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मेरठ में 4 KM में बस गईं 20 से ज्यादा अवैध काॅलोनियां, बिना मकान-दुकान वाली कॉलोनियों पर चली मेडा की JCB

By Sanjeev Kumar Jain Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Mon, 24 Aug 2026 04:08 PM (IST)

Meerut News: मेरठ में रुड़की रोड पर चार किमी के दायरे में 20-25 अवैध कॉलोनियां मिली हैं। सुप्रीम कोर्ट के ...और पढ़ें

उल्देपुर क्षेत्र में विकसित की जा रही काॅलोनी, सोमवार को एक कॉलोनी की सड़क उखाड़ती जेसीबी। जागरण

उल्देपुर क्षेत्र में विकसित की जा रही काॅलोनी, सोमवार को एक कॉलोनी की सड़क उखाड़ती जेसीबी। जागरण

HighLights

  1. कार्रवाई के नाम पर हो रही केवल खानापूर्ति ।

  2. चार किमी क्षेत्र में 20-25 अवैध कॉलोनियां चिह्नित।

जागरण संवाददाता, मेरठ। सुप्रीम कोर्ट में सेंट्रल मार्केट मामले की सुनवाई के दौरान मेरठ के उल्देपुर में अवैध और कच्ची काॅलोनियां बसा लिए जाने की शिकायत पहुंची थी। कोर्ट ने मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) को इस क्षेत्र में सर्वे के बाद कार्रवाई करते हुए इसकी रिपोर्ट 21 सितंबर को अगली सुनवाई के समय प्रस्तुत करने का आदेश दिया था।

मेडा अधिकारियों ने जांच की तो वहां बड़ी संख्या में अवैध काॅलोनियां मिलीं। रुड़की रोड पर थर्ड माइल स्टोन से लावड़ जाने वाले वाले मार्ग पर लगभग चार किमी के दायरे में ही 20-25 अवैध कालोनियां बसाई जा रही हैं। प्राधिकरण सोमवार को इन कालोनियों के विरुद्ध ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया। सेंट्रल मार्केट मामले में सुप्रीम कोर्ट में बीते 14 जुलाई को सुनवाई हुई थी।

मेडा उपाध्यक्ष ने डीएम और एसएसपी को भेजे पत्र में बताया है कि अवैध काॅलोनियों के विरुद्ध सोमवार को ध्वस्तीकरण अभियान चलाया जाना है। डीएम से इस कार्रवाई के लिए मजिस्ट्रेट नामित करने और एसएसपी से पुलिस तथा पीएसी उपलब्ध कराने की मांग की है। कार्रवाई के दौरान ऊर्जा निगम अधिकारियों से भी बिजली कनेक्शन काटने के लिए कर्मियों के साथ उपलब्ध रहने की मांग की।

मेडा उपाध्यक्ष संजय कुमार मीना ने बताया कि उल्देपुर में पहले भी ध्वस्तीकरण किया गया है। अब लगभग 10 अवैध कालोनियों को ध्वस्त किया जाना है। इसी के लिए पुलिस बल व मजिस्ट्रेट की मांग की है।

कार्रवाई के नाम पर हुई केवल खानापूर्ति 

उधर, सोमवार को कार्रवाई के लिए पहुंची टीम में शामिल प्राधिकरण, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को देखकर ही इस अभियान की गंभीरता का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। इस टीम में एमडीए के मात्र एक जेई धीरज यादव प्रवर्तन टीम के साथ पहुंचे, लेकिन उनके अलावा न पुलिस का कोई आला अधिकारी और न हीं प्रशासन से कोई अधिकारी यहां इस अभियान के लिए पहुंचा।

कार्रवाई के नाम पर भी केवल खानापूर्ति की जाती हुई दिखाई दे रही है। टीम ने अभी तक केवल दो ऐसी कॉलोनी में सड़क उखाड़ने का काम किया है जो छोटी-छोटी जमीनों में बसाई जा रही हैं और जहां पर अभी तक इक्का दुक्का निर्माण ही हुए हैं। इस क्षेत्र में 50 से लेकर 200 बीघा तक जमीन में कॉलोनियां बसाई जा रही है। मेन रोड पर दोनों और इन अवैध कॉलोनी की भरमार है।

उलदेपुर रोड पर एक कॉलोनी की मुख्य सड़क को दो जेसीबी मशीन से उखाड़ दिया। इस कालोनी का खसरा जगपाल के नाम से है। टीम ने बड़ी चतुराई से करीब चार बीघा जमीन में बन रही कॉलोनी की सड़क उखाड़ी। इस कॉलोनी में अभी तक कोई मकान-दुकान नहीं बना है। बाहर एक भूसे की बड़ी हॉलनुमा दुकान है। 

600 से ज्यादा अवैध काॅलोनियां, सुप्रीम कोर्ट में रखेंगे सच्चाई

सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका के वादी लोकेश खुराना ने बताया कि न्यायालय ने उनके अधिवक्ता से भी उल्देपुर में कार्रवाई में सहयोग करने को कहा है। उनके अधिवक्ता इस क्षेत्र का सर्वे करेंगे।
बताया कि प्राधिकरण की महायोजना-2031 के मुताबिक शहर में 308 अवैध काॅलोनियां चिह्नित हैं जबकि हकीकत में शहर में 600 से भी ज्यादा अवैध कालोनियां हैं। वहां लगातार निर्माण हो रहे हैं और लोगों ने असुरक्षित माहौल में रहना भी शुरू कर दिया है। उनका कहना है, कोर्ट ने प्राधिकरण को पूरे शहर में अवैध व्यावसायिक निर्माणों के सर्वे का आदेश दिया था, जिस पर अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है। ये सभी तथ्य सुप्रीम कोर्ट में रखे जाएंगे।

इन्होंने कहा

ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के लिए एसडीएम सरधना को मजिस्ट्रेट नामित किया है। कार्रवाई में जिला प्रशासन पूर्ण सहयोग करेगा।
-बृजेश सिंह, एडीएम सिटी