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    मकानों में चल रही दुकानें होंगी बंद, शत प्रतिशत व्यवसायिक निर्माण टूटेगा ही; राहत की बात यह है कि...

    By Anuj Sharma Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Fri, 17 Jul 2026 07:51 PM (IST)

    सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मेरठ सेंट्रल मार्केट में मकानों में चल रही दुकानें बंद होंगी और व्यावसायिक निर्माण तोड़ा जाएगा। सरकार प्रभावित परिवारों औ ...और पढ़ें

    पत्रकारों से वार्ता करते मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी। जागरण

    पत्रकारों से वार्ता करते मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी। जागरण

    HighLights

    1. मकानों में चल रही अवैध दुकानें बंद होंगी, सेटबैक खाली करना होगा।

    2. शत प्रतिशत व्यावसायिक निर्माण ध्वस्त होगा, सुप्रीम कोर्ट का आदेश।

    3. प्रभावितों को सस्ती दरों पर आवास, व्यापारियों के लिए नए कॉम्प्लेक्स।

    जागरण संवाददाता, मेरठ। सेंट्रल मार्केट प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेश के बाद शुक्रवार को मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, प्रमुख सचिव आवास पी. गुरु प्रसाद और आवास आयुक्त बलकार सिंह मेरठ पहुंचे और व्यापारियों के साथ ईडब्ल्यूएस व छोटे मकानों में रहने वाले परिवारों के लोगों से वार्ता करके उनके सामने विभिन्न प्रस्ताव रखे। इस दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन तो हरहाल में करना होगा।

    मकानों में चल रही दुकानों को बंद करके सेटबैक का स्थान खाली करना होगा। इस कार्रवाई में प्रभावित होने वाले परिवारों की सरकार मदद करेगी। अन्य योजनाओं में उन्हें सस्ती दरों पर तथा प्राथमिकता पर आवास आवंटित किए जाएंगे। विवाह मंडप, बैंक, स्कूल तथा अस्पताल वाले 44 सील भवनों में भी भवन मालिकों को व्यवसायिक निर्माण को हटाकर उन्हें आवासीय रूप में लाना होगा। शत प्रतिशत आवासीय रूप वाले भवनों को तोड़ना होगा।

    तीनों अधिकारी शुक्रवार सुबह ही मेरठ पहुंच गए। कमिश्नरी सभागार में उन्होंने मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी, डीआइजी कलानिधी नैथानी, डीएम वी के सिंह, नगर आयुक्त सौरभ गंगवार तथा एमडीए वीसी संजय मीना की उपस्थिति में सबसे पहले शास्त्रीनगर कालोनी के ईडब्ल्यूएस श्रेणी और अन्य छोटे मकानों के आवंटियों से वार्ता की।

    बैठक में तीनों अधिकारियों ने कहा कि कोर्ट के आदेश का पालन करने में प्रभावित होने वाले परिवारों को आवास विकास की अन्य कालोनियों में सस्ती दरों पर आवास आवंटित किए जाएंगे। री-डेवलपमेंट स्कीम के तहत भी इस पूरे क्षेत्र को प्राइवेट बिल्डर की मदद से नए सिरे से विकसित करके बहुमंजिले भवन का निर्माण कराया जा सकता है। इन प्रस्तावों पर फैसला देने के लिए बैठक में शामिल आवंटियों ने अधिकारियों से सात दिन का समय मांगा।

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    दूसरे दौर की वार्ता में स्कूल, बैंक, विवाह मंडप, नर्सिंग होम के सील 44 भवनों के मालिकों तथा व्यापारी नेताओं के सामने अधिकारियों ने प्रस्ताव रखा कि इन भवनों में अवैध रूप से बने व्यवसायिक हिस्से को तोड़ना होगा। शत प्रतिशत व्यवसायिक भवनों को पूर्ण रूप से तोड़ना होगा। अधिकारियों ने कहा कि प्रभावित व्यापारियों के लिए तीन स्थानों पर भूमि चिह्नित करके कांप्लेक्स का निर्माण कराने की तैयारी है। वार्ता में संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता, कमल ठाकुर, अंकुर गोयल, ललित गुप्ता, नवीन अरोडा, संजीव पुंडीर शामिल रहे।

    सहमति से निकालेंगे समाधान, 10 दिन बाद फिर होगी बैठक
    वार्ता के बाद मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने पत्रकारों से बताया कि मुख्यमंत्री ने तीन अधिकारियों का यह दल भेजा है। सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कराने तथा इसमे प्रभावित होने वाले परिवारों और व्यापारियों की हर संभव सहायता करना चाहती है। सीएम चाहते हैं कि इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए ताकि बार बार न्यायालय के सामने जाकर शर्मिंदा न होना पड़े।

    दो दौर में कोर्ट के आदेश का पालन कराने के लिए उनके सामने विभिन्न प्रस्ताव रखे गए हैं। सरकार की विभिन्न नीतियों, योजनाओं के माध्यम से उनकी मदद की जाएगी। कई स्थानों पर जमीनें चिह्नित की गई हैं। ताकि लोगों का व्यापार और आवास दोनों बचे रहें। उन्होंने बताया कि वार्ता सकारात्मक माहौल में हुई है। 10 दिन बाद फिर से मेरठ में ही बैठक की जाएगी। समस्या का सभी की सहमति से सर्वमान्य हल निकाला जाएगा।

    ईडब्ल्यूएस तथा अन्य छोटे मकानों के आवंटियों को दिए प्रस्ताव
    -सभी को मकानों में चल रही दुकानें बंद करनी होंगी तथा सेटबैक हर हाल में छोड़ना होगा।
    -सेटबैक खाली करने में जिन मकानों में रहने की स्थिति नहीं बचेगी उन्हें जाग्रति विहार एक्सटेंशन में सस्ती दरों पर फ्लैट आवंटित किए जाएंगे।
    -यहां एक मकान में कई कई परिवार रहते हैं। इन परिवारों को अन्य आवासीय योजनाओं में सस्ती दरों पर प्राथमिकता पर मकान आवंटित किए जाएंगे।

    -ईडब्ल्यूएस आवंटी चाहें तो सामूहिक रूप से री-डेवलमेंट योजना के तहत अपने मकानों को निजी बिल्डर के माध्यम से नये सिरे से बनवा सकते हैं।

    44 सील भवनों के मालिकों को दिए गए प्रस्ताव
    - सभी भवनों को स्वीकृत आवासीय मानचित्र के मुताबिक उसी स्थिति में लाना होगा।
    - जिनका शत प्रतिशत व्यवसायिक निर्माण है उसे तोड़ना होगा।

    - सील 44 भवनों में प्रत्येक की वीडियोग्राफी कराकर अवैध हिस्सा निर्धारित किया जाएगा। सोमवार को आवास विकास उसी के मुताबिक नोटिस देगा।
    - भवन मालिक को अवैध हिस्से को तोड़कर शपथपत्र देना होगा। जिसे सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया जाएगा।
    - व्यापारियों के पुनर्वास के लिए तीन स्थानों पर भूमि चिह्नित करके वहां मार्केट बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जिसमें व्यापारियों को प्राथमिकता पर दुकानें आवंटित होंगी।

    प्रभारी मंत्री बोले, रिपोर्ट पर सीएम के साथ करेंगे मंथन, निकालेंगे समाधान
    मेरठ : कमिश्नरी में बैठक के बाद संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता के साथ व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल सर्किट हाउस में प्रभारी मंत्री असीम अरुण से भी मिला। उन्होंने प्रभारी मंत्री से भी सरकार के स्तर से व्यापारियों और आवंटियों की मदद कराने की मांग की। अजय गुप्ता ने बताया कि प्रभारी मंत्री ने उन्हें बताया है कि इस संबंध में उनकी सीएम से बात हुई है।

    अधिकारियों की यह टीम वापस लखनऊ पहुंचकर अपनी रिपोर्ट देगी। उसके बाद अधिकारियों के साथ सीएम और उनकी वार्ता होगी। जिसमें इस समस्या का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।