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मेरठ में नौ करोड़ की डिजिटल लाइब्रेरी अब जीआईसी परिसर में, अक्टूबर से शुरू होगा काम

Published: Tue, 08 Sep 2026 06:38 AM (IST)

मेरठ में मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना के तहत नौ करोड़ की लागत से डिजिटल लाइब्रेरी अब जीआईसी परिसर में बनेगी।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

जागरण संवाददाता, मेरठ। मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना के तहत स्वीकृति डिजिटल लाइब्रेरी के निर्माण की कवायद तेज हो गई है। नगर निगम ने अब बेगमपुल-बच्चा पार्क रोड स्थित जीआईसी परिसर में बनाने का फैसला किया है।

पहले यह सूरजकुंड स्थित महापौर कैंप कार्यालय में प्रस्तावित की गई थी, लेकिन यहां पर कांप्लेक्स प्रस्तावित कर दिया गया है। नगर निगम के मुख्य अभियंता ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मौखिक वार्ता के बाद संयुक्त निदेशक शिक्षा विभाग से सहमति लेने के लिए पत्र भेज दिया है।

साल भर पहले सितंबर 2025 में मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना के तहत मेरठ में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त दो मंजिला डिजिटल लाइब्रेरी बनाने की घोषणा की गई थी। करीब नौ करोड़ की लागत से इसका निर्माण होना है। पूरा साल डिजिटल लाइब्रेरी के लिए उपयोगी जमीन तलाशने में ही निकल गया।

कभी वेदव्यासपुरी में बनाने की बात चली। फिर इस क्षेत्र को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज, मेरठ कॉलेज से दूर होने के कारण अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों में आम सहमति नहीं बन पाई। करीब तीन से चार महीने बेकार चले गए।

इसके बाद महापौर कैंप कार्यालय सूरजकुंड में इसे प्रस्तावित किया गया। इसका डीपीआर भी तैयार हो गया था, लेकिन यहां पर बड़ा कांप्लेक्स प्रस्तावित कर दिया गया, जिसके बाद से जमीन तलाशी जा रही थी।

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार करीब 1100 वर्ग मीटर जमीन की जरूरत है। जीआईसी में गेट से घुसते ही एक किनारे जमीन चिह्नित की गई है।

शिक्षा विभाग के अधिकारी भी तैयार हैं। यह स्थान शांत और शहर की मुख्य रोड किनारे है। जो यूनिवर्सिटी, मेडिकल कॉलेज, मेरठ कॉलेज सहित कई और प्रमुख कॉलेज के करीब है।

भविष्य में बेगमपुल से बच्चा पार्क होते हुए मेडिकल कॉलेज तक मेट्रो ट्रेन का संचालन भी प्रस्तावित है। इससे भविष्य में डिजिटल लाइब्रेरी तक पहुंचना आसान होगा।

ये सुविधाएं मिलेंगी

  • दो मंजिला डिजिटल लाइब्रेरी बनेगी। 50 से ज्यादा कंप्यूटर लगेंगे।
  • प्रतियोगी परीक्षाओं और एकेडमिक किताबें डिजिटल फार्म में उपलब्ध होंगी।
  • बड़ी टच स्क्रीन लगाई जाएगी। इसमें छात्र या कोई भी अपनी जानकारी सर्च कर सकेगा।
  • बैठने, पढ़ने, पेयजल और कैफेटेरिया जैसी सुविधाएं मौजूद होंगी।

स्थल चयन कर लिया गया है। टेंडर भी निकाल दिया गया है। प्रक्रिया के तहत संयुक्त निदेशक शिक्षा विभाग से लिखित सहमति मांगी गई है। एक सप्ताह के अंदर इसे पूरा कर लिया जाएगा। टेंडर फाइनल कर अक्टूबर में कार्य शुरू हो जाएगा।

-प्रमोद कुमार सिंह, मुख्य अभियंता