हस्तिनापुर में जंगली सूअर की तस्करी: वाट्सएप पर आती थी डिमांड, बाइक से सप्लाई करते थे मांस
हस्तिनापुर वन क्षेत्र में जंगली सूअर का अवैध शिकार करने वाले तीन आरोपितों को वन विभाग ने गिरफ्तार किया। तीनों को वन मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया औ ...और पढ़ें

HighLights
हस्तिनापुर में तीन शिकारी जंगली सूअर का शिकार करते पकड़े गए।
वन विभाग ने आरोपितों से छह लाख रुपये का जुर्माना वसूला।
शिकारी वाट्सएप पर डिमांड लेकर मांस सप्लाई करते थे।
जागरण संवाददाता, मेरठ। हस्तिनापुर वन क्षेत्र में वन विभाग ने वन्य जीवों के अवैध शिकार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जंगली सूअर का शिकार करने वाले तीन आरोपितों को गत शुक्रवार को गिरफ्तार किया था।
पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वाट्सएप पर जंगली सूअर के मांस की डिमांड आती थी और इसके बाद तीनों आरोपित बाइक से मांस को सप्लाई करते थे। तीनों आरोपितों को वन मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया।
उन्होंने माफी मांगते हुए कहा कि आगे से नहीं करेंगे। जिसके बाद मजिस्ट्रेट ने तीनों पर छह लाख जुर्माना लगाया। तीनों ने जब जुर्माना जमा कर दिया तो उन्हें रिहा कर दिया।
प्रभागीय निदेशक वानिकी वंदना फोगाट ने बताया कि उन्हें सूचना मिली कि हस्तिनापुर वन्य क्षेत्र के एक किसान के नलकूप पर कुछ शिकारी जंगली सूअर का शिकार कर रहे हैं, जिसके बाद वन विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया और तीन आरोपित नीचा राठौर निवासी हरदेव उर्फ डिब्बू, गुरबख्श और रामराज निवासी बलबीर को मौके से गिरफ्तार किया गया।
तीनों के पास से शिकार में इस्तेमाल होने वाले जाल, करंट फैलाने वाले तार, देशी कट्टा, छूरा, तंदूरी भट्टी और कच्ची शराब बरामद हुई।
पूछताछ के दौरान तीनों ने बताया कि वह जंगली सूअर का शिकार काफी समय से करते आ रहे हैं। वह जंगल में सूअर को काटते हैं और उसके बाद मांस को लोगों को सप्लाई करते हैं। जिससे उन्हें आमदनी होती है। तीनों से छह लाख रुपये जुर्माना वसूला गया है।
वन विभाग ने आरोपितों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम-1972 की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। वन क्षेत्राधिकारी खुशबू उपाध्याय ने कहा कि हस्तिनापुर वन क्षेत्र में वन्यजीवों का अवैध शिकार, तस्करी या उन्हें नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति या गिरोह को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
इस टीम को मिली सफलता
इस अभियान में वन दारोगा अंकित यादव, ऋषभ सिंह और गौरव गर्ग के साथ वन रक्षक अतुल स्वामी, नितिन कुमार, नितिन त्यागी और राजेश्वर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वन विभाग की टीम को शक है कि आरोपित हिरण जैसे वन्य जीव का भी शिकार करते होंगे। हालांकि, पूछताछ में उन्होंने केवल जंगली सूअर का शिकार करने की बात स्वीकार की है।