ था। मोहकमपुर में खोले गए समानांतर पुलिस दफ्तर में उसे बंधक बनाकर फर्जी पुलिस कार्रवाई और मुठभेड़ दिखाकर दो लाख रुपये मांगे गए।
गूगल पे से 10 हजार रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। आरोपित सीओ, एचएसओ और दारोगा बनकर गलत काम करने वाले लोगों को पकड़कर कार्यालय पर लाते थे। मुठभेड़ का डर दिखाकर उनसे वसूली करते थे। पुलिस की जांच में चौथे आरोपित का नाम भी उजागर हुआ है। पूठा निवासी विशाल भी दारोगा बनकर वसूली करता था। पुलिस ने विशाल को गिरफ्तार कर लिया। सीओ रामप्रकाश ने बताया कि आरोपित को जेल भेजा जाएगा।