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    कांवड़ पटरी मार्ग पर बेटे संग कांवड़ ला रहीं शिवभक्त की तबीयत बिगड़ी, उपचार के दौरान मौत

    By Pankaj Tyagi Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Sun, 09 Aug 2026 05:10 PM (IST)

    हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहीं 55 वर्षीय शिवभक्त विनेश की मेरठ के मवाना में कांवड़ पटरी मार्ग पर तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। ...और पढ़ें

    अपने बेटे के साथ विनेश देवी। (फाइल फोटो)

    अपने बेटे के साथ विनेश देवी। (फाइल फोटो) 

    HighLights

    1. हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रही 55 वर्षीय शिवभक्त की मौत।

    2. मेरठ के मवाना क्षेत्र में कांवड़ पटरी मार्ग पर तबीयत बिगड़ गई।

    जागरण संवाददाता, मवाना (मेरठ)। शिवरात्रि पर भगवान आशुतोष का जलाभिषेक करने के लिए हरिद्वार से गंगाजल लेकर बुलंदशहर के बीबी नगर थाना क्षेत्र के गांव इकलैड़ी लौट रहीं 55 वर्षीया शिवभक्त की मध्य गंगनहर कांवड़ पटरी मार्ग पर रविवार सुबह तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तत्काल सीएचसी लाया गया, जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर एसडीएम संतोष कुमार सिंह व सीओ पंकज लवानिया भी पहुंच गए। पुलिस ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू की, लेकिन स्वजन के कार्रवाई से मना करने पंचनामा भरकर शव स्वजन को सौंप दिया गया।

    बुलंदशहर के बीबीनगर थाना क्षेत्र के ग्राम इकलैड़ी निवासी 55 वर्षीय विनेश पत्नी स्व. संजय चौधरी अपने 28 वर्षीय पुत्र आशु चौधरी के साथ 5 अगस्त को हरिद्वार से गंगाजल लेने गईं थीं। 6 अगस्त की सुबह जल लेकर पैदल चली थीं। रविवार सुबह नौ बजे झुनझुनी नहर पटरी पर उन्हें उल्टी होने के साथ घबराहट महसूस होने लगी। हालत बिगड़ने पर बेटे आशु कुमार ने पुलिस की मदद से उन्हें सीएचसी भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने विनेश को मृत घोषित कर दिया।

    सूचना मिलने पर एसडीएम संतोष कुमार सिंह, सीओ पंकज लवानिया, थाना प्रभारी निरीक्षक ब्रहमकुमार त्रिपाठी भी सीएचसी पहुंच गए। पुलिस ने मृतका के स्वजन को सूचना दी। पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू की, लेकिन मृतक के बेटे व अन्य स्वजन द्वारा कार्रवाई से मना करने पर शव पंचनामा भरकर स्वजन को सौंप दिया।

    20 वर्षों से ला रही थीं कांवड़
    मृतका के बेटे आशु चौधरी ने बताया कि जब वे करीब पांच वर्ष के थे, तब पिता की मौत हो गई थी। मां विनेश परिवार की सुख शांति के लिए लगभग 20 वर्षों से लगातार कांवड़ ला रही थी। इस बार भी कांवड़ लेने गई थी, लेकिन क्या पता था कि मां को इस तरह लेकर लौटूंगा। मृतका के बेटे ने बताया कि वे इकलौते पुत्र हैं। लौटते समय आज सुबह करीब नौ बजे अचानक उनकी तबियत बिगड़ गई थी। सीएचसी लेकर पहुंचे तो उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

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