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जैश-ए-मोहम्मद के लिए चंदा वसूली करने वाले जफर को ATS ने मेरठ से दबोचा, मसूद अजहर से प्रभावित था बिहार का युवक

By Sushil Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Mon, 17 Aug 2026 06:38 PM (IST)

Meerut News: एटीएस ने मेरठ से जैश-ए-मोहम्मद के लिए काम कर रहे मोहम्मद जफर को गिरफ्तार किया है। वह छह ...और पढ़ें

मोहम्मद जफर।

मोहम्मद जफर।

HighLights

  1. मुजाहिद बनने के लिए मस्जिदों के नाम पर चंदा लेकर पाकिस्तान भेजता था

  2. 2020 से मसूद अजहर से साहित्य से लोगों को उकसाने का काम कर रहा था

जागरण संवाददाता, मेरठ। एटीएस (आतंकवाद निरोधक दस्ता) ने कोतवाली थाना क्षेत्र की एक मस्जिद से 24 वर्षीय मोहम्मद जफर को गिरफ्तार किया है। जफर पिछले छह वर्षों से पाकिस्तान में स्थित अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के लिए काम कर रहा था।

वह मस्जिदों के नाम पर चंदा वसूल कर उसे पाकिस्तान भेजता था। एटीएस की रडार पर आने के बाद, टीम ने जफर के खिलाफ साक्ष्य जुटाने के बाद रविवार को उसकी धरपकड़ की।

एटीएस के आइजी प्रेम कुमार गौतम ने बताया कि बिहार के पूर्णिया जनपद के थारा रौटा स्थित मीरगंज निवासी मोहम्मद जफर को मेरठ कोतवाली थाना क्षेत्र की एक मस्जिद से गिरफ्तार किया गया। जफर एक महीने पहले ही बिहार से मेरठ आया था और मस्जिद के नाम पर चंदा एकत्र कर जैश-ए-मोहम्मद को भेज रहा था, ताकि भारत में जेहाद किया जा सके।

जफर जैश-ए-मोहम्मद का मुजाहिद बनना चाहता था और इसी कारण से वह मसूद अजहर के साहित्य से लोगों को जेहाद के लिए उकसाता था। जफर के सोशल मीडिया विश्लेषण से यह भी पता चला कि वह जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर की भड़काऊ तकरीरें साझा कर लोगों को हिंसात्मक जेहाद के लिए प्रेरित कर रहा था।

पूछताछ में जफर ने बताया कि उसने पढ़ाई के दौरान जैश-ए-मोहम्मद के बारे में पढ़ा था, जिससे उसके अंदर जेहाद का जज्बा जागा। मौलाना मसूद अजहर के प्रभाव में आकर वह मुजाहिद बनना चाहता था।

जफर के फोन में कई पाकिस्तानी जेहादी वाट्सएप ग्रुप मिले हैं, जिनमें जिहाद और चंदे के संबंध में बातचीत की गई है। वह अपनी फेसबुक आईडी के माध्यम से अपना चेहरा ढककर जेहाद और खिलाफत के बारे में बयान देता था। जैश-ए-मोहम्मद के जिहादी ग्रुप से जुड़कर, जफर पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में आया और जिहाद में मदद करने का प्रस्ताव दिया।

जफर ने पाकिस्तानी खाते में पैसे भेजने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुआ। इसके बाद उसने बाइनेंस अकाउंट मांगा और अन्य पाकिस्तानी संदिग्ध व्यक्तियों से जुड़कर, बाइनेंस की मदद से यूएसडीटी के रूप में कई बार पैसा भेजा। पूछताछ में जफर ने अपने सभी अपराध स्वीकार कर लिए हैं। उसके कब्जे से बरामद मोबाइल और अन्य साक्ष्यों की विस्तृत जांच की जा रही है।

इन धाराओं में हुई कार्रवाई :

  • बीएनएस 152 : भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाले कृत्यों, अलगाववाद या सशस्त्र विद्रोह को उकसाने के आरोप :
  • बीएनएस 61(2): आपराधिक षड्यंत्र करने का आरोप :
  • बीएनएस 18: किसी आतंकवादी कृत्य को अंजाम देने की साजिश रचना
  • बीएनएस 38: किसी आतंकवादी संगठन की सदस्यता से जुड़े होने या उसके क्रियाकलपों में हिस्सा लेने से संबंधित है।