मेरठ में पान की दुकान पर होता था सौदा, घर में कराई जाती थी जिस्मफरोशी; नाबालिग लड़की को भी पुलिस ने किया रेस्क्यू
Meerut News : मेरठ में जिस्मफरोशी रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। गिरफ्तार आरोपितों में गृह स्वामी, उसके दो बेटे और पत्नी भी शामिल हैं।छापामारी के दौरान घर ...और पढ़ें

पुलिस गिरफ्त में जिस्मफरोशी के आरोपित।
HighLights
गृह स्वामी इरशाद, उसके दोनों बेटे और एजेंट ताबिज और सामिर को भी आरोपित बनाया।
छह महिलाएं स्वजन के सिपुर्द की गई, गृह स्वामी की पत्नी शगुफ्ता आशा ज्योति केंद्र भेजी।
जागरण संवाददाता, मेरठ। घंटाघर स्थित पान की दुकान पर ग्राहकों से सौदा तय होने के बाद भटीपुरा में जिस्मफरोशी कराई जाती थी। पुलिस ने सोमवार की रात छापे के दौरान गिरफ्तार किए आरोपितों के अलावा गृह स्वामी इरशाद उर्फ पिंटू और उसके दोनों बेटे रिजवान एवं रिहान व दो एजेंटों पर भी एफआइआर दर्ज की है।
गृह स्वामी की पत्नी शगुफ्ता को आशा ज्योति केंद्र और एक ग्राहक माजिद मलिक और एजेंट साहिल उर्फ दानियाल, ताबिश और शाकिर को सिविल लाइन थाने में रखा गया है। सभी के खिलाफ अनैतिक देह व्यापार का मुकदमा दर्ज किया गया है।
एएसपी कैंट नवीना शुक्ला ने रेलवे रोड थाने के भटीपुरा देवीपुरी में इरशाद उर्फ पिंटू के घर पर छापा मारकर जिस्मफरोशी पकड़ी थी। मौके से गृह स्वामी की पत्नी शगुफ्ता समेत सात महिलाओं को थाने लाया गया। साथ ही ग्राहक माजिद मलिक निवासी खैरनगर और एजेंट साहिल उर्फ दानियाल और शाकिर निवासीगण भटीपुरा देवीपुरी, ताबिश निवासी कोटला घंटाघर को मौके से पकड़ लिया गया।
रेलवे रोड थाने में अनैतिक देह व्यापार का मुकदमा गृह स्वामी इरशाद उर्फ पिंटू पठान, उसके दोनों बेटे रिजवान व रिहान, पत्नी शगुफ्ता, ग्राहक साहिल और एजेंट माजिद, ताबिज और शाकिर के खिलाफ दर्ज कर विवेचना सीओ सिविल लाइन शुचिता सिंह को दी गई।
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एएसपी नवीना शुक्ला ने बताया कि घंटाघर पर पान की दुकान करने वाला ताबीज उसके साथी साहिल और सामिर ग्राहकों को मोबाइल पर फोटो दिखाकर सौदा तय करते थे। वहीं पर पैसे लेकर ग्राहक को पर्ची दे दी जाती थी। पर्ची लेकर ही ग्राहक भटीपुरा देवीपुरी में पहुंचते थे।
नाबालिग से भी कराई जा रही थी जिस्मफरोशी
भटीपुरा देवीपुरी में छापामारी के दौरान घर के अंदर से एक नाबालिग को भी पुलिस ने रेस्क्यू किया था। पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि उसके माता-पिता में विवाद चल रहा है। भाई और भाभी अलग रहने लगे हैं। ऐसे में मां और उसका खर्च चलाने के लिए ही वह यह काम करने लगी थी। गृह स्वामी इरशाद ने नाबालिग और उसकी मां को अपने मकान में रहने के लिए भी कमरा दिया था।
पुलिस ने उसके पिता को थाने बुलाकर नाबालिग को सौंप दिया है। नाबालिग के भाई की पत्नी भी इसी धंधे में शामिल है। उसे भी परिवार के सिपुर्द कर दिया है। सीओ शुचिता सिंह ने बताया कि दिनभर कार्रवाई के चलते आरोपित कोर्ट में पेश नहीं हो सके है। शगुफ्ता और माजिद, ताबिज, शाकिर एवं साहिल को बुधवार कोर्ट में पेश किया जाएगा।