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मेरठ में स्कूल के टॉयलेट में 7वीं के छात्र का मिला शव, हार्ट अटैक की आशंका

Published: Mon, 07 Sep 2026 10:29 PM (IST)

मेरठ के बसंत वैली पब्लिक स्कूल में सातवीं कक्षा का एक छात्र टॉयलेट में मृत पाया गया, जिसकी मौत का ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।

प्रतीकात्मक तस्वीर।

HighLights

  1. 13 वर्षीय छात्र कुणाल स्कूल टॉयलेट में मृत मिला।

  2. चिकित्सकों ने हार्ट अटैक को मौत का कारण बताया।

  3. परिवार ने बिना कानूनी कार्रवाई शव घर ले गया।

जागरण संवाददाता, मेरठ। बसंत वैली पब्लिक स्कूल के टॉयलेट में सोमवार को 13 वर्षीय कक्षा सात का छात्र मृत अवस्था में मिला। स्कूल की छुट्टी के बाद छात्र की खोजबीन की तो इस बारे में पता चला। टॉयलेट की अंदर से कुंडी लगी थी, जिसे स्टाफ ने खोलकर छात्र को बाहर निकाला और अस्पताल ले गए जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सीओ पंकज लवानिया का कहना है कि छात्र की मौत हार्ट अटैक से हुई है।

पेपर मिल में नौकरी करने वाले धर्मेंद्र शर्मा का बेटा कुणाल बसंत वैली पब्लिक स्कूल में कक्षा सात का छात्र था। दूसरा बेटा सचिन कक्षा छह में पढ़ता है। सोमवार को दोनों भाई ई-रिक्शा से स्कूल गए थे। दोपहर डेढ़ बजे विद्यालय की छुट्टी होने पर घर जाने के लिए अन्य बच्चे तो ई-रिक्शा में बैठ गए, लेकिन कुणाल नहीं पहुंचा। ई-रिक्शा चालक ने इसकी जानकारी स्कूल स्टाफ को दी।

स्टाफ ने कुणाल को तलाश किया तो उसका बैग कक्षा में रखा मिला। कुणाल को अन्य क्लास रूम में खोजा गया, लेकिन पता नहीं चला। इसके बाद स्टाफ ने शौचालय की जांच की तो एक शौचालय की अंदर से कुंडी लगी मिली। आवाज लगाई तो कोई हलचल नहीं हुई।

एक कर्मचारी को छत के रास्ते अंदर उतारा और उसने कुंडी खोली। कुणाल अचेत अवस्था में पड़ा था। प्रबंधन ने स्वजन को सूचना दी और छात्र को डा. अनिल शर्मा के क्लीनिक ले गया। वहां चिकित्सक न मिलने पर उसे डॉ. एमडी शर्मा के क्लीनिक ले गए, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।

इसी बीच मां अनीता भी स्वजन के साथ वहां पहुंच गई। वह बेटे को सीएचसी लेकर पहुंची, यहां भी चिकित्सक से उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद स्वजन उसे मेरठ अस्पताल ले गए। वहां भी चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित किया। बाद में स्वजन बिना किसी कानूनी कार्रवाई के शव घर ले गए। सीएचसी के चिकित्सक डॉ. अनिल शर्मा ने बताया कि जब बालक को लेकर स्वजन पहुंचे थे तो उससे आधे घंटे पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी।

छात्र की खोजबीन में लगा काफी समय
कुणाल शौचालय किस समय गया, इस बारे में स्कूल स्टाफ ने कुछ नहीं बताया। माना जा रहा है कि वह काफी देर तक टायलेट में अचेत अवस्था में रहा। यदि समय से पता चल जाता तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी। स्वजन के अनुसार कुणाल को किसी तरह की कोई बीमारी नहीं थी।

कुणाल पढ़ने में होशियार था। उसने अन्य बच्चों के साथ लंच भी किया था, लेकिन छुट्टी के समय वह टायलेट चला गया था। चिकित्सक ने हार्ट अटैक से मौत होना बताया। -अमित राणा, प्रबंधक, बसंत वैली पब्लिक स्कूल